अमेरिका में रह रहे शरणार्थी से शादी कराने का झांसा देकर रकम लेने का आरोप; वीजा, दस्तावेज और अन्य खर्चों के नाम पर परिवार से लिए गए पैसे, न शादी हुई न रकम वापस मिली

कनाडा में बसाने और शादी कराने के नाम पर ₹46 लाख की ठगी, मोगा में चार पर केस

Roopa
By Roopa
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मोगा: पंजाब के मोगा में कनाडा में स्थायी रूप से बसाने और अमेरिका में रह रहे शरणार्थी से शादी कराने का झांसा देकर करीब ₹46 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में केस दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपियों ने परिवार को विदेश भेजने और शादी कराने का भरोसा देकर अलग-अलग चरणों में वीजा प्रक्रिया, दस्तावेज, यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर बड़ी रकम ली। बाद में न तो तय वादे पूरे किए गए और न ही रकम वापस की गई।

मामले में नामजद आरोपियों की पहचान वीरपाल कौर, उसके पिता सुखजिंदर सिंह, मां कमलजीत कौर और सुखविंदर कौर के रूप में हुई है। सभी आरोपी धर्मकोट के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने निहाल सिंह वाला थाने में माचिके गांव निवासी 40 वर्षीय जगदीप सिंह की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है।

शिकायत के अनुसार, जगदीप सिंह के भाई जोरावर सिंह के लिए आरोपियों ने वीरपाल कौर के साथ शादी का प्रस्ताव रखा था। जोरावर सिंह वर्तमान में अमेरिका में शरणार्थी के तौर पर रह रहा है। आरोपियों ने कथित तौर पर परिवार को भरोसा दिलाया कि शादी के बाद वीरपाल को कनाडा भेज दिया जाएगा और वह वहां स्थायी रूप से बस जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में परिवार से सहयोग और खर्च के नाम पर रकम मांगी गई।

आरोप है कि परिवार ने आरोपियों की बात पर भरोसा करते हुए प्रस्तावित शादी और विदेश भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पैसे देना शुरू किया। आरोपियों ने कथित तौर पर वीजा प्रक्रिया, दस्तावेज तैयार कराने, यात्रा खर्च और कनाडा में बसने से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं का हवाला देकर अलग-अलग समय पर रकम ली। धीरे-धीरे परिवार से करीब ₹46 लाख लिए गए।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद न तो शादी की प्रक्रिया पूरी हुई और न ही वीरपाल को कनाडा भेजने की व्यवस्था की गई। जब परिवार ने आरोपियों से किए गए वादे पूरे करने या रकम वापस करने की मांग की तो कथित तौर पर कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला।

जगदीप सिंह ने 28 फरवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। जांच के दौरान पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों, कथित लेनदेन और अन्य संबंधित तथ्यों की पड़ताल की। जांच में आरोपों से प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के संकेत मिलने के बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति दिलाने तथा धारा 120-बी के तहत आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

जांच के दौरान पुलिस कथित तौर पर ₹46 लाख की रकम के लेनदेन, बैंक रिकॉर्ड, बातचीत, दस्तावेजों और शादी तथा विदेश भेजने से संबंधित अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि रकम किस-किस खाते में पहुंची और क्या इस कथित धोखाधड़ी में आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

इस तरह के मामलों में विदेश भेजने और शादी के नाम पर किए जाने वाले मौखिक वादों के बजाय दस्तावेजी प्रक्रिया और अधिकृत माध्यमों की पुष्टि करना जरूरी है। खासकर कनाडा या अमेरिका में बसने के नाम पर बड़ी रकम देने से पहले वीजा प्रक्रिया, संबंधित दस्तावेज और भुगतान की वैधता की स्वतंत्र रूप से जांच की जानी चाहिए।

पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई और जांच जारी रखी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

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