सहारनपुर नकुड़ बिजली कार्यालय में ₹32 लाख राजस्व गबन मामले में अधिशासी अभियंता समेत 6 कर्मचारियों का निलंबन; टीजी-2 फरार।

उपभोक्ताओं से वसूले ₹32 लाख गायब, अधिशासी अभियंता समेत छह बिजलीकर्मी निलंबित

Team The420
4 Min Read

सहारनपुर जिले के नकुड़ क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं से वसूले गए करीब ₹32 लाख विभागीय कोष में जमा न होने का मामला सामने आने के बाद पावर कॉरपोरेशन में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में अधिशासी अभियंता समेत छह कर्मचारियों को दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी माने गए टीजी-2 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

₹32 लाख का गबन उजागर

विभागीय सूत्रों के अनुसार, उपभोक्ताओं से बिल वसूली के रूप में प्राप्त राजस्व नियमित प्रक्रिया के तहत कार्यालय कोष में जमा किया जाना था, लेकिन संबंधित अवधि में जमा रिकॉर्ड और वसूली रजिस्टर का मिलान करने पर ₹32 लाख की कमी सामने आई। मामले की शिकायत उच्च स्तर तक पहुंचने पर विस्तृत जांच कराई गई, जिसमें वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई।

Certified Cyber Crime Investigator Course Launched by Centre for Police Technology

छह कर्मचारियों पर कार्रवाई

जांच में पाया गया कि वसूली गई रकम विभागीय खातों में जमा नहीं की गई और लेखा अभिलेखों में भी विसंगतियां दर्ज हैं। दस्तावेजों के सत्यापन, कैश बुक मिलान और बैंक एंट्री की जांच के दौरान कई स्तरों पर लापरवाही और कथित मिलीभगत के संकेत मिले। इसके बाद प्रशासन ने अधिशासी अभियंता, सहायक लेखाकार, एक लेखाकार तथा दो लिपिकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

मुख्य रूप से जिम्मेदार पाए गए टीजी-2 के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आपराधिक जांच में यह पता लगाया जाएगा कि रकम व्यक्तिगत स्तर पर गबन की गई या किसी संगठित तरीके से धन का दुरुपयोग हुआ।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व वसूली की निगरानी, लेखा सत्यापन और जमा प्रक्रिया में कई स्तरों पर नियंत्रण तंत्र का पालन नहीं किया गया। नियमित ऑडिट और मिलान प्रक्रिया समय पर न होने से अनियमितता लंबे समय तक सामने नहीं आ सकी।

जांच और सुधार उपाय

विभाग ने संबंधित अवधि के सभी वित्तीय अभिलेख जब्त कर लिए हैं और बैंक खातों का मिलान दोबारा कराया जा रहा है। साथ ही, नकुड़ क्षेत्र की वसूली व्यवस्था की विशेष ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अन्य किसी उपभोक्ता से वसूली गई रकम भी लंबित न हो।

सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या नकद वसूली की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया गया और क्या निर्धारित समयसीमा के भीतर जमा न करने की प्रवृत्ति पहले से चल रही थी। विभाग ने कैश हैंडलिंग और लेखा प्रणाली में डिजिटल ट्रैकिंग और दैनिक मिलान की व्यवस्था लागू करने पर भी विचार शुरू किया है।

अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक जांच भी जारी रहेगी। यदि आगे और कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पावर कॉरपोरेशन ने सभी फील्ड इकाइयों को निर्देश जारी कर राजस्व वसूली और जमा प्रक्रिया का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, लंबित जमा मामलों की समीक्षा कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के आदेश दिए गए हैं।

प्रकरण से यह संकेत मिलता है कि राजस्व प्रबंधन और लेखा निगरानी में चूक होने पर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं से वसूली गई प्रत्येक राशि का पारदर्शी लेखा-जोखा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र को और सख्त किया जाएगा।

हमसे जुड़ें

Share This Article