हांसी : हरियाणा के हांसी में मोबाइल नंबर दिलाने के नाम पर ₹4.79 लाख की कथित साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान दिल्ली के रोहिणी निवासी साहिल बजाज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता को मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने और भुगतान के बाद रकम वापस मिलने का भरोसा देकर अलग-अलग माध्यमों से कई बार ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹10 हजार नकद बरामद किए हैं।
यह कार्रवाई साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘Operation Trackdown’ के तहत की गई। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर कथित ठगी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
मोबाइल नंबर के नाम पर शुरू हुई ठगी
मामला हांसी निवासी मंगल सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के नाम पर आरोपियों ने संपर्क किया। कथित तौर पर उसे बताया गया कि कुछ आवश्यक भुगतान करने के बाद मोबाइल नंबर उपलब्ध करा दिया जाएगा और संबंधित प्रक्रिया पूरी होने पर भुगतान की गई रकम वापस कर दी जाएगी।
शुरुआत में यह प्रक्रिया सामान्य लगने के कारण शिकायतकर्ता ने आरोपियों की बातों पर भरोसा किया। इसके बाद कथित ठगों ने अलग-अलग कारण बताकर उससे बार-बार भुगतान करने को कहा। हर बार उसे यह विश्वास दिलाया गया कि अगला भुगतान करने के बाद मोबाइल नंबर की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और पहले दी गई रकम भी वापस कर दी जाएगी।
कई बार भुगतान कराए, कुल ₹4.79 लाख निकले
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की बातों में आकर मंगल सिंह ने अलग-अलग ऑनलाइन माध्यमों से कुल ₹4,79,670 का भुगतान कर दिया। लगातार रकम भेजने के बावजूद न तो उसे कथित तौर पर मोबाइल नंबर मिला और न ही उसके द्वारा जमा की गई रकम वापस की गई।
जब भुगतान की मांग लगातार बढ़ती गई और वादा पूरा नहीं हुआ तो शिकायतकर्ता को संदेह हुआ। इसके बाद उसे अपने साथ हुई कथित साइबर धोखाधड़ी का पता चला। उसने मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके आधार पर साइबर थाना हांसी में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने ऑनलाइन भुगतान से जुड़े विवरण, बैंकिंग लेनदेन और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।
दिल्ली से साहिल बजाज गिरफ्तार
जांच में आरोपी की पहचान साहिल बजाज, निवासी रोहिणी, दिल्ली के रूप में हुई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे से ₹10 हजार नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद रकम कथित ठगी की राशि से जुड़ी है या नहीं। इसके अलावा आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल फोन, डिजिटल भुगतान और अन्य संभावित संपर्कों की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शिकायतकर्ता से संपर्क करने और रकम ट्रांसफर कराने में साहिल बजाज की क्या भूमिका थी। यदि रकम अलग-अलग खातों में भेजी गई है तो उन खातों के धारकों और लेनदेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
अन्य आरोपियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार, मामले में अभी जांच जारी है और कथित ठगी में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि शिकायतकर्ता को मोबाइल नंबर दिलाने का झांसा देने वाला मुख्य व्यक्ति कौन था और उसके पीछे कितने लोग काम कर रहे थे।
पुलिस यह भी जांच सकती है कि आरोपी ने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी निशाना बनाया था या नहीं। इसके लिए उसके मोबाइल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और डिजिटल संपर्कों से जुड़े साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग किस तरह छोटी और सामान्य लगने वाली सेवाओं के नाम पर लोगों को भुगतान के जाल में फंसा सकते हैं। मोबाइल नंबर, सिम एक्टिवेशन या किसी अन्य सेवा के नाम पर बार-बार भुगतान मांगना साइबर धोखाधड़ी का संकेत हो सकता है। पुलिस ने लोगों से ऐसे मामलों में भुगतान से पहले पूरी जानकारी सत्यापित करने और संदिग्ध लेनदेन होने पर तत्काल साइबर पुलिस को शिकायत देने की अपील की है।
