अमेरिकी वित्तीय अपराध निगरानी एजेंसी ने 33,904 बैंक रिपोर्टों का विश्लेषण किया; प्रेम संबंध और फर्जी निवेश मंचों के जरिए लोगों को निशाना बनाने वाले संगठित गिरोहों का खुलासा

दक्षिण-पूर्व एशिया के क्रिप्टो ठगी नेटवर्क पर FinCEN की नजर, ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा की संदिग्ध गतिविधियां

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By Roopa
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वॉशिंगटन। अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी ठगी के बढ़ते नेटवर्क को लेकर वित्तीय अपराधों की निगरानी करने वाली एजेंसी Financial Crimes Enforcement Network (FinCEN) ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी के अनुसार, सितंबर 2023 से दिसंबर 2025 के बीच दर्ज संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े 33,904 बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच में करीब ₹1.07 लाख करोड़ की संदिग्ध डिजिटल परिसंपत्ति ठगी का पता चला है।

FinCEN अमेरिकी वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी है। उसकी नई चेतावनी और रुझान संबंधी रिपोर्ट में बताया गया है कि ठगी के बड़े हिस्से का संबंध दक्षिण-पूर्व एशिया में संचालित संगठित अपराध केंद्रों से है। इन गिरोहों ने तकनीक और लोगों के भरोसे का फायदा उठाकर अमेरिका के लगभग सभी राज्यों और कई क्षेत्रों में पीड़ितों को निशाना बनाया।

प्रेम संबंध से शुरू होती है ठगी

रिपोर्ट के मुताबिक, इन अपराधों में तथाकथित ‘पिग बुचरिंग’ या रोमांस आधारित ठगी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। इसमें अपराधी पहले इंटरनेट के जरिए पीड़ितों से संपर्क करते हैं और कई सप्ताह तक उनके साथ भरोसे का संबंध बनाते हैं।

इसके बाद पीड़ितों को कथित निवेश के लिए तैयार किया जाता है। अपराधी नकली पहचान का इस्तेमाल करते हैं और कई मामलों में फर्जी निवेश वेबसाइट तथा मोबाइल ऐप तैयार करते हैं। इन मंचों पर पीड़ितों को उनके निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा दिया जाता है।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के आतंकवाद और वित्तीय खुफिया मामलों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी Gene Lange के अनुसार, ऐसे गिरोह नई तकनीक और मानवीय भरोसे का एक साथ फायदा उठा रहे हैं, जिससे आम अमेरिकी नागरिकों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

दक्षिण-पूर्व एशिया में संचालित होते हैं गिरोह

FinCEN के अनुसार, इन ठगी अभियानों का संचालन अक्सर दक्षिण-पूर्व एशिया में बने बड़े अपराध केंद्रों से किया जाता है। इन परिसरों में काम करने वाले लोग इंटरनेट के जरिए संभावित पीड़ितों से संपर्क करते हैं और उन्हें धीरे-धीरे फर्जी निवेश योजनाओं की ओर ले जाते हैं।

जांच में सामने आया कि अपराधी केवल ठगी तक सीमित नहीं रहते, बल्कि चोरी की रकम को अलग-अलग माध्यमों से दूसरे देशों में भेजने के लिए संगठित वित्तीय नेटवर्क का भी इस्तेमाल करते हैं।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

चोरी की रकम को खपाने के लिए अलग नेटवर्क

FinCEN ने बताया कि अपराधी कथित ‘गारंटी बाजारों’ का इस्तेमाल भी करते हैं। ऐसे ऑनलाइन बाजारों में फर्जी खातों के निर्माण, फिशिंग उपकरण और अवैध धन को छिपाने या स्थानांतरित करने जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

इसके बाद पेशेवर धनशोधनकर्ता बैंक खाते और मुखौटा कंपनियां बनाकर रकम को तेजी से अलग-अलग देशों में भेजते हैं। जांच में धन वाहक यानी ‘मनी म्यूल’ नेटवर्क के इस्तेमाल के मामले भी सामने आए हैं।

इसके अलावा, स्थिर मूल्य वाली क्रिप्टोकरेंसी यानी स्टेबलकॉइन के जरिए रकम को विदेशी डिजिटल परिसंपत्ति विनिमय मंचों तक पहुंचाने का तरीका भी सामने आया है। इससे ठगी की रकम को पारंपरिक बैंक हस्तांतरण की तुलना में अलग-अलग स्तरों पर स्थानांतरित करना आसान हो जाता है।

बैंकों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह

FinCEN ने वित्तीय संस्थानों से ऐसे लेनदेन की पहचान करने और संदिग्ध गतिविधि मिलने पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। एजेंसी ने अमेरिकी कानून की धारा 314(b) का भी उल्लेख किया है, जिसके तहत वित्तीय संस्थान कुछ परिस्थितियों में सुरक्षित कानूनी दायरे में संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा कर सकते हैं।

एजेंसी का Rapid Response Program विदेशी वित्तीय खुफिया इकाइयों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान करता है। इसका उद्देश्य संदिग्ध धन हस्तांतरण की पहचान कर रकम को जल्द रोकना है।

ठगी का पता चलते ही बैंक से संपर्क की सलाह

FinCEN ने लोगों को सलाह दी है कि यदि उन्हें ठगी का पता चलता है तो वे तुरंत अपने बैंक या वित्तीय संस्थान से संपर्क करें। पीड़ित FBI के Internet Crime Complaint Center में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा अमेरिकी Secret Service के नजदीकी कार्यालय से भी सहायता ली जा सकती है।

रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब ऑनलाइन निवेश ठगी और क्रिप्टोकरेंसी आधारित अपराधों में संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका लगातार सामने आ रही है। FinCEN के अनुसार, उसका उद्देश्य वित्तीय संस्थानों को इन तरीकों की पहचान करने में मदद करना और ठगी की रकम को अपराधियों तक पहुंचने से पहले रोकने की क्षमता बढ़ाना है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, अनजान लोगों से सोशल मीडिया या संदेश मंचों पर शुरू होने वाले निवेश प्रस्ताव, असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का दावा और फर्जी निवेश ऐप ऐसे मामलों में प्रमुख चेतावनी संकेत हो सकते हैं।

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