ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे में पुलिस ने सातारा स्थित एक एग्रीबिजनेस कंपनी के CEO और तीन पार्टनर्स के खिलाफ ₹40 लाख की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी ने FMCG फर्म पिटांबरी प्रोडक्ट्स को बाजार की तुलना में कम कीमत पर गुड़ पाउडर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था। कारोबारी समझौते के बाद पिटांबरी प्रोडक्ट्स ने सितंबर 2024 में कंपनी को ₹40 लाख एडवांस के तौर पर दिए, लेकिन आरोपियों ने तय मात्रा में गुड़ पाउडर की आपूर्ति नहीं की।
पुलिस के अनुसार, शिकायत पिटांबरी प्रोडक्ट्स की ओर से की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सातारा की एग्रीबिजनेस कंपनी Synergy Hitech Agro ने कम कीमत पर गुड़ पाउडर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था। दोनों कंपनियों के बीच सितंबर 2024 में कारोबारी समझौता हुआ। समझौते के तहत सामान की आपूर्ति से पहले एडवांस भुगतान की व्यवस्था तय की गई थी।
आरोप है कि इसी व्यवस्था के तहत पिटांबरी प्रोडक्ट्स ने संबंधित कंपनी को ₹40 लाख ट्रांसफर किए। भुगतान इस उम्मीद के साथ किया गया था कि समझौते में तय शर्तों के अनुसार निर्धारित मात्रा में गुड़ पाउडर उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, रकम मिलने के बाद कथित तौर पर कंपनी ने सामान की आपूर्ति नहीं की।
पुलिस की शुरुआती जांच में आरोप है कि एडवांस रकम प्राप्त करने के बावजूद आरोपियों ने कारोबारी समझौते के मुताबिक माल उपलब्ध नहीं कराया। शिकायतकर्ता कंपनी का आरोप है कि रकम को उस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने के बजाय आरोपियों ने कथित तौर पर अपने निजी आर्थिक लाभ के लिए दूसरी जगह लगा दिया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ₹40 लाख की रकम किन बैंक खातों में गई और उसके बाद उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
पुलिस के मुताबिक, कथित घटनाक्रम 1 सितंबर 2024 से 13 अगस्त 2026 के बीच का है। इस अवधि में दोनों कंपनियों के बीच हुए समझौते, भुगतान, माल की आपूर्ति और उसके बाद की बातचीत को जांच के दायरे में लिया गया है। शिकायत मिलने के बाद 13 अगस्त को नौपाड़ा पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, साझा मंशा से किए गए कृत्य और बेईमानी से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है और आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी हैं।
जांच के दौरान पुलिस दोनों कंपनियों के बीच हुए कारोबारी समझौते और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी। इसके साथ ही ₹40 लाख के बैंक ट्रांसफर, भुगतान की तारीख, संबंधित बैंक खातों और रकम के बाद के लेनदेन की भी पड़ताल की जाएगी। पुलिस यह भी देखेगी कि आरोपियों और शिकायतकर्ता कंपनी के बीच भुगतान तथा माल की आपूर्ति को लेकर किस तरह की बातचीत हुई थी।
जांच में कंपनी के कारोबारी रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट, चालान, बिल, ईमेल, मोबाइल संदेश और अन्य संचार माध्यमों को भी शामिल किया जा सकता है। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि गुड़ पाउडर की आपूर्ति के लिए वास्तव में कितनी मात्रा तय हुई थी, उसकी कीमत क्या थी और एडवांस लेने के बाद कंपनी ने सामान उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए।
यह मामला ऐसे कारोबारी लेनदेन में वित्तीय जोखिम को भी सामने लाता है, जहां बाजार दर से काफी कम कीमत पर सामान उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया जाता है और उसके लिए पहले बड़ी रकम एडवांस में ली जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे सौदों में कंपनी की वित्तीय स्थिति, पिछले कारोबारी रिकॉर्ड, आपूर्ति क्षमता और बैंकिंग विवरण की उचित जांच महत्वपूर्ण होती है।
नौपाड़ा पुलिस अब पूरे लेनदेन और कथित रकम के इस्तेमाल की कड़ियां जोड़ रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि ₹40 लाख का भुगतान किस खाते में पहुंचा, उसके बाद रकम कहां गई और क्या इसे वास्तव में कारोबारी उद्देश्य के बजाय निजी इस्तेमाल में लगाया गया। पुलिस के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज है और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
