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₹3,500 करोड़ के जुर्माने वाले एडीएम मामले में विक्रम लुथर की सुनवाई आगे बढ़ी, एसईसी ने खोला दस्तावेजों का बड़ा भंडार

Roopa
By Roopa
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शिकागो। अमेरिकी कृषि और खाद्य कारोबार की बड़ी कंपनी आर्चर-डेनियल्स-मिडलैंड (एडीएम) के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी विक्रम लुथर के खिलाफ चल रहे लेखा और वित्तीय खुलासा धोखाधड़ी मामले में अदालती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग ने लुथर की शुरुआती मांगों के जवाब में 3.07 लाख से अधिक दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। अदालत में दाखिल हालिया स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक, दस्तावेज सौंपने की प्रक्रिया अभी जारी है और अतिरिक्त रिकॉर्ड चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

यह संघीय मामला जनवरी 2026 में लुथर के खिलाफ दायर किया गया था। आरोपों का संबंध एडीएम के पोषण कारोबार के वित्तीय प्रदर्शन को कथित तौर पर बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने और निवेशकों के सामने इस कारोबार को कंपनी की समग्र वृद्धि के महत्वपूर्ण आधार के रूप में प्रस्तुत करने से है। इसी मामले से जुड़े अलग प्रकरण में कंपनी ने अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग के साथ समझौता करते हुए 4 करोड़ डॉलर का नागरिक जुर्माना स्वीकार किया था, जो करीब ₹3,500 करोड़ के बराबर है।

हालिया स्थिति रिपोर्ट में दोनों पक्षों ने अदालत को बताया कि मामले में तथ्य जुटाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। आयोग ने अब तक 3,07,000 से अधिक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं और आगे भी अतिरिक्त सामग्री दी जा रही है। जांच के दायरे और मामले से जुड़े जटिल वित्तीय मुद्दों के कारण दस्तावेजों, पूछताछ और तीसरे पक्ष से जानकारी हासिल करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

मामले में अब आयोग ने स्वयं लुथर से जानकारी और दस्तावेज मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दूसरी ओर, लुथर ने चार ऐसे पक्षों को समन जारी किए हैं, जिनके नाम अदालत में दाखिल दस्तावेजों में सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। दोनों पक्षों ने मामले की जटिलता को देखते हुए 40 तक लिखित सवाल भेजने की तैयारी की है।

अमेरिकी संघीय नियमों के तहत सामान्य तौर पर प्रत्येक पक्ष को 25 लिखित पूछताछ की अनुमति होती है। हालांकि, इस मामले में मुद्दों की जटिलता और जांच के बढ़ते दायरे को देखते हुए पक्ष अदालत से अतिरिक्त पूछताछ की अनुमति मांग सकते हैं। इसके अलावा नए दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग, तथ्यों की पुष्टि से जुड़े अनुरोध और तीसरे पक्ष को समन जारी करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।

मामले की तथ्य जुटाने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 23 मार्च 2027 की समयसीमा प्रस्तावित की गई है। दोनों पक्षों के वकीलों ने अदालत को बताया है कि वे इस तारीख तक तथ्यात्मक जांच पूरी करने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, यदि यह समयसीमा व्यावहारिक नहीं रहती है तो अदालत को इसकी जानकारी दी जाएगी। इससे स्पष्ट है कि जनवरी 2026 में मामला शुरू होने के बाद भी इसकी जांच लंबी चल सकती है।

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लुथर ने मामले में समझौते के बजाय अदालत में अपना पक्ष रखने का रुख अपनाया है। उनके बचाव पक्ष के अनुसार, उन्हें एडीएम की लंबे समय से चली आ रही कारोबारी प्रथाओं के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। बचाव पक्ष का कहना है कि लुथर ने कंपनी में करीब दो दशक के करियर के दौरान पेशेवर ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम किया और वह अदालत में अपना पक्ष साबित करना चाहते हैं।

भारत में जन्मे और पले-बढ़े लुथर ने 2004 में जनरल मोटर्स से एडीएम में कदम रखा था। उन्होंने कंपनी में कोषाध्यक्ष के तौर पर काम शुरू किया और बाद में वित्तीय विभाग में कई महत्वपूर्ण पद संभाले। 2021 में वह एडीएम के पोषण कारोबार के मुख्य वित्तीय अधिकारी बने और 2022 की शुरुआत में पूरी कंपनी के सीएफओ का पद संभाला।

लुथर सितंबर 2025 तक एडीएम के सीएफओ रहे। इससे पहले उन्हें प्रशासनिक अवकाश पर भेजा गया था। उस समय कंपनी लेखांकन से जुड़ी समस्याओं और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग तथा न्याय विभाग की जांच का सामना कर रही थी। इसके बाद लुथर ने पद से इस्तीफा दे दिया।

मामले में एडीएम के पूर्व पोषण कारोबार प्रमुख विंस मैकियोकी और लुथर से पहले सीएफओ रहे रे यंग के खिलाफ भी कार्रवाई हुई थी। दोनों ने संबंधित आरोपों का निपटारा कर लिया था, जबकि लुथर के खिलाफ मामला अदालत में जारी है।

अब जांच का मुख्य फोकस अतिरिक्त दस्तावेजों, तीसरे पक्ष से हासिल जानकारी, लिखित पूछताछ और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल पर है। 3.07 लाख से अधिक दस्तावेज पहले ही उपलब्ध कराए जाने के बावजूद जांच जारी है। 23 मार्च 2027 तक तथ्य जुटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले की आगे की कानूनी दिशा अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।

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