साओ पाउलो: ब्राजील ने क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए डिजिटल परिसंपत्तियों से जुड़े ट्रांसफर की निगरानी कड़ी करने का फैसला किया है। ब्राजील के केंद्रीय बैंक ने नए एंटी-फ्रॉड नियम जारी किए हैं, जिसके तहत जोखिम के दायरे में आने वाले कुछ क्रिप्टो ट्रांसफर में 24 घंटे तक की देरी की जा सकेगी। नए नियम अगले साल से प्रभावी होंगे।
नियमों के तहत 10,000 डॉलर से अधिक मूल्य के ऐसे क्रिप्टो ट्रांसफर पर अतिरिक्त जांच लागू हो सकती है, जो विदेशी वर्चुअल-एसेट कंपनियों या सेल्फ-कस्टडी वॉलेट को भेजे जाते हैं। यह सीमा किसी एक लेनदेन के आधार पर या एक ही दिन में ग्राहक द्वारा किए गए कुल ट्रांसफर के आधार पर निर्धारित की जा सकती है।
केंद्रीय बैंक के अनुसार, यह कदम वर्चुअल एसेट्स, खासकर स्टेबलकॉइन, के बढ़ते इस्तेमाल के बीच उठाया गया है। नियामक का कहना है कि साइबर और वित्तीय अपराधों में शामिल लोग धोखाधड़ी से हासिल रकम को तेजी से अलग-अलग खातों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और देशों के बीच स्थानांतरित करने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। अतिरिक्त समय मिलने से वित्तीय संस्थानों को संदिग्ध लेनदेन की पहचान और जांच करने का अवसर मिलेगा।
नए नियमों का असर खास तौर पर विदेशी वर्चुअल-एसेट कंपनियों और सेल्फ-कस्टडी वॉलेट से जुड़े ट्रांसफर पर पड़ेगा। विदेशी प्लेटफॉर्म पर भेजी गई रकम सीमा-पार चली जाती है, जबकि सेल्फ-कस्टडी वॉलेट में उपयोगकर्ता खुद डिजिटल परिसंपत्तियों और उनसे जुड़ी निजी कुंजी को नियंत्रित करता है। ऐसे मामलों में रकम के अंतिम प्राप्तकर्ता का पता लगाना नियामकों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, निर्धारित सीमा से अधिक का हर ट्रांसफर स्वतः प्रतिबंधित नहीं होगा। नए ढांचे के तहत वित्तीय संस्थान जोखिम के आधार पर ऐसे लेनदेन को अतिरिक्त जांच के लिए रोक या विलंबित कर सकेंगे। यदि किसी ट्रांसफर में संदिग्ध पैटर्न दिखाई देता है, तो उसकी जांच पूरी होने तक भुगतान प्रक्रिया में देरी की जा सकती है।
केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा है कि 24 घंटे तक की देरी केवल 10,000 डॉलर से अधिक वाले निर्धारित ट्रांसफर तक सीमित नहीं रहेगी। जोखिम प्रबंधन नीतियों के तहत जिन अन्य लेनदेन की अतिरिक्त जांच आवश्यक होगी, उनमें भी इस तरह की देरी लागू की जा सकती है। इससे बैंकों और विनियमित संस्थानों को असामान्य लेनदेन की समीक्षा के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था किसी परिसंपत्ति को स्थायी रूप से फ्रीज करने या क्रिप्टो ट्रांसफर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के समान नहीं है। देरी का उद्देश्य केवल अतिरिक्त जांच के लिए समय उपलब्ध कराना है। जांच के बाद वैध पाए जाने वाले ट्रांसफर को आगे बढ़ाया जा सकता है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब क्रिप्टोकरेंसी वैश्विक वित्तीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है। अमेरिकी डॉलर जैसी परिसंपत्तियों से जुड़ी स्टेबलकॉइन सीमा-पार रकम भेजने में तेजी और सुविधा के कारण लोकप्रिय हुई हैं। हालांकि, इन्हीं विशेषताओं ने इन्हें वित्तीय धोखाधड़ी से हासिल रकम को तेजी से स्थानांतरित करने वाले आपराधिक नेटवर्क के लिए भी आकर्षक माध्यम बना दिया है।
ब्राजील के नए नियमों का उद्देश्य वैध क्रिप्टो गतिविधियों और वित्तीय अपराधों के बीच बेहतर अंतर करना है। इसके तहत विनियमित संस्थानों की जिम्मेदारी बढ़ेगी कि वे ऐसे लेनदेन की पहचान करें जिनमें धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग या संदिग्ध धन प्रवाह का जोखिम अधिक हो सकता है।
नियमों में दैनिक लेनदेन को जोड़कर सीमा निर्धारित करने का प्रावधान भी महत्वपूर्ण है। इसका मतलब है कि कोई ग्राहक बड़े ट्रांसफर को कई छोटे हिस्सों में बांटकर अतिरिक्त जांच से बचने की कोशिश नहीं कर सकेगा। एक दिन के भीतर किए गए कुल ट्रांसफर को मिलाकर जोखिम का आकलन किया जा सकता है।
ब्राजील का यह कदम दुनिया भर में क्रिप्टो आधारित वित्तीय अपराधों पर बढ़ती नियामकीय सख्ती के बीच आया है। डिजिटल परिसंपत्तियों के सीमा-पार इस्तेमाल में वृद्धि के साथ नियामक ऐसे उपाय अपना रहे हैं, जिनसे संदिग्ध लेनदेन को समय रहते रोका या जांचा जा सके, लेकिन वैध क्रिप्टो गतिविधियों पर व्यापक रोक न लगे।
नए नियम लागू होने के बाद बैंक, वर्चुअल-एसेट सेवा प्रदाता और क्रिप्टो उपयोगकर्ताओं को अपनी लेनदेन निगरानी और अनुपालन प्रक्रियाओं में बदलाव करना होगा। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वित्तीय संस्थान संदिग्ध लेनदेन की कितनी सटीक पहचान करते हैं और साथ ही वैध ट्रांसफर को अनावश्यक देरी से कैसे बचाते हैं।
