FATF ने गेमिंग और जुआ प्लेटफॉर्म के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के बढ़ते खतरे पर चेतावनी दी है।

गेमिंग और जुआ प्लेटफॉर्म बने अपराधियों का नया रास्ता, FATF ने मनी लॉन्ड्रिंग के बढ़ते खतरे पर चेताया

Team The420
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नई दिल्ली। डिजिटल गेमिंग और जुआ प्लेटफॉर्म अब केवल मनोरंजन या दांव लगाने तक सीमित नहीं रह गए हैं। वित्तीय अपराधों में शामिल गिरोह इन मंचों का इस्तेमाल धन की आवाजाही को छिपाने और अवैध रकम को वैध गतिविधियों जैसा दिखाने के लिए कर रहे हैं। वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) ने गेमिंग और जुआ क्षेत्र के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर देशों, नियामकों और वित्तीय संस्थानों को सतर्क किया है।

FATF के अनुसार, अपराधी कई मामलों में बिना वास्तविक जुआ खेले ही इन प्लेटफॉर्म के जरिए रकम एक खाते से दूसरे खाते में भेज सकते हैं। बड़ी रकम को छोटे-छोटे लेनदेन में बांटकर संदिग्ध गतिविधियों को सामान्य दिखाने की कोशिश की जाती है। इसके अलावा असामान्य या आपस में समन्वित दांव लगाकर भी पैसों के वास्तविक स्रोत और अंतिम गंतव्य को छिपाया जा सकता है।

जोखिम का एक बड़ा हिस्सा अवैध और बिना लाइसेंस संचालित ऑनलाइन जुआ मंचों से जुड़ा है। ऐसे मंचों पर ग्राहक की पहचान, लेनदेन और धन के स्रोत की निगरानी कमजोर हो सकती है। इसका फायदा उठाकर आपराधिक नेटवर्क फर्जी पहचान, अलग-अलग भुगतान माध्यम और जटिल स्वामित्व संरचनाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे धन के वास्तविक मालिक और लेनदेन का उद्देश्य पता लगाना मुश्किल हो जाता है।

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FATF ने ऐसे मामलों की पहचान के लिए कई जोखिम संकेतकों की ओर ध्यान दिलाया है। इनमें लेनदेन का असामान्य तरीका, बार-बार छोटी रकम का स्थानांतरण, सामान्य गेमिंग गतिविधि से अलग व्यवहार, संदिग्ध भुगतान माध्यम और ग्राहक की पहचान से जुड़ी विसंगतियां शामिल हैं। यदि किसी खाते की गतिविधियां उसके घोषित प्रोफाइल या सामान्य गेमिंग व्यवहार से मेल नहीं खातीं तो उसकी अतिरिक्त जांच की जरूरत हो सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल गेमिंग और जुआ क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती इसकी तेज और बहुस्तरीय वित्तीय संरचना है। एक ही रकम कई बैंक खातों, भुगतान सेवाओं और डिजिटल माध्यमों से होकर गुजर सकती है। अपराधी अलग-अलग व्यक्तियों के खातों या भुगतान साधनों का इस्तेमाल करके धन की श्रृंखला को लंबा कर देते हैं। इससे जांच एजेंसियों और वित्तीय संस्थानों के लिए वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचना कठिन हो जाता है।

अपराधी बड़ी रकम को छोटे-छोटे लेनदेन में बांटने की रणनीति भी अपना सकते हैं। इस प्रक्रिया में प्रत्येक भुगतान अलग से सामान्य दिखाई दे सकता है, लेकिन कई खातों और समयावधियों को एक साथ देखने पर पूरा पैटर्न संदिग्ध नजर आ सकता है। इसलिए केवल एकल लेनदेन की जांच के बजाय ग्राहक की पूरी वित्तीय गतिविधि और उससे जुड़े लेनदेन का विश्लेषण जरूरी माना गया है।

FATF ने वित्तीय संस्थानों, नियामकों और गेमिंग क्षेत्र से जुड़े कारोबारों को ग्राहक की पहचान मजबूत करने और धन के स्रोत की जांच पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई है। संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के साथ यह भी देखना जरूरी है कि भुगतान किस माध्यम से आया, किस खाते में गया और संबंधित ग्राहक का व्यवहार उसके सामान्य प्रोफाइल से कितना मेल खाता है।

साथ ही, वित्तीय संस्थानों, नियामक एजेंसियों और कानून प्रवर्तन संस्थाओं के बीच बेहतर सूचना साझा करने पर जोर दिया गया है। अलग-अलग संस्थानों के पास मौजूद लेनदेन संबंधी जानकारी को मिलाकर देखने से ऐसे नेटवर्क की पहचान आसान हो सकती है, जिनमें कई खाते, भुगतान साधन या डिजिटल मंच शामिल हों।

FATF ने यह स्पष्ट किया है कि बताए गए जोखिम संकेतकों का उद्देश्य किसी विशेष गेमिंग या जुआ प्लेटफॉर्म को अपराधी घोषित करना नहीं है। इन संकेतकों का मकसद उन परिस्थितियों की पहचान करना है जहां वैध दिखने वाली गतिविधियों के पीछे धन शोधन, आतंकवादी वित्तपोषण या अन्य गंभीर वित्तीय अपराध छिपे हो सकते हैं।

डिजिटल वित्तीय अपराधों के लगातार जटिल होते स्वरूप के बीच गेमिंग और जुआ प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग जांच एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन रहा है। ऐसे में ग्राहक पहचान, लेनदेन की सतत निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग और विभिन्न संस्थाओं के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान इस जोखिम को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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