अहमदाबाद: कनाडा में नौकरी और वर्क परमिट दिलाने के नाम पर अहमदाबाद के एक 22 वर्षीय युवक से कथित तौर पर ₹6 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। युवक ने डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (DCB) में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि एक वीजा कंसल्टेंट ने तीन महीने के भीतर कनाडा का वर्क परमिट दिलाने का भरोसा देकर उससे एडवांस रकम ली, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी न तो वीजा मिला और न ही रकम वापस की गई। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता एक सोलर एनर्जी कंपनी में सर्विस इंजीनियर के तौर पर काम करता है। वह कनाडा में नौकरी के लिए वर्क वीजा हासिल करना चाहता था और इसके लिए एक एजेंट की तलाश कर रहा था। इसी दौरान एक परिचित के माध्यम से उसकी मुलाकात सोला इलाके में वीजा कंसल्टेंसी कार्यालय चलाने वाले व्यक्ति से हुई। जनवरी 2024 में हुई मुलाकात के दौरान कंसल्टेंट ने उसे कनाडा का वर्क परमिट दिलाने का भरोसा दिया।
आरोप के मुताबिक, कंसल्टेंट ने पूरी प्रक्रिया के लिए ₹20 लाख फीस बताई। उसने शुरुआत में ₹6 लाख एडवांस मांगे और कहा कि बाकी ₹14 लाख की रकम युवक के कनाडा पहुंचने के बाद ली जाएगी। युवक ने 6 मार्च 2024 को आरोपी को ₹6 लाख नकद दिए। रकम लेने के बाद कंसल्टेंट ने अपनी कंपनी की रसीद बुक से भुगतान की रसीद भी जारी की। इसके साथ ही युवक के पासपोर्ट समेत जरूरी दस्तावेजों की प्रतियां भी अपने पास रख लीं।
रकम और दस्तावेज लेने के बाद कंसल्टेंट ने युवक और उसके पिता को भरोसा दिलाया कि करीब तीन महीने में वर्क वीजा की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। हालांकि, तीन महीने बीतने के बाद भी युवक को कनाडा जाने की अनुमति या वर्क परमिट नहीं मिला। जब युवक और उसके पिता ने कंसल्टेंट से संपर्क किया तो उसने और समय मांगा। उसने कथित तौर पर कहा कि मेडिकल जांच और वीजा प्रोसेसिंग की प्रक्रिया अभी चल रही है और जल्द ही काम पूरा हो जाएगा।
लगातार देरी के बाद युवक को कंसल्टेंट के दावे पर संदेह होने लगा। सितंबर 2024 के आसपास जब वह उसके सोला स्थित कार्यालय पहुंचा तो कार्यालय बंद मिला। इसके बाद आरोपी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कथित तौर पर उसने कॉल का जवाब देना बंद कर दिया। युवक और उसके पिता ने कई बार ₹6 लाख वापस करने की मांग की, लेकिन रकम लौटाई नहीं गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने पहले मामले को लेकर क्राइम ब्रांच में आवेदन दिया था। इसके बाद उसने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब आरोपी द्वारा लिए गए पैसे, जारी की गई रसीद, युवक के दस्तावेजों और वीजा प्रक्रिया के नाम पर किए गए दावों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी कनाडा या दूसरे देशों का वर्क परमिट दिलाने के नाम पर रकम तो नहीं ली।
कनाडा समेत विदेशों में रोजगार दिलाने के नाम पर फर्जी वीजा और वर्क परमिट का लालच देकर रकम वसूलने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में एजेंट की वैधता, कंपनी का पंजीकरण, लिखित अनुबंध और भुगतान का रिकॉर्ड जांचना जरूरी माना जाता है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
