अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में ₹42 करोड़ की कथित रूप से बैंक खाते में फंसी रकम को निकलवाने का भरोसा देकर एक कारोबारी से ₹28.37 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। निकोल निवासी 34 वर्षीय जलपिन मगनभाई भीमानी ने सीआईडी क्राइम की आर्थिक अपराध निवारण शाखा (EOPB) में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कारोबारी ने आरोप लगाया है कि अनिल भीखाभाई विभानी उर्फ बरोट और उसकी बेटी राजवी अनिलभाई विभानी ने ऊंचे स्तर के पुलिस और सरकारी अधिकारियों से संपर्क होने का दावा करते हुए रकम वापस दिलाने का भरोसा दिया था।
जलपिन भीमानी JMB Wealth Management Private Limited में निदेशक हैं। शिकायत के मुताबिक, मार्च 2024 में उनके वकील मित्र हितेंद्रभाई डी. राजपूत के माध्यम से उनकी मुलाकात अनिल विभानी और उसकी बेटी राजवी से हुई। बातचीत के दौरान कथित तौर पर बैंक खाते में वर्ष 2021-22 से फंसी करीब ₹42 करोड़ की रकम का मामला सामने आया। आरोपियों ने दावा किया कि उनके प्रभावशाली लोगों से संबंध हैं और वे अपने संपर्कों के जरिए रकम निकलवाने में मदद कर सकते हैं।
शिकायत के अनुसार, 30 मार्च 2024 को अनिल विभानी के घर हुई मुलाकात में आरोपियों ने खुद को अहमदाबाद और सूरत में जमीन व संपत्ति के कारोबार से जुड़े ब्रोकर और एजेंट बताया। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ₹42 करोड़ की रकम छुड़ाने के लिए शुरुआत में ₹25 लाख देने होंगे। आरोपियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया करीब एक महीने में पूरी हो जाएगी और अप्रैल के अंत तक कथित रूप से ₹5 करोड़ की रकम वापस मिल सकती है।
आरोप है कि ₹25 लाख की व्यवस्था करने के लिए जलपिन भीमानी और उनके बड़े भाई मयूर ने रिश्तेदारों और दोस्तों से उधार लिया तथा सोना गिरवी रखा। शिकायतकर्ता के अनुसार, 1 से 5 अप्रैल 2024 के बीच ₹25 लाख दो किस्तों में आरोपियों को दिए गए।
इसके करीब एक सप्ताह बाद अनिल विभानी ने कथित तौर पर ₹3.5 लाख और मांगे। उसने दावा किया कि यह रकम एक वरिष्ठ अधिकारी के सामने जलपिन को अपना कारोबारी साझेदार दिखाने के लिए जरूरी है। शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में इनकार करने के बाद जलपिन ने रकम की व्यवस्था की। उन्होंने 13 अप्रैल को RTGS के जरिए ₹2 लाख, 15 अप्रैल को IMPS से ₹1.25 लाख और 17 अप्रैल को IMPS के जरिए ₹12,500 का भुगतान किया। इस तरह आरोपियों को दी गई कुल रकम ₹28.37 लाख हो गई।
हालांकि, अप्रैल के अंत तक न तो ₹42 करोड़ की कथित रकम वापस मिली और न ही वादा पूरा हुआ। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर अलग-अलग कारण बताते हुए जलपिन से इंतजार करने को कहा। शिकायत में आरोप है कि बाद में जमीन बेचकर रकम की व्यवस्था करने की बात कही गई और गांधीनगर के झुंडाल गांव की कुछ जमीन से संबंधित दस्तावेज भी दिखाए गए।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने पर उसे लगातार टाल दिया गया। जब उसने अपने सहयोगियों के साथ भुगतान के लिए दबाव बनाया तो आरोपी कथित तौर पर नाराज हो गए, गाली-गलौज की और धमकी भी दी। बाद में रकम लौटाने से इनकार करने का आरोप है।
शिकायत में चेक के जरिए भुगतान की कोशिश का भी उल्लेख है। जलपिन के मुताबिक, सितंबर 2025 में उन्हें ₹15 लाख का एक चेक दिखाया गया। बाद में उनके वकील मित्र के माध्यम से दूसरा ₹15 लाख का चेक दिया गया। 23 जनवरी 2026 की तारीख वाला यह चेक कथित तौर पर “Funds Insufficient” टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया। इससे पहले दिसंबर 2025 में ₹5 लाख ट्रांसफर किए जाने और शेष रकम एक सप्ताह में अंगड़िया के जरिए देने का भरोसा देने का भी आरोप है, लेकिन बाकी रकम नहीं मिली।
जलपिन ने शिकायत में अनिल विभानी के खिलाफ अहमदाबाद और सूरत में दर्ज बताए जा रहे कुछ मामलों का भी उल्लेख किया है। इनमें कथित धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, धमकी और संपत्ति विवाद से जुड़े मामले शामिल हैं। इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच की जानी बाकी है।
सीआईडी क्राइम की EOPB ने शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। जांच में बैंक लेनदेन, खातों, संचार रिकॉर्ड, चेक, संपत्ति दस्तावेज और आरोपियों द्वारा किए गए संपर्क संबंधी दावों की पड़ताल की जाएगी। शिकायत में लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं और आरोपियों की भूमिका अदालत में साबित होना बाकी है।
