हल्द्वानी: साइबर ठगों ने हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को निशाना बनाकर कुल ₹5.47 लाख की ऑनलाइन ठगी कर ली। पीड़ितों में गोवा गई 33 वर्षीय युवती भी शामिल है। तीनों मामलों में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पिछले एक महीने के दौरान हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में साइबर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। हल्द्वानी, मुखानी, काठगोदाम, बनभूलपुरा और चोरगलिया थाना क्षेत्रों में लाखों रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़े 15 से अधिक मामले दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। लगातार बढ़ रहे मामलों ने साइबर अपराधियों के नए तरीकों को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।
गोवा गई युवती को फर्जी पहचान और दस्तावेज से फंसाया
पहला मामला हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र के धौलाखेड़ा अर्जुनपुर निवासी 33 वर्षीय युवती से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, युवती जब गोवा गई थी, उसी दौरान एक साइबर ठग ने उससे संपर्क किया। आरोपी ने कथित तौर पर गलत पहचान, फर्जी दस्तावेज और वॉयस रिकॉर्ड का इस्तेमाल कर युवती को विश्वास में लिया।
ठग की बातों पर भरोसा करने के बाद युवती से कुल ₹1.20 लाख की रकम ठग ली गई। बाद में जब उसे लेन-देन पर संदेह हुआ और ठगी का अहसास हुआ तो उसने साइबर सेल में शिकायत की। शिकायत की जांच के बाद हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने 10 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने युवती से संपर्क के लिए किन डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया और रकम किस खाते में पहुंची।
परिचित की आवाज में बात कर ₹1.39 लाख ठगे
दूसरा मामला चोरगलिया निवासी भुवन चंद्र पाठक से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, साइबर ठगों ने कथित तौर पर किसी परिचित की आवाज में उनसे बात की। आवाज पहचान में आने के कारण भुवन चंद्र को आरोपी पर भरोसा हो गया। इसी विश्वास का फायदा उठाकर ठगों ने उनसे ₹1.39 लाख की रकम हासिल कर ली।
बाद में उन्हें बातचीत और लेन-देन पर संदेह हुआ। उन्होंने चोरगलिया थाने में शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
PNB खाते से नौ बार में निकाले ₹2.88 लाख
तीसरा मामला गौलापार के कुंवरपुर निवासी वीरेंद्र सिंह का है। शिकायत के अनुसार, उनके देवला तल्ला स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) खाते से साइबर ठगों ने ₹2.88 लाख निकाल लिए। यह रकम 23 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 के बीच नौ अलग-अलग UPI लेन-देन के जरिए निकाली गई।
खाते से लगातार रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद वीरेंद्र सिंह ने साइबर सेल से संपर्क किया। शिकायत की जांच के बाद चोरगलिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अब उन बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है, जिनके जरिए रकम ट्रांसफर की गई।
म्यूल खातों की भी जांच
पुलिस साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए जा रहे संदिग्ध बैंक खातों की भी जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि पीड़ितों से ठगी गई रकम किन खातों में पहुंची और वहां से आगे कहां ट्रांसफर की गई। साइबर अपराधियों के नेटवर्क में इस्तेमाल म्यूल खातों की पहचान के लिए भी उपलब्ध रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन ठगी की शिकायत मिलने पर मामलों में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए बैंकिंग लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं। लोगों से भी अनजान कॉल, संदिग्ध संदेश, फर्जी पहचान और असामान्य भुगतान अनुरोधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई है। साइबर ठगी होने पर देरी किए बिना संबंधित बैंक और साइबर अपराध शिकायत तंत्र को सूचना देना जरूरी है।
