गाजियाबाद: राजनगर एक्सटेंशन की एक हाई-प्रोफाइल सोसाइटी में रहने वाले कारोबारी ने चार लोगों पर करीब ₹11 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित संदीप गोयल की शिकायत पर नंदग्राम थाना पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपियों ने विभिन्न कंपनियों में निवेश कराने और बेहतर मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करीब चार वर्षों तक अलग-अलग चरणों में रकम ली। शुरुआत में कथित तौर पर ₹10 लाख का लाभ देकर पीड़ित का भरोसा जीता गया और इसके बाद निवेश की रकम लगातार बढ़ाई जाती रही।
शिकायत के अनुसार, आरोपी रेनू चौहान, सौरभ चौहान, रवि राणा और दयावती पर आरोप है कि उन्होंने पीड़ित को विभिन्न कंपनियों और कारोबारों में निवेश करने का प्रस्ताव दिया। इनमें एमवे और अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का नाम भी शामिल बताया गया है। आरोपियों ने कथित तौर पर निवेश पर आकर्षक रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया और पीड़ित को यह विश्वास दिलाया कि उनके पास ऐसे कारोबारी संपर्क हैं, जिनके माध्यम से निवेश सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है।
पीड़ित का आरोप है कि शुरुआत में आरोपियों ने निवेश के बदले करीब ₹10 लाख का लाभ दिलाया। इस शुरुआती रिटर्न से उनका भरोसा बढ़ गया और उन्होंने आरोपियों की बताई योजनाओं में अधिक धनराशि लगानी शुरू कर दी। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर निवेश का दायरा बढ़ाते हुए अलग-अलग कंपनियों और कारोबारों में पैसा लगाने की बात कही। पीड़ित के अनुसार, चार वर्षों के दौरान उनसे बड़ी रकम विभिन्न माध्यमों से ली गई।
मामले में आरोप है कि हरियाणा और दिल्ली से जुड़े आरोपियों ने पीड़ित को कई व्यापारियों और उद्योगपतियों से भी मिलवाया। इन मुलाकातों का कथित तौर पर इस्तेमाल निवेश संबंधी प्रस्तावों को विश्वसनीय दिखाने और कारोबारी नेटवर्क का भरोसा पैदा करने के लिए किया गया। पीड़ित को लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि उसकी रकम कंपनियों और कारोबार में निवेश की जा रही है और भविष्य में उसे पर्याप्त मुनाफा मिलेगा।
हालांकि, समय बीतने के साथ निवेश की गई रकम की वापसी और अपेक्षित मुनाफे को लेकर स्थिति कथित तौर पर बदलने लगी। पीड़ित को अपने पैसे की स्थिति और निवेश से जुड़े विवरणों को लेकर संदेह हुआ। जब उसने रकम और निवेश की जानकारी मांगी तो कथित तौर पर उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की।
शिकायत के आधार पर नंदग्राम थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन का रिकॉर्ड जुटा रही है। बैंक खातों, भुगतान के माध्यम, निवेश से संबंधित दस्तावेज और आरोपियों के कारोबारी संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
जांच का एक अहम पहलू यह पता लगाना है कि शिकायतकर्ता से कथित तौर पर ली गई ₹11 करोड़ की रकम वास्तव में कहां गई। पुलिस यह भी जांच करेगी कि जिन कंपनियों में निवेश का दावा किया गया, उनमें वास्तव में कोई निवेश हुआ था या नहीं। इसके साथ ही उन व्यापारियों और उद्योगपतियों की भूमिका या जानकारी भी जांच के दायरे में आ सकती है, जिनसे पीड़ित की मुलाकात कराई गई थी।
पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आए दस्तावेजों और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की जांच की जा रही है। आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
