पुर्तगाल वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से धोखाधड़ी का आरोप; बैंक रिकॉर्ड, यात्रा दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और फोरेंसिक जांच के आधार पर कार्रवाई

विदेश नौकरी वीजा के नाम पर ठगी: जम्मू के युवक के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने दाखिल की चार्जशीट

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By Roopa
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जम्मू: विदेश में नौकरी और वर्क वीजा दिलाने के नाम पर कई लोगों से कथित धोखाधड़ी के मामले में जम्मू क्राइम ब्रांच की स्पेशल क्राइम विंग (SCW) ने आरोपी कार्तिक चौधरी के खिलाफ सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। आरोपी जम्मू के आरएस पुरा क्षेत्र के पुराना पिंड का निवासी बताया गया है। जांच एजेंसी ने चार्जशीट के साथ गवाहों की सूची और मामले में भरोसा किए गए दस्तावेज भी अदालत के समक्ष पेश किए हैं।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, मामला शुरुआत में पुर्तगाल वर्क वीजा दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी की एक शिकायत से सामने आया था। शिकायत की प्रारंभिक जांच के दौरान सात अन्य लोग भी सामने आए और उन्होंने आरोपी पर इसी तरह की धोखाधड़ी के आरोप लगाए। इन शिकायतों को जांच में शामिल किया गया। प्रारंभिक सत्यापन के दौरान आरोपों में प्रथम दृष्टया तथ्य पाए जाने के बाद क्राइम ब्रांच ने औपचारिक मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।

जांच के दौरान एजेंसी ने आरोपी और शिकायतकर्ताओं के बीच हुए कथित वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की। इसके लिए बैंक रिकॉर्ड, चेक से संबंधित दस्तावेज, यात्रा दस्तावेज, शिकायतकर्ताओं और गवाहों के बयान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तथा फोरेंसिक सामग्री की जांच की गई। जांचकर्ताओं ने उन दस्तावेजों को भी खंगाला, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर विदेश में रोजगार और वीजा दिलाने के दावों के समर्थन में किया गया था।

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, मामले में कुछ हस्ताक्षरों की भी फोरेंसिक जांच कराई गई। संदिग्ध दस्तावेजों पर मौजूद हस्ताक्षरों की तुलना आरोपी के नमूना हस्ताक्षरों से की गई। एजेंसी का दावा है कि फोरेंसिक परीक्षण में इन हस्ताक्षरों के बीच पुष्टि हुई। इस जांच से मिले निष्कर्षों को भी चार्जशीट में शामिल साक्ष्यों का हिस्सा बनाया गया है।

मामला विदेश में रोजगार तलाशने वाले लोगों को निशाना बनाए जाने के आरोपों से जुड़ा है। ऐसे मामलों में नौकरी और वर्क वीजा दिलाने के नाम पर एजेंट या बिचौलिये बड़ी रकम लेने के बाद वीजा या रोजगार उपलब्ध नहीं कराते। जांच एजेंसी ने इस मामले में वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की कथित भूमिका स्थापित करने का प्रयास किया है।

इसी बीच जम्मू क्राइम ब्रांच ने श्रीनगर स्थित एक कारोबारी प्रतिष्ठान के खिलाफ भी अलग मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई मॉड्यूलर किचन का काम कराने के नाम पर रकम लेने और कथित तौर पर काम पूरा नहीं करने से संबंधित कई शिकायतों के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ताओं ने धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए हैं।

दूसरे मामले में जम्मू की सैनिक कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि श्रीनगर निवासी साजद अहमद वानी ने उससे अपने प्रतिष्ठान मेसर्स चौधरी एंटरप्राइजेज फोरम की ओर से घर में मॉड्यूलर किचन लगाने के लिए संपर्क किया था। शिकायतकर्ता के लिए जे-के बैंक की गोले गुजराल शाखा से ₹5 लाख का ऋण स्वीकृत हुआ था। इसके बाद यह रकम संबंधित प्रतिष्ठान को परियोजना पूरी करने के लिए ट्रांसफर की गई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम मिलने के बावजूद बार-बार अनुरोध करने पर भी मॉड्यूलर किचन का काम पूरा नहीं किया गया और भुगतान की गई राशि भी वापस नहीं की गई। क्राइम ब्रांच को दो अन्य लोगों से भी इसी प्रतिष्ठान के खिलाफ ऐसी ही शिकायतें मिलीं। दोनों ने आरोप लगाया कि भुगतान लेने के बाद उनके प्रोजेक्ट भी पूरे नहीं किए गए।

प्रारंभिक सत्यापन में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद क्राइम ब्रांच ने संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। जांचकर्ता भुगतान रिकॉर्ड, बातचीत, परियोजना से जुड़े दस्तावेज और रकम प्राप्त करने के बाद की गतिविधियों की पड़ताल कर रहे हैं।

कार्तिक चौधरी के खिलाफ दाखिल चार्जशीट के बाद वीजा धोखाधड़ी मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच गया है, जबकि मॉड्यूलर किचन से जुड़ा मामला अभी जांच के चरण में है। दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और अदालत की प्रक्रिया के आधार पर होगी।

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