मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले में अवैध कोयला खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने 17,000 मीट्रिक टन से अधिक अवैध रूप से निकाला गया कोयला और 25.5 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की है। यह कार्रवाई 20–21 फरवरी की रात परित्यक्त खदानों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान की गई।
हालांकि इस ऑपरेशन में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि जब्त सामग्री अवैध खनन नेटवर्क की व्यापकता को दर्शाती है और इससे जुड़े लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है।
खदान विस्फोट के बाद तेज हुई कार्रवाई
राज्य में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई उस घातक खदान विस्फोट के बाद तेज की गई है, जो 5 फरवरी को थांगस्कू क्षेत्र में हुआ था और जिसमें 34 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने राज्य में रैट-होल खनन की समस्या और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
विस्फोट के बाद पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके तहत अब तक 94 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन, भंडारण और परिवहन में शामिल पूरे नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
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परित्यक्त खदानों में छिपाया गया था कोयला
जांचकर्ताओं के अनुसार बड़ी मात्रा में कोयला परित्यक्त खदानों में छिपाकर रखा गया था, जिससे संकेत मिलता है कि अवैध खनन गतिविधियां विस्फोट के बाद भी जारी थीं। जब्त विस्फोटक सामग्री से यह भी स्पष्ट हुआ है कि खनन कार्य में सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर खतरनाक तरीके अपनाए जा रहे थे।
पुलिस का मानना है कि इस तरह की सामग्री का उपयोग अवैध खनन को तेज करने के लिए किया जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
SIT और न्यायिक जांच
राज्य सरकार ने खदान विस्फोट की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। साथ ही पूरे मामले की पड़ताल के लिए एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच समिति भी बनाई गई है।
जांच का फोकस न केवल विस्फोट के कारणों पर है, बल्कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध खनन गतिविधियां किस स्तर पर और किन संरचनात्मक खामियों के कारण जारी रहीं।
संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान जारी रहेगा
अधिकारियों ने कहा कि ईस्ट जैंतिया हिल्स के संवेदनशील इलाकों में प्रवर्तन अभियान जारी रहेगा और अवैध खनन से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिवहन मार्गों, भंडारण स्थलों और खदान क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध कोयला निकासी, स्टॉकिंग और ट्रांसपोर्टेशन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।
सुरक्षा और पर्यावरण पर चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि रैट-होल खनन न केवल श्रमिकों के लिए अत्यंत खतरनाक है, बल्कि इससे पर्यावरणीय क्षति भी होती है। संकरी सुरंगों में विस्फोटकों का उपयोग दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ाता है और आसपास के क्षेत्रों में भू-जल और भूमि पर भी असर डालता है।
हालिया कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि प्रशासन अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए अधिक कठोर रुख अपना रहा है, लेकिन लंबे समय तक प्रभावी रोक के लिए सतत निगरानी और वैकल्पिक आजीविका विकल्पों की भी आवश्यकता होगी।
जांच एजेंसियों ने कहा है कि जब्त सामग्री की फॉरेंसिक जांच की जाएगी और इससे जुड़े लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
