चेन्नई: वित्तीय धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने के प्रयास के मामले में फरार चल रहे पेरम्बलूर के एक व्यक्ति को सिंगापुर से लौटते ही चेन्नई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। आरोपी की पहचान 38 वर्षीय संपत के रूप में हुई है। वह पेरम्बलूर जिला आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच के दायरे में था। उसके खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल से संपत्तियां हासिल करने की कोशिश से संबंधित शिकायतें दर्ज थीं। विदेश भाग जाने के बाद पुलिस ने उसे वांछित आरोपी घोषित कर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था।
पुलिस के अनुसार, संपत के खिलाफ पेरम्बलूर जिले में आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों की जांच चल रही थी। आरोप है कि उसने वित्तीय लेनदेन में धोखाधड़ी के अलावा फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जमीन और अन्य संपत्तियों पर अधिकार हासिल करने का प्रयास किया। शिकायतों के आधार पर पेरम्बलूर जिला आर्थिक अपराध शाखा उसकी तलाश कर रही थी। जांच आगे बढ़ने के दौरान आरोपी विदेश चला गया और लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा।
विदेश में रहने के कारण जांच एजेंसियों के लिए उसकी गिरफ्तारी चुनौती बन गई थी। इसके बाद पेरम्बलूर पुलिस ने संपत को वांछित आरोपी घोषित किया और उसके खिलाफ देश के सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर LOC जारी कराया। इस व्यवस्था के तहत आरोपी के भारत लौटने या किसी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से यात्रा करने की स्थिति में इमिग्रेशन अधिकारियों को उसे पहचानकर संबंधित सुरक्षा या पुलिस एजेंसी को सौंपना था।
सोमवार, 17 अगस्त की सुबह सिंगापुर से एक IndiGo उड़ान चेन्नई एयरपोर्ट पहुंची। नियमित प्रक्रिया के तहत इमिग्रेशन अधिकारियों ने विमान से उतरने वाले यात्रियों के पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेजों की जांच शुरू की। इसी दौरान रिकॉर्ड में संपत के खिलाफ जारी LOC सामने आया। अधिकारियों ने उसकी पहचान की पुष्टि करने के बाद उसे हिरासत में लिया और चेन्नई एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया।
संपत की हिरासत की सूचना तत्काल पेरम्बलूर जिला पुलिस को भी दी गई। इसके बाद पेरम्बलूर से एक विशेष पुलिस टीम चेन्नई के लिए रवाना हुई। यह टीम आरोपी को औपचारिक रूप से अपनी हिरासत में लेकर पेरम्बलूर ले जाएगी, जहां उससे संबंधित मामलों में आगे की पूछताछ और जांच की जाएगी।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपी ने कथित तौर पर किन लोगों के साथ मिलकर वित्तीय धोखाधड़ी की और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर किन संपत्तियों पर अधिकार हासिल करने का प्रयास किया। जांच में संबंधित जमीन और दस्तावेजों की वैधता, कथित वित्तीय लेनदेन तथा शिकायतकर्ताओं से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।
जांच एजेंसियां आरोपी के विदेश जाने और लंबे समय तक वहां रहने से जुड़े विवरण भी जुटा सकती हैं। इसके अलावा उसके भारत से बाहर रहने के दौरान संभावित संपर्कों और वित्तीय गतिविधियों की भी जांच किए जाने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि पेरम्बलूर ले जाने के बाद आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
