अलवर में Yes Bank के ड्रॉप बॉक्स से 7-8 चेक चोरी होने का आरोप; Bank of India में कथित क्लोन चेक से कैश निकासी, ग्राहक ने बैंक कर्मचारियों पर लापरवाही और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया

Private Bank Drop Box से चेक चोरी, क्लोन बनाकर सरकारी बैंक से ₹2.40 लाख निकाले

Roopa
By Roopa
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अलवर: राजस्थान के अलवर शहर में बैंकिंग सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि Yes Bank की भगत सिंह सर्किल शाखा के ड्रॉप बॉक्स से चेक चोरी किए गए और उनमें से एक का क्लोन तैयार कर Bank of India की उसी इलाके की शाखा से ₹2.40 लाख नकद निकाल लिए गए। ठगी का पता तब चला जब मूल चेक बैंक में प्रस्तुत होने के बाद बाउंस हो गया। इसके बाद ग्राहक विनोद कुमार को खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी मिली।

कंपनी बाग इलाके के रहने वाले विनोद कुमार ट्रेडिंग का कारोबार करते हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने 17 जुलाई 2026 को Yes Bank में दो चेक जमा किए थे। इनमें से एक चेक ₹5 लाख का था, जो उसी दिन क्लियर हो गया। दूसरा चेक ₹2.40 लाख का था। आरोप है कि बैंक कर्मचारी ने इसे पहले दिन ड्रॉप बॉक्स में डालने के बजाय अपनी जेब में रखा और अगले दिन बॉक्स में जमा किया। बाद में यह चेक बाउंस हो गया।

दूसरे चेक नंबर से निकली रकम

विनोद कुमार को जब चेक बाउंस होने की जानकारी मिली तो उन्होंने बैंक से संपर्क किया। बैंक कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि इसी नंबर वाले एक दूसरे चेक के जरिए Bank of India से ₹2.40 लाख नकद निकाले जा चुके हैं। इसके बाद कथित तौर पर जांच में सामने आया कि Bank of India में इस्तेमाल किया गया चेक मूल दस्तावेज की कॉपी या क्लोन था।

परिवार का आरोप है कि मूल चेक पर सभी विवरण अंग्रेजी में भरे गए थे, जबकि कथित क्लोन चेक पर विवरण हिंदी में लिखा था। इतना ही नहीं, कथित तौर पर उस चेक पर बैंक का सुरक्षा वॉटरमार्क भी मौजूद नहीं था। इसके बावजूद बैंक से इतनी बड़ी रकम नकद निकाल दी गई।

CCTV में दो युवकों के दिखने का दावा

मामले की जांच के दौरान Yes Bank के CCTV फुटेज में कथित तौर पर दो युवकों की गतिविधियां सामने आईं। बताया गया कि 18 जुलाई को दो युवक बैंक के ATM के पास पहुंचे थे। इनमें से एक बैंक के अंदर गया, जबकि दूसरा बाहर मौजूद रहा। आरोप है कि इसी दौरान ड्रॉप बॉक्स से सात से आठ चेक चोरी किए गए।

इसके बाद 20 जुलाई को कथित क्लोन चेक के जरिए Bank of India की शाखा से ₹2.40 लाख नकद निकाले गए। अलवर शहर में अब तक ऐसे दो मामलों के सामने आने का दावा किया गया है। इनमें एक खाते से ₹2.40 लाख और दूसरे खाते से ₹20,000 निकाले जाने की जानकारी सामने आई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि चेक चोरी का मामला एक से अधिक खातों को निशाना बनाने वाले गिरोह से जुड़ा हो सकता है।

Bank of India पर लापरवाही का आरोप

विनोद कुमार के बेटे हिमांशु गुप्ता ने Bank of India के कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बैंक को चेक की सुरक्षा विशेषताओं की जांच करनी चाहिए थी और बड़ी रकम का नकद भुगतान करने से पहले मूल खाताधारक से पुष्टि की जानी चाहिए थी।

परिवार का आरोप है कि कथित क्लोन चेक पर सुरक्षा वॉटरमार्क नहीं था। इसके बावजूद बैंक कर्मचारियों ने दस्तावेज की पर्याप्त जांच नहीं की। उन्होंने यह भी दावा किया कि रकम लेने आए व्यक्ति से पर्याप्त पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मांगे गए। हालांकि इन आरोपों पर बैंक की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप

पीड़ितों के मुताबिक, उन्होंने 29 जुलाई को कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि DSP कार्यालय की पुलिस टीम भी जांच के सिलसिले में बैंक का तीन बार दौरा कर चुकी है, लेकिन आगे की कार्रवाई नहीं हुई।

इसी बीच पीड़ितों ने बैंक अधिकारियों पर पुलिस शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि बीमा कंपनी के माध्यम से रकम वापस दिलाने में मदद की जाएगी और पुलिस केस दर्ज नहीं कराया जाए। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

2022 में भी 13 चेक चोरी होने का दावा

बताया जा रहा है कि इसी ड्रॉप बॉक्स से जुड़ी ऐसी घटना पहले भी सामने आ चुकी है। वर्ष 2022 में करीब 13 चेक चोरी होने का दावा किया गया था। ये चेक कथित तौर पर उन अभिभावकों के थे, जो Mount Litera G School की फीस जमा करने के लिए बैंक पहुंचे थे।

ताजा घटना के बाद पुलिस और बैंकिंग अधिकारियों के सामने अब ड्रॉप बॉक्स की सुरक्षा, CCTV निगरानी, चेक की समय पर प्रोसेसिंग और नकद भुगतान से पहले पहचान सत्यापन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित क्लोन चेक किसने तैयार किया, चोरी किए गए अन्य चेक का इस्तेमाल हुआ या नहीं और इस पूरे मामले में बैंक के भीतर या बाहर किसी संगठित गिरोह की भूमिका थी या नहीं।

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