श्रीलंका दौरे पर भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा रहे बंगाल के लेग स्पिनर पर उम्र संबंधी दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी का आरोप; CAB ने 2026-27 और 2027-28 सत्र के लिए 62 खिलाड़ियों को पंजीकरण और स्थानांतरण से रोका

तीन जन्म प्रमाणपत्र, अलग-अलग जन्म वर्ष और फिर BCCI का एक्शन; रोहित यादव पर 2 साल का प्रतिबंध

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By Roopa
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कोलकाता। बंगाल के लेग स्पिनर रोहित यादव के लिए भारतीय अंडर-19 टीम के साथ श्रीलंका का सफल दौरा विवाद में बदल गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उम्र से जुड़े दस्तावेजों में कथित तौर पर गलत जानकारी देने के मामले में रोहित पर दो साल का प्रतिबंध लगाया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब वह ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के भारत दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम का हिस्सा थे।

रोहित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और जुलाई में श्रीलंका दौरे पर भारतीय अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहां उन्होंने छह विकेट लिए थे और टीम को अंतिम टेस्ट में जीत दिलाने में योगदान दिया था। इसके बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के खिलाफ राजकोट और अहमदाबाद में होने वाले घरेलू एकदिवसीय और बहुदिवसीय मुकाबलों के लिए भी भारतीय टीम में शामिल किया गया था।

हालांकि, श्रीलंका दौरे के दौरान दस्तावेजों की जांच में उनकी उम्र को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आईं। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, रोहित के नाम पर तीन अलग-अलग जन्म प्रमाणपत्र पाए गए, जिनमें जन्म वर्ष 2007, 2009 और 2010 दर्ज था। उम्र वर्ग के क्रिकेट में खिलाड़ी की पात्रता उसके आधिकारिक जन्म रिकॉर्ड के आधार पर तय होती है। अलग-अलग जन्म वर्ष सामने आने के बाद उनकी अंडर-19 क्रिकेट में पात्रता सवालों के घेरे में आ गई।

मामला केवल जन्म प्रमाणपत्रों तक सीमित नहीं रहा। रोहित के आधार रिकॉर्ड में भी जन्म वर्ष को लेकर अलग-अलग जानकारी मिली। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) में उनके पंजीकरण के समय जन्म वर्ष 2007 दर्ज था। इसके बाद आधार रिकॉर्ड में 2017 और 2020 के दौरान किए गए बदलावों में जन्म वर्ष 2006 दिखाई दिया, जबकि 2021 में इसे बदलकर 2009 कर दिया गया। इन विरोधाभासी रिकॉर्ड ने मामले को और गंभीर बना दिया।

CAB पहले ही रोहित को अपने जूनियर दलों से बाहर कर चुका था। संघ ने दस्तावेजों में मिली विसंगतियों की जानकारी BCCI को दी थी। अब बोर्ड ने दो साल के लिए उन्हें घरेलू क्रिकेट में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है। BCCI ने इस फैसले की जानकारी अपने सभी संबद्ध राज्य क्रिकेट संघों को भी भेज दी है।

रोहित के मामले के साथ CAB ने उम्र और दस्तावेजों की जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया है। संघ ने कुल 62 खिलाड़ियों को 2026-27 और 2027-28 सत्र के दौरान किसी भी प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण या स्थानांतरण के लिहाज से अयोग्य घोषित किया है। इन खिलाड़ियों के रिकॉर्ड में उम्र और दस्तावेजों से जुड़ी अलग-अलग तरह की विसंगतियां पाई गई हैं।

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इस सूची में भारत की 2022 अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे रवि कुमार का नाम भी शामिल है। CAB के रिकॉर्ड में उनकी उम्र को लेकर 45 महीने का अंतर दर्ज किया गया है। बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर विशाल भट्टी भी कार्रवाई की सूची में हैं। वह तीन प्रथम श्रेणी और दो लिस्ट-ए मुकाबले खेल चुके हैं।

CAB की जांच में कुछ अन्य आयु वर्ग के खिलाड़ियों के दस्तावेजों में भी कई वर्षों तक का अंतर सामने आया है। संघ ने जांच के बाद संबंधित खिलाड़ियों की सूची अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक की है। इस अभियान का उद्देश्य आयु वर्ग की क्रिकेट में गलत उम्र के इस्तेमाल को रोकना और खिलाड़ियों की पात्रता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।

रोहित यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के समान किसी अदालत में नहीं, बल्कि क्रिकेट प्रशासन की संबंधित प्रक्रिया के तहत होगा। BCCI की ओर से लगाया गया प्रतिबंध खेल प्रशासन से जुड़ी कार्रवाई है। इस पूरे मामले ने जूनियर क्रिकेट में उम्र सत्यापन की प्रक्रिया और विभिन्न सरकारी दस्तावेजों में दर्ज जन्म तिथि के बीच तालमेल की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। BCCI और CAB की कार्रवाई से साफ है कि आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में दस्तावेजों की जांच अब पहले से अधिक सख्ती के साथ की जा रही है।

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