स्टील प्लेट लगाकर एटीएम से नकदी फंसाने का आरोप; हरियाणा के नूंह से जुड़े दोनों आरोपी गिरफ्तार, कई पुराने मामलों से भी सामने आए संबंध

ATM में फंसे पैसे चुराने की चाल नाकाम: द्वारका में दो शातिर गिरफ्तार, एक ही दिन की पांच वारदातों का खुलासा

Roopa
By Roopa
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नई दिल्ली। दिल्ली के द्वारका इलाके में एटीएम उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाकर ठगी करने वाले दो कथित शातिर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों एटीएम मशीन के कैश डिस्पेंसर में विशेष रूप से तैयार की गई स्टील प्लेट लगाकर ग्राहकों की नकदी फंसा देते थे और बाद में मौका मिलते ही रकम निकालकर फरार हो जाते थे। पुलिस का दावा है कि इन गिरफ्तारियों के बाद उसी दिन द्वारका क्षेत्र में हुई पांच अन्य एटीएम धोखाधड़ी की घटनाओं का भी खुलासा हो गया है।

घटना उस समय सामने आई जब द्वारका के सेक्टर-7 स्थित एक एटीएम पर देर रात नकदी निकालने पहुंचे एक ग्राहक को खाते से राशि कटने के बावजूद पैसे नहीं मिले। शुरुआत में उसे लगा कि मशीन में तकनीकी खराबी आ गई है, लेकिन कुछ ही देर बाद उसने दो संदिग्ध व्यक्तियों को एटीएम के कैश स्लॉट से एक धातु की प्लेट निकालते देखा। संदेह होने पर उसने शोर मचाया, जिससे आसपास मौजूद लोगों और गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों का ध्यान मौके की ओर गया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद हुसैन और मोहम्मद आबिद के रूप में हुई है। दोनों हरियाणा के नूंह जिले के निवासी बताए गए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर विभिन्न एटीएम केंद्रों पर पहुंचते थे और वहां कैश डिस्पेंसर स्लॉट के भीतर पतली स्टील प्लेट फिट कर देते थे। जब कोई ग्राहक पैसे निकालने का प्रयास करता, तो मशीन से नकदी बाहर आने के बजाय उसी प्लेट में फंस जाती थी। ग्राहक अक्सर इसे मशीन की खराबी समझकर वहां से चला जाता और इसके बाद आरोपी वापस आकर फंसी हुई रकम निकाल लेते थे।

मामले में अहम मोड़ तब आया जब क्षेत्र में नियमित गश्त कर रहे एक पुलिसकर्मी ने मौके पर पहुंचकर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वह नकदी बरामद कर ली, जो कथित तौर पर एटीएम से निकाली गई थी। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल और तीन स्टील प्लेट भी जब्त की गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि यही उपकरण अपराध को अंजाम देने के लिए उपयोग किए जाते थे।

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प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को पता चला कि दोनों आरोपी पहले भी इसी प्रकार की गतिविधियों में शामिल रहे हैं। जांच में सामने आया कि मोहम्मद आबिद के खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि मोहम्मद हुसैन का नाम चार पुराने मामलों में सामने आ चुका है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या दोनों किसी बड़े गिरोह का हिस्सा थे या स्वतंत्र रूप से इस प्रकार की ठगी को अंजाम दे रहे थे।

जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी से द्वारका क्षेत्र में एक ही दिन में दर्ज पांच एटीएम धोखाधड़ी की घटनाओं का भी खुलासा हुआ है। पुलिस विभिन्न एटीएम केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों ने अन्य इलाकों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया था या नहीं। यदि अन्य मामलों से संबंध सामने आते हैं तो आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि एटीएम से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों में अपराधी अक्सर तकनीकी कमियों और लोगों की जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। उनके अनुसार यदि किसी एटीएम में राशि कट जाए लेकिन नकदी प्राप्त न हो, तो ग्राहक को तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करना चाहिए तथा मशीन के आसपास मौजूद संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एटीएम उपयोग के दौरान सतर्कता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि एटीएम का उपयोग करते समय कैश स्लॉट और मशीन के अन्य हिस्सों पर असामान्य वस्तुओं या छेड़छाड़ के संकेतों पर ध्यान दें। यदि किसी मशीन से नकदी नहीं निकलती लेकिन खाते से राशि कट जाती है, तो तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पुलिस उनके संभावित नेटवर्क तथा अन्य मामलों से संबंधों की जांच में जुटी हुई है।

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