नई दिल्ली। जमीन के फर्जीवाड़े के मामले में द्वारका जिले की वाहन चोरी निरोधक शाखा ने करीब एक साल से फरार चल रहे 67 वर्षीय आरोपी को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान ब्रह्म स्वरूप भारद्वाज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसने अपने पुरुष और महिला साथियों के साथ मिलकर तिहाड़ जेल से सेवानिवृत्त एक फार्मासिस्ट को जमीन के अलग-अलग प्लॉट बेचने का झांसा दिया और फर्जी दस्तावेजों के जरिए करीब ₹1.75 करोड़ की रकम ठग ली। आरोपी की गिरफ्तारी पर ₹50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित वरिष्ठ नागरिक हैं और सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी पेंशन से वर्षों की बचत कर रहे थे। आरोप है कि वर्ष 2024-25 के दौरान ब्रह्म स्वरूप और उसके साथियों ने पीड़ित को जमीन के कई सौदे कराने का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने अलग-अलग प्लॉट उपलब्ध होने की बात कहते हुए उन्हें खरीदने के लिए रकम देने के लिए तैयार किया।
जांच में आरोप है कि जमीन के इन सौदों को वास्तविक दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। पीड़ित को जमीन से संबंधित दस्तावेज दिखाकर भरोसा कायम किया गया और इसके बाद उनसे अलग-अलग चरणों में रकम ली गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने इसी तरीके से पीड़ित की वर्षों की पेंशन से जमा की गई बचत को निशाना बनाया। बाद में जब जमीन के सौदों की वास्तविकता सामने आने लगी तो पीड़ित को कथित धोखाधड़ी का एहसास हुआ।
फर्जीवाड़े का पता चलने के बाद पीड़ित ने वर्ष 2025 में रणहौला थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। हालांकि, मामला दर्ज होने के बाद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचते रहे और अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदलते रहे।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट हासिल किए। इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी। पुलिस के अनुसार, पांच वांछित आरोपियों पर 3 सितंबर 2026 को ₹50-₹50 हजार का इनाम घोषित किया गया। इसके बाद फरार आरोपियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी शुरू की गई।
द्वारका वाहन चोरी निरोधक शाखा ने ब्रह्म स्वरूप भारद्वाज की तलाश के लिए तकनीकी और स्थानीय स्तर पर निगरानी की। पुलिस टीम ने करीब सात दिनों तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और उसके संभावित ठिकानों तथा आवाजाही से जुड़ी जानकारी जुटाई। इसी निगरानी के दौरान पुलिस को उसके सोनीपत में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 13 सितंबर को सोनीपत, हरियाणा से ब्रह्म स्वरूप भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर कथित जमीन घोटाले में उसके साथ शामिल अन्य लोगों की भूमिका और ठगी की रकम के बारे में जानकारी जुटा रही है।
जांच एजेंसी फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन के कथित सौदों में इस्तेमाल किए गए कागजात की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जिन प्लॉटों को बेचने का दावा किया गया था, उनकी वास्तविक स्थिति क्या थी और दस्तावेज किस तरह तैयार या इस्तेमाल किए गए।
पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। जांच में आरोपियों के बीच संपर्क, पैसों के लेनदेन और पीड़ित से प्राप्त रकम के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है। ब्रह्म स्वरूप की गिरफ्तारी से करीब एक साल से लंबित मामले में जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
