हैदराबाद: पिछले वर्ष गणेश उत्सव के दौरान ₹51 लाख की रिकॉर्ड बोली लगाकर गणेश लड्डू खरीदने के कारण चर्चा में आए हैदराबाद के कारोबारी कोंडापल्ली गणेश के खिलाफ अब करोड़ों रुपये की कथित निवेश ठगी का मामला दर्ज किया गया है। साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing-EOW) ने आरोप लगाया है कि गणेश ने अपने सहयोगी बोयिनपल्ली किरण के साथ मिलकर पांच निवेशकों को 6 प्रतिशत मासिक रिटर्न का लालच देकर कथित रूप से ₹3.45 करोड़ की ठगी की।
पुलिस के अनुसार, आरोपी कोंडापल्ली गणेश गाचीबौली स्थित प्रतिष्ठित माय होम भोजा (My Home Bhooja) गेटेड कम्युनिटी का निवासी था। सितंबर 2025 में आयोजित गणेश उत्सव के दौरान उसने सोसाइटी की गणेश लड्डू नीलामी में ₹51 लाख की रिकॉर्ड बोली लगाकर व्यापक सुर्खियां बटोरी थीं। नीलामी के बाद उसने लड्डू को सोसाइटी के निवासियों में वितरित किया, जिससे उसकी छवि एक समृद्ध और प्रभावशाली व्यवसायी के रूप में बनी।
जांच के अनुसार, इसी पहचान और भरोसे का फायदा उठाकर आरोपियों ने निवेशकों को अपने कथित कारोबारी निवेश योजना में धन लगाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस का कहना है कि गणेश और उसका सहयोगी बोयिनपल्ली किरण, सोसाइटी के ही एक अन्य निवासी के माध्यम से सिल्विया और उनके पति श्रीनिवास रेड्डी के संपर्क में आए। दोनों आरोपियों ने दंपति को आश्वासन दिया कि निवेश पर हर महीने 6 प्रतिशत का निश्चित रिटर्न मिलेगा।
इन दावों पर विश्वास करते हुए दंपति ने शुरुआती चरण में ₹31 लाख निवेश कर दिए। हालांकि, तय समय पर रिटर्न मांगने पर आरोपियों ने लगातार भुगतान टालना शुरू कर दिया। बाद में दोनों कथित रूप से संपर्क से बाहर हो गए, जिससे निवेशकों को धोखाधड़ी की आशंका हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि अप्रैल 2026 में कोंडापल्ली गणेश और बोयिनपल्ली किरण ने माय होम भोजा स्थित अपने फ्लैट खाली कर दिए। जब पीड़ितों ने उनकी तलाश शुरू की और अन्य निवासियों से जानकारी जुटाई, तब पता चला कि इसी तरह के निवेश प्रस्ताव देकर कई अन्य लोगों से भी बड़ी रकम ली गई थी।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपियों ने पांच निवेशकों से कुल ₹3.45 करोड़ जुटाए। पीड़ितों में कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी अधिक मुनाफे के लालच में निवेश कर दी थी। जब उन्हें न तो वादा किया गया मासिक रिटर्न मिला और न ही मूलधन वापस हुआ, तब उन्होंने साइबराबाद पुलिस से संपर्क किया।
शिकायतों के आधार पर साइबराबाद आर्थिक अपराध शाखा ने कोंडापल्ली गणेश और बोयिनपल्ली किरण के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इसी तरीके से अन्य लोगों को भी निवेश के नाम पर ठगा गया है और क्या इस कथित नेटवर्क में अन्य व्यक्तियों की भी भूमिका रही है।
प्रख्यात साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि निवेश पर असामान्य रूप से अधिक और निश्चित मासिक रिटर्न का दावा अक्सर वित्तीय धोखाधड़ी का प्रमुख संकेत होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी निवेश योजना में धन लगाने से पहले कंपनी, उसके पंजीकरण, कारोबारी मॉडल और नियामकीय अनुमतियों की स्वतंत्र रूप से जांच करना आवश्यक है। केवल व्यक्तिगत पहचान, सामाजिक प्रतिष्ठा या दिखावटी आर्थिक हैसियत के आधार पर निवेश का निर्णय नहीं लेना चाहिए।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच करें और अवास्तविक मुनाफे के दावों से सतर्क रहें। यदि कोई व्यक्ति निवेश के नाम पर संदिग्ध प्रस्ताव देता है या धन लेने के बाद भुगतान टालता है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित पुलिस अथवा आर्थिक अपराध शाखा को दें। जांच एजेंसियां अब आरोपियों के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान कर पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हैं।
