वडोदरा की बहुमूल्य औद्योगिक जमीन से जुड़े कथित लीज घोटाले में क्राइम ब्रांच ने आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

₹300 करोड़ जमीन लीज घोटाला: वडोदरा में बड़ा खुलासा, 8 लोगों पर शिकंजा

Roopa
By Roopa
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वडोदरा में करीब ₹300 करोड़ मूल्य की टेंसाइल स्टील कंपनी की लगभग दस लाख वर्गफुट जमीन से जुड़े कथित लीज घोटाले में क्राइम ब्रांच ने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

आरोप है कि कंपनी के एक पूर्व निदेशक ने विवादित लीज डीड को आगे बढ़ाकर जमीन का नियंत्रण अहमदाबाद के एक बिल्डर को सौंप दिया, जबकि जमीन के हस्तांतरण पर हाईकोर्ट का आदेश और प्रतिबंध पहले से लागू था।

शिकायत के अनुसार स्नेहदीप रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर संजय पटेल ने बताया कि मई 2024 में अमित मुकुंदभाई शाह और भुवेश अमीन ने उन्हें कंपनी में निवेश के लिए प्रेरित किया और जमीन की संभावनाएं दिखाकर भारी रिटर्न का भरोसा दिया।

पटेल का कहना है कि उन्होंने कंपनी की देनदारियों और शेयरधारक दायित्वों को संभालते हुए कुल ₹123 करोड़ का निवेश किया और 8 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से कंपनी का अधिग्रहण किया।

शिकायत में यह भी आरोप है कि लीज डीड से ठीक दो दिन पहले जेमिन गांधी लगभग 20 से 25 लोगों के साथ कंपनी परिसर में पहुंचा और कब्जा लेने की कोशिश की तथा धमकी दी कि बाउंड्री तोड़ दी जाएगी।

जांच में सामने आया है कि यह जमीन वर्ष 1960 में सरकार द्वारा विशेष शर्तों पर आवंटित की गई थी और उस पर किसी भी प्रकार के हस्तांतरण पर रोक थी।

आरोप है कि अमित शाह ने निदेशक पद से इस्तीफा देने के बावजूद कंपनी के रिकॉर्ड और सरकारी विभागों में खुद को प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत किया।nलीज डील में ₹10 करोड़ की राशि भुवेश अमीन से प्राप्त होने और जमीन का मासिक किराया ₹1 लाख तय होने का दावा किया गया है।

पुलिस ने इस आधार पर आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिनमें अमित मुकुंदभाई शाह, भुवेश अमीन, किशोर सुरतवाला, सुरेश राजपूत, भूमिश्ठा मकवाना, नरेश राणा, महेश पटेल और जेमिन गांधी शामिल हैं।

मामले से जुड़े एक अन्य विवाद में अमित शाह और उनके भाई सुरभित शाह पर संपत्ति हड़पने के आरोप लगे हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

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शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने कंपनी में बहुसंख्यक हिस्सेदारी 87.62 प्रतिशत तक हासिल की है और पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से संपन्न की गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार लीज और शेयर ट्रांसफर से जुड़ी कई प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताएं पाई जा रही हैं हालांकि आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय कारोबारी और रियल एस्टेट क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है और जमीन के मूल्य तथा कानूनी विवाद को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे और आरोप भी जोड़े जा सकते हैं।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा ताकि जमीन का नियंत्रण छोड़ा जा सके जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।

इस बीच प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच तेज कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार इस पूरे प्रकरण में दस्तावेजों के सत्यापन, लीज एग्रीमेंट की वैधता और शेयर ट्रांसफर की प्रक्रिया को लेकर कई स्तरों पर तकनीकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो आगे की कानूनी कार्रवाई और सख्त हो सकती है।

वहीं स्थानीय स्तर पर इस मामले ने रियल एस्टेट सेक्टर में भी चर्चा तेज कर दी है, जहां निवेशकों और कारोबारी वर्ग के बीच भूमि लीज और बड़े सौदों की पारदर्शिता को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया की स्पष्टता और निगरानी व्यवस्था और मजबूत करने की आवश्यकता है।

फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है और आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। यह मामला शहर के बड़े जमीन सौदों में से एक महत्वपूर्ण विवाद के रूप में देखा जा रहा है और इसकी जांच पर सभी की नजर टिकी हुई है।

जांच पूरी होने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी और कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी ऐसा अधिकारियों का कहना है। इस पूरे प्रकरण में वित्तीय लेनदेन की भी विस्तृत जांच जारी है।

मामले की जांच जारी रहने के कारण फिलहाल सभी पक्षों पर नजर रखी जा रही है।

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