मुंबई। मुंबई पुलिस की उत्तर क्षेत्र साइबर पुलिस ने राजस्थान से संचालित कथित साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह मुंबई में किराए के कार्यालयों से काम करता था और ऑनलाइन निवेश ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग बैंक खातों में भेजने के लिए शेल कंपनियां बनाता था। जांच में एक ₹74.26 लाख की शेयर निवेश ठगी से जुड़े ₹33.25 लाख की रकम का पता एक कंपनी के बैंक खाते तक पहुंचने के बाद नेटवर्क का खुलासा हुआ। मामले का कथित मास्टरमाइंड भिलवाड़ा निवासी बताया जा रहा है और वह अभी फरार है।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह राजस्थान से युवाओं को नौकरी का झांसा देकर मुंबई बुलाता था। उन्हें करीब ₹25,000 मासिक वेतन के अलावा कमीशन देने का लालच दिया जाता था। इसके बाद भर्ती किए गए लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कथित तौर पर शेल कंपनियां पंजीकृत कराई जाती थीं और उनके नाम पर बैंक खाते खोले जाते थे। इन कंपनियों और कार्यालयों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजने के लिए किया जाता था।
फर्जी कंपनियों के नाम पर खोले बैंक खाते
जांच में Wingsrox Solution (OPC) Pvt Ltd और Saperasonu Enterprises समेत कई कंपनियों का नाम सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को रखने और आगे स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था। इनमें से Wingsrox Solution के नाम पर Bandhan Bank में खोले गए एक खाते में ₹33.25 लाख की रकम पहुंची थी।
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खाते से जुड़े कई मोबाइल नंबरों और संदिग्ध आरोपियों के बीच संबंधों का पता लगाया। जांचकर्ताओं को Wingsrox Solution की चेकबुक भी मिली। पुलिस के अनुसार, इस खाते से बाद में चेक के जरिए करीब ₹8 लाख निकाले गए।
Mira Road और Malad से गिरफ्तारियां
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने चार संदिग्धों को Mira Road और दो अन्य को Malad इलाके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी राजस्थान के Ajmer या Bhilwara से जुड़े बताए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान Abid Hussain Saddiq Mohammad उर्फ Sameer, 31, Omprakash Hagamilalji Jat उर्फ Naval Chaudhary, 36, Sonu Jagdish Sapera, 28, Naresh Sawarlal Jat, 26, Arvind Kumar Mahesh Kumar Lodhi उर्फ Joseph, 40, और Shivam Kumar Ramprasad Purohit उर्फ Kanji, 26, के रूप में हुई है।
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अलग-अलग भूमिकाएं निभाने का आरोप
जांचकर्ताओं के अनुसार, Sonu पर कई SIM कार्ड हासिल कर उन्हें कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। Omprakash, Abid और Naresh पर राजस्थान से मुंबई लाए गए लोगों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था करने तथा बैंक खाते खुलवाने में मदद करने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि Omprakash और Abid ने Bandhan Bank खाते से ₹8 लाख निकालने में भी कथित रूप से मदद की। वहीं Arvind और Shivam पर मुंबई में कार्यालय के लिए जगह और बैंक खाते की व्यवस्था करने तथा उनके विवरण कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचाने का आरोप है।
साइबर ठगी की रकम की पूरी कड़ी खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब गिरोह से जुड़ी अन्य शेल कंपनियों, बैंक खातों, SIM कार्ड, कर्मचारियों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपियों के अलावा भी नेटवर्क में कई अन्य लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई रकम का अंतिम लाभार्थी कौन था और शेयर निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले मुख्य आरोपी कौन हैं। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कथित शेल कंपनियों का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था और इनके जरिए कुल कितनी रकम का लेनदेन हुआ।
फिलहाल छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। कथित मास्टरमाइंड की तलाश जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी और डिजिटल तथा वित्तीय साक्ष्यों की आगे की जांच से साइबर ठगी, शेल कंपनियों और बैंक खातों के बीच पूरी कड़ी सामने आ सकती है।
