सहारनपुर। रक्षा मंत्रालय में कारोबार और बड़े टेंडर दिलाने का झांसा देकर एक कारोबारी से ₹15.69 लाख की कथित ठगी के मामले में वांछित आरोपी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अमित कुमार उर्फ आदित्य राज के रूप में हुई है। उस पर पुलिस ने ₹25 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। तितरोन थाना पुलिस की टीम ने उसे दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने और शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी हैं।
मामले में शिकायतकर्ता धर्मवीर की तहरीर पर 18 फरवरी 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की थी। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने धर्मवीर को दिल्ली कैंटोनमेंट में रक्षा मंत्रालय से जुड़े बड़े कारोबार और टेंडर दिलाने का भरोसा दिया था। इसी झांसे में उसने अलग-अलग माध्यमों से कुल ₹15 लाख 69 हजार 500 रुपये कथित तौर पर ले लिए।
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जांच के दौरान पुलिस ने अमित कुमार उर्फ आदित्य राज को मामले में आरोपी के तौर पर चिन्हित किया। बैंक लेनदेन की पड़ताल में सामने आया कि 6 दिसंबर 2024 को उसके एक्सिस बैंक खाते में ₹8 लाख ट्रांसफर किए गए थे। इसके अगले दिन यानी 7 दिसंबर 2024 को इसी खाते में ₹3 लाख और भेजे गए। पुलिस ने इन लेनदेन को मामले की जांच में अहम वित्तीय साक्ष्य माना है।
शिकायत के अनुसार, रकम लेने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज तैयार किए, जिनसे यह भरोसा कायम हो कि रक्षा मंत्रालय से संबंधित काम और टेंडर दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। बाद में कारोबारी को कथित धोखाधड़ी का पता चला। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने या मामले को लेकर दबाव बनाने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपी की तलाश शुरू की गई, लेकिन वह लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा। अदालत ने 16 जून 2026 को उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बावजूद आरोपी के नहीं मिलने पर पुलिस टीमों ने उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। बाद में उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने वाले के लिए ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया।
लगातार तलाश के बाद पुलिस टीम को आरोपी के दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में रहने की जानकारी मिली। इसके आधार पर 30 सितंबर 2026 को पुलिस ने वहां दबिश देकर अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी दिल्ली में रोहिणी सेक्टर-16 में रह रहा था, जबकि उसका स्थायी पता जौनपुर जिले के केराकत थाना क्षेत्र के तुसौरी गांव का है।
पूछताछ के दौरान पुलिस के मुताबिक, अमित ने बताया कि उसने धर्मवीर को दिल्ली कैंटोनमेंट में रक्षा मंत्रालय से जुड़े कारोबार और टेंडर दिलाने का भरोसा देकर अपने संपर्क में लिया था। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से उससे रकम ली गई। पुलिस ने कहा कि पूछताछ में आरोपी ने अपने बैंक खाते में ₹8 लाख और ₹3 लाख की रकम जमा होने की बात स्वीकार की है।
पुलिस अब कथित ठगी की पूरी रकम के लेनदेन, फर्जी दस्तावेजों की तैयारी और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने रक्षा मंत्रालय के नाम या उससे जुड़े टेंडर का भरोसा किस आधार पर दिया और क्या इसी तरीके से उसने अन्य लोगों को भी निशाना बनाया था।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। जांच में सामने आने वाले दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कथित धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों की आगे पुष्टि की जाएगी।
