बरेली में जापान वीजा और हवाई टिकट दिलाने के नाम पर ₹92,300 की कथित ठगी के मामले में ट्रैवल कंपनी की निदेशक और कर्मचारी पर केस दर्ज हुआ है।

जापान का वीजा और टिकट दिलाने के नाम पर ₹92,300 की ठगी, ट्रैवल कंपनी की निदेशक और कर्मचारी पर केस

Team The420
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बरेली: विदेश यात्रा के लिए वीजा और हवाई टिकट कराने के नाम पर बरेली में ₹92,300 की कथित ठगी का मामला सामने आया है। इज्जतनगर थाने में महानगर निवासी आदित्य मोहित शर्मा की शिकायत पर ट्रैवल कंपनी की निदेशक तनवी कथूरिया और कर्मचारी रवि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पहले कई विदेश यात्राओं के टिकट और वीजा संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने के कारण कंपनी पर उनका भरोसा बन गया था। इसी भरोसे में उन्होंने जापान यात्रा के लिए टिकट और वीजा कराने को कहा, लेकिन ऑनलाइन भुगतान लेने के बाद न तो वीजा मिला और न ही टिकट के संबंध में सही जानकारी दी गई। बाद में रकम वापस मांगने पर टिकट रद्द होने का कथित फर्जी संदेश भेज दिया गया।

शादी के बाद विदेश यात्राओं के लिए कंपनी से किया संपर्क

महानगर निवासी आदित्य मोहित शर्मा के अनुसार, जनवरी 2025 में शादी के बाद उन्होंने घूमने के लिए विदेश यात्रा की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने ‘टूली अमेजिंग ट्रिप्स प्राइवेट लिमिटेड’ से संपर्क किया। शिकायत में कहा गया है कि कंपनी की निदेशक तनवी कथूरिया ने उन्हें स्विट्जरलैंड, इटली और फ्रांस की यात्रा के लिए वीजा और हवाई टिकट उपलब्ध कराए थे।

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इसके बाद जून 2025 में भी उन्होंने इसी कंपनी के माध्यम से ग्रीस की यात्रा के लिए हवाई टिकट कराए। इन सेवाओं के कारण कंपनी पर उनका विश्वास बढ़ गया। इसी पुराने संबंध और अनुभव के आधार पर उन्होंने बाद में जापान यात्रा की योजना बनाने के लिए फिर कंपनी से संपर्क किया।

जापान टिकट के लिए पत्नी ने किया ₹92,300 का भुगतान

शिकायतकर्ता के मुताबिक, अगस्त 2025 में उन्होंने जापान यात्रा के लिए हवाई टिकट कराने की बात की। कंपनी की ओर से भुगतान के लिए एक ऑनलाइन लिंक भेजा गया। इस लिंक के माध्यम से उनकी पत्नी ने ₹92,300 का भुगतान कर दिया। रकम जमा होने के बाद कंपनी के कर्मचारी रवि ने मोबाइल पर हवाई जहाज के टिकट भेजे।

शिकायत के अनुसार, तनवी कथूरिया ने उन्हें भरोसा दिलाया कि जापान का वीजा भी निर्धारित समय के भीतर मिल जाएगा। इसी आश्वासन के आधार पर परिवार ने यात्रा की तैयारी जारी रखी। हालांकि, निर्धारित समय बीतने के बाद भी वीजा नहीं मिला। इसके बाद आदित्य ने कंपनी से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करने और रकम वापस करने की मांग की।

रकम वापस मांगने पर भेजा टिकट कैंसिल होने का संदेश

आरोप है कि वीजा नहीं मिलने और भुगतान वापस मांगने पर कंपनी की ओर से बताया गया कि हवाई टिकट रद्द हो गया है। इसके समर्थन में मोबाइल पर एक संदेश भी भेजा गया। शिकायतकर्ता को बाद में इस संदेश और टिकट की वास्तविकता पर संदेह हुआ। उन्होंने टिकट की स्थिति और भुगतान से जुड़े लेनदेन की स्वतंत्र रूप से जानकारी जुटानी शुरू की।

इसी दौरान थर्ड पार्टी कंपनी से संपर्क करने पर कथित तौर पर अलग जानकारी सामने आई। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित कंपनी ने बताया कि तनवी कथूरिया को ₹35,624 और ‘ट्रिपक्वाइन’ को ₹15,000 का भुगतान किया गया था। इसके बावजूद उनसे पूरी ₹92,300 की रकम ली गई थी।

पूरी रकम हड़पने का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि टिकट और भुगतान से जुड़ी वास्तविक जानकारी छिपाकर उन्हें गुमराह किया गया। उनका दावा है कि टिकट रद्द होने का संदेश भेजकर रकम वापस करने से बचने की कोशिश की गई। जब बार-बार संपर्क के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

इज्जतनगर थाने में तनवी कथूरिया और रवि के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब भुगतान के रिकॉर्ड, भेजे गए लिंक, मोबाइल संदेश, टिकट की बुकिंग और कथित कैंसिलेशन की वास्तविकता की जांच करेगी। साथ ही थर्ड पार्टी कंपनी के लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।

जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि ₹92,300 का भुगतान किस खाते या माध्यम में गया और शिकायतकर्ता को भेजे गए टिकट वास्तविक थे या नहीं। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और आरोप अदालत में साबित होना बाकी है।

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