मोगा। पंजाब के मोगा जिले में स्वराज ट्रैक्टर और खेतीबाड़ी की मशीनरी उपलब्ध कराने के नाम पर किसान से ₹23.80 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। धर्मकोट पुलिस ने सुल्तानपुर लोधी निवासी सुखमनप्रीत सिंह और उसके पिता सरवन सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने खेती के लिए ट्रैक्टर और अन्य मशीनरी देने का भरोसा दिलाकर किसान से लाखों रुपये लिए, लेकिन रकम लेने के बाद न तो ट्रैक्टर दिया और न ही मशीनरी उपलब्ध कराई। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
बहादरवाला निवासी गुरनाम सिंह पुत्र पाला सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने खेतीबाड़ी के लिए स्वराज ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनरी खरीदने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने बैंक से कर्ज लिया था। इसके बाद उनकी आरोपियों से ट्रैक्टर और मशीनरी उपलब्ध कराने को लेकर बातचीत हुई।
दो किस्तों में दिए ₹23.80 लाख
शिकायत के मुताबिक, गुरनाम सिंह ने 18 फरवरी 2025 को आरोपियों को ₹7.56 लाख दिए। इसके कुछ दिन बाद 27 फरवरी 2025 को उन्होंने दूसरी किस्त के तौर पर ₹16.24 लाख का भुगतान किया। दोनों भुगतानों को मिलाकर आरोपियों को कुल ₹23.80 लाख दिए गए।
किसान का आरोप है कि पूरी रकम प्राप्त करने के बावजूद आरोपियों ने तय ट्रैक्टर उपलब्ध नहीं कराया। इसके साथ ही खेतीबाड़ी में इस्तेमाल होने वाली अन्य मशीनरी भी नहीं दी गई। काफी समय बीतने के बाद जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर उसे भी लौटाया नहीं गया।
एसपी से शिकायत के बाद हुई जांच
ट्रैक्टर और मशीनरी नहीं मिलने तथा रकम वापस न किए जाने के बाद गुरनाम सिंह ने मामले की शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक, मोगा के समक्ष की। शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच डीएसपी धर्मकोट को सौंपी गई।
जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता और आरोपियों दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए। पुलिस ने कथित भुगतान, लेन-देन और ट्रैक्टर तथा कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने से संबंधित दावों की भी जांच की। जांच में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद धर्मकोट थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
BNS की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने सुखमनप्रीत सिंह और सरवन सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2), 420 और 120-B के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि रकम लेने के बाद उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
जांच में बैंक लेन-देन, भुगतान से जुड़े दस्तावेज और आरोपी-पक्ष के बीच हुई बातचीत अहम साक्ष्य हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने किसान से रकम लेने के बाद ट्रैक्टर या मशीनरी की खरीद के लिए कोई प्रक्रिया शुरू की थी या नहीं।
गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। कमालके चौकी प्रभारी एएसआई गुरप्रीत सिंह को मामले की जांच सौंपी गई है। पुलिस आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनसे रकम के लेन-देन, ट्रैक्टर-मशीनरी उपलब्ध कराने के वादे और शिकायतकर्ता से प्राप्त ₹23.80 लाख के इस्तेमाल को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी जांच करेगी कि कहीं इसी तरह अन्य किसानों से भी रकम लेकर उन्हें ट्रैक्टर या कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने का वादा तो नहीं किया गया था।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई आरोपियों की गिरफ्तारी और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाने पर केंद्रित है। मामले की आगे की जांच के बाद ही कथित ठगी की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
