नई दिल्ली: असम में कथित अनियमित जमा राशि जुटाने और मल्टी-लेवल मार्केटिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब ₹15.25 करोड़ मूल्य की संपत्तियां अटैच की हैं। कार्रवाई के तहत एक Porsche, एक Mercedes-Benz, बैंक खातों में जमा रकम, फिक्स्ड डिपॉजिट और शेयर बाजार से जुड़े एक ट्रेडिंग अकाउंट को जांच के दायरे में लेते हुए अटैच किया गया है। मामला GoMillions LLP से जुड़ा है, जिस पर बिना नियामकीय अनुमति के लोगों से कथित तौर पर जमा राशि लेने और निवेश पर असामान्य रिटर्न का वादा करने का आरोप है।
ED की जांच की शुरुआत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की गुवाहाटी स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा दर्ज FIR के आधार पर हुई। एजेंसी अब कथित अपराध से अर्जित रकम के स्रोत, उसके विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से किए गए लेनदेन और बाद में संपत्तियों में किए गए निवेश की पड़ताल कर रही है।
जांच के केंद्र में कंपनी के प्रमोटर ऋषिराज गोगोई, जॉय मोदक और उनके सहयोगी हैं। आरोप है कि इन लोगों ने कथित तौर पर ‘TradeBull’ नाम से एक मार्केटिंग एजेंसी संचालित की और लोगों से निवेश के नाम पर रकम जुटाई। निवेशकों को प्रतिदिन 0.85 प्रतिशत तक निश्चित रिटर्न और करीब छह महीने में निवेश की रकम दोगुनी होने का भरोसा दिए जाने का आरोप है।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह गतिविधि सार्वजनिक जमा स्वीकार करने के लिए किसी नियामक से आवश्यक पंजीकरण या अनुमति के बिना संचालित की जा रही थी। ऐसे में एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि निवेशकों से कितनी रकम जुटाई गई, उसे किस तरीके से विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया गया और कथित योजना से जुड़े लोगों को उससे कितना आर्थिक लाभ मिला।
जांच के दौरान GoMillions LLP के सर्वर से 25,410 से अधिक अलग-अलग निवेशक पहचान से संबंधित डेटा सामने आने का दावा किया गया है। एजेंसी के अनुसार, इन निवेशकों के प्रति कुल भुगतान देनदारी करीब ₹34.93 करोड़ पाई गई। यह आंकड़ा कथित योजना में शामिल निवेशकों और उन पर बकाया रकम की जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ED के मुताबिक, GoMillions LLP के प्रमुख बैंक खातों में करीब ₹63.41 करोड़ जमा किए गए थे। एजेंसी को संदेह है कि कथित अपराध से अर्जित रकम को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय कई संबद्ध संस्थाओं के जरिए अलग-अलग स्तरों पर स्थानांतरित किया गया। जांच में Rightway Infocom Pvt. Ltd., Carely Solutions Pvt. Ltd. और Lotus Corporation जैसी संबंधित संस्थाओं के माध्यम से रकम के लेनदेन की पड़ताल की गई है।
एजेंसी का आरोप है कि कथित अपराध से अर्जित रकम को इन संस्थाओं के माध्यम से आगे बढ़ाने के बाद प्रमोटरों और उनके परिवार के सदस्यों के निजी बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया। जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि इन कंपनियों के बीच हुए लेनदेन का वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इनका इस्तेमाल कथित अपराध की रकम को छिपाने या वैध दिखाने के लिए किया गया।
ED ने यह भी पाया कि कथित अपराध से अर्जित रकम का इस्तेमाल महंगी संपत्तियां खरीदने में किया गया। इसी क्रम में Porsche और Mercedes-Benz जैसी लग्जरी कारों को जांच में शामिल किया गया है। इसके अलावा शेयर बाजार से जुड़े ट्रेडिंग अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश की भी पहचान की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, मूल मामले की जांच के दौरान बेहिसाब नकदी भी बरामद की गई थी। ED अब नकदी समेत अन्य वित्तीय संसाधनों के स्रोत और उनके इस्तेमाल का मिलान कर रही है। एजेंसी यह भी जांच रही है कि निवेशकों से प्राप्त रकम में से कितनी राशि वास्तविक कारोबारी गतिविधियों में लगी और कितनी कथित तौर पर निजी लाभ या संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल हुई।
मामले में आगे की जांच जारी है। ED संबंधित बैंक खातों, कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड, निवेशक डेटा, ट्रेडिंग गतिविधियों और प्रमोटरों से जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और संस्थाओं की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।
