गुवाहाटी: देशभर में फर्जी GST और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले के खिलाफ असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कार्रवाई तेज कर दी है। STF ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दो अलग-अलग ऑपरेशन चलाकर तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के साथ ही फर्जी GST/ITC धोखाधड़ी मामलों में असम STF द्वारा पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
असम STF के अनुसार, यह कार्रवाई देशभर में सक्रिय कथित टैक्स फ्रॉड सिंडिकेट और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने वाले नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। जांच एजेंसी ने कोलकाता में समन्वित छापेमारी और तलाशी अभियान चलाकर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया।
STF की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, दो आरोपियों को रविवार को कोलकाता के तिलजला इलाके से गिरफ्तार किया गया, जबकि तीसरे आरोपी को मंगलवार को कैखाली क्षेत्र से पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए दो आरोपी कोलकाता के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा आरोपी असम के बक्सा जिले का निवासी बताया गया है, जो कोलकाता में छिपकर रह रहा था।
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए बुधवार रात ट्रांजिट रिमांड पर गुवाहाटी लाया गया। अदालत से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद STF ने उन्हें अपनी हिरासत में लिया। जांच टीम अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और फर्जी GST नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
तलाशी अभियान के दौरान STF ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच एजेंसी इन डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी कंपनियों, नकली बिलिंग और अवैध ITC दावों के जरिए कितने बड़े स्तर पर टैक्स धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं हो सकता है। STF देश के अलग-अलग राज्यों में फैले इस कथित नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी कंपनियां कैसे बनाई गईं, इनके जरिए कितने कारोबारियों को जोड़ा गया और सरकार को राजस्व का कितना नुकसान पहुंचाया गया।
GST और ITC से जुड़े फर्जीवाड़े में अपराधी अक्सर कागजों पर फर्जी कंपनियां बनाकर नकली बिल तैयार करते हैं और फिर बिना वास्तविक व्यापार के इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करते हैं। ऐसे मामलों में सरकार को टैक्स राजस्व का नुकसान होता है और वास्तविक कारोबारियों के लिए भी परेशानी पैदा होती है।
असम STF ने इससे पहले भी इस मामले में कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। अब तक हुई 12 गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
STF यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस कथित टैक्स फ्रॉड नेटवर्क में कितने राज्यों के लोग शामिल हैं और क्या आरोपियों के संबंध किसी बड़े संगठित आर्थिक अपराध गिरोह से हैं। जांच के दौरान सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
फर्जी GST बिलिंग और ITC क्लेम से जुड़े मामलों को रोकने के लिए केंद्रीय और राज्य एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की निगरानी के कारण ऐसे मामलों में शामिल नेटवर्क तक पहुंचना पहले की तुलना में आसान हुआ है। असम STF की यह कार्रवाई भी देशभर में फैले संभावित टैक्स फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ चल रही बड़ी जांच का हिस्सा मानी जा रही है।
