लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पांच प्रमुख स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कराए गए जैविक आयु (बायोलॉजिकल एज) परीक्षण में बड़ी संख्या में खिलाड़ी निर्धारित आयु सीमा से अधिक पाए गए हैं। मेडिकल जांच के बाद कुल 109 खिलाड़ी ओवरेज घोषित किए गए, जिसके चलते वे प्रवेश के लिए अयोग्य हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस स्थिति से कई खेलों में निर्धारित सीटें भरना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वहीं, जिन खिलाड़ियों ने सभी मानकों को पूरा किया है, उनकी काउंसलिंग 22 और 23 जुलाई को आयोजित की जाएगी।
लखनऊ, गोरखपुर, सैफई, फतेहपुर और सहारनपुर स्थित स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश के लिए कुल 391 खिलाड़ियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। जांच के बाद 239 खिलाड़ी निर्धारित आयु सीमा के भीतर पाए गए और उन्हें पात्र घोषित किया गया। दूसरी ओर 109 खिलाड़ी जैविक आयु परीक्षण में ओवरेज पाए जाने के कारण प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो गए। इसके अतिरिक्त 43 खिलाड़ियों की जैविक आयु संबंधी रिपोर्ट अभी संबंधित कॉलेजों को प्राप्त नहीं हुई है, जिसके कारण उनके प्रवेश पर अंतिम निर्णय लंबित है।
खेलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक खिलाड़ी एथलेटिक्स और हॉकी में ओवरेज पाए गए, जहां दोनों खेलों में 19-19 अभ्यर्थी अयोग्य घोषित किए गए। इसके अलावा कबड्डी में 15, फुटबॉल में 14, क्रिकेट में 12, बैडमिंटन में 10, हैंडबॉल में 8, कुश्ती में 5, भारोत्तोलन में 2, तैराकी में 2, बॉक्सिंग में 2 और वॉलीबॉल में 1 खिलाड़ी आयु सीमा से अधिक पाया गया।
अधिकारियों के अनुसार सबसे अधिक चिंता एथलेटिक्स में सामने आई है। इस खेल में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के ओवरेज पाए जाने के कारण केवल दो खिलाड़ी ही अंतिम रूप से पात्र घोषित हो सके हैं। इसके विपरीत हॉकी में 80 नए खिलाड़ियों के उपलब्ध होने से उस खेल में प्रवेश प्रक्रिया अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है। कुल मिलाकर लगभग एक-तिहाई खिलाड़ियों के ओवरेज पाए जाने से कई खेलों में सभी सीटें भर पाना मुश्किल माना जा रहा है।
स्पोर्ट्स कॉलेज प्रशासन ने पात्र खिलाड़ियों की काउंसलिंग का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। 22 जुलाई को सुबह 10 बजे से लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज में एथलेटिक्स, क्रिकेट, बैडमिंटन और फुटबॉल के लिए काउंसलिंग आयोजित होगी। इसी दिन गोरखपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में हॉकी तथा सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज में कबड्डी, तैराकी, हैंडबॉल, भारोत्तोलन और बॉक्सिंग के खिलाड़ियों की काउंसलिंग की जाएगी। 23 जुलाई को गोरखपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में वॉलीबॉल, कुश्ती, जूडो और जिम्नास्टिक के लिए काउंसलिंग का आयोजन होगा।
स्पोर्ट्स कॉलेज सोसाइटी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश केवल उन्हीं खिलाड़ियों को दिया जाएगा जो निर्धारित आयु मानकों पर खरे उतरेंगे। यदि किसी खेल में सीटें खाली रह जाती हैं तो उन्हें प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र खिलाड़ियों से भरा जाएगा। जिन 43 खिलाड़ियों की जैविक आयु रिपोर्ट अभी लंबित है, उनके संबंध में भी स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनके मामले में समय पर निर्णय लिया जा सके।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आयु सत्यापन की पारदर्शी प्रक्रिया से वास्तविक प्रतिभाओं को अवसर मिलेगा और आयु संबंधी अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगेगी। उनका कहना है कि जैविक आयु परीक्षण से प्रतियोगिताओं में निष्पक्षता सुनिश्चित होती है तथा योग्य खिलाड़ियों को समान अवसर प्राप्त होता है। विशेषज्ञों ने अभिभावकों और खिलाड़ियों से भी अपील की है कि प्रवेश के दौरान सही दस्तावेज और वास्तविक आयु संबंधी जानकारी ही प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अयोग्यता या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
