करीब 294 खरीदारों और निवेशकों से कथित धोखाधड़ी का मामला; बिना RERA पंजीकरण और जरूरी मंजूरी के प्रोजेक्ट बेचने का आरोप, 54 से 100 फीसदी तक रिटर्न का दिया गया था लालच

रियल एस्टेट ठगी में ED की बड़ी कार्रवाई, अहमदाबाद-कड़ी में ₹129.80 करोड़ की संपत्तियां अटैच

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By Roopa
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अहमदाबाद: रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के नाम पर घर खरीदारों और निवेशकों से कथित धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी के अहमदाबाद कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत आरोपी रोनक रवजीभाई सोनानी, विपुल गोर्धनभाई गंगानी, केशव नारायण ग्रुप और अन्य से जुड़ी चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इन संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य ₹129.80 करोड़ बताया गया है। ED की कार्रवाई का उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित रकम से जुड़ी संपत्तियों को आगे बेचने या ट्रांसफर किए जाने से रोकना है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में दर्ज पांच FIR के आधार पर शुरू हुई मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी है। ये मामले नवरंगपुरा, बोपल और सैटेलाइट थानों में दर्ज किए गए थे। आरोप है कि आरोपियों ने रियल एस्टेट योजनाओं को वैध और आकर्षक प्रोजेक्ट के तौर पर पेश कर ग्राहकों को फ्लैट और दुकानें खरीदने के लिए प्रेरित किया। निवेशकों को 54 फीसदी से लेकर 100 फीसदी तक रिटर्न देने का कथित तौर पर भरोसा दिलाया गया था।

ED की जांच में सामने आया कि कुछ परियोजनाओं का कथित तौर पर RERA के तहत पंजीकरण नहीं कराया गया था। इसके अलावा संबंधित जमीन के लिए गैर-कृषि (NA) अनुमति भी नहीं ली गई थी। इसके बावजूद योजनाओं का प्रचार कर ग्राहकों से रकम जुटाई गई। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि खरीदारों से प्राप्त रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई और उससे कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी या हस्तांतरित की गईं।

ED के अनुसार, चहरोड़ी स्थित एक परियोजना में करीब 250 खरीदारों और निवेशकों से कथित तौर पर रकम ली गई। आरोप है कि करोड़ों रुपये जुटाने के बाद परियोजना से संबंधित जमीन को महेंद्रभाई विष्णुभाई पटेल और अन्य लोगों के नाम ट्रांसफर कर दिया गया। इसी तरह अक्षर अंतानी योजना में भी करीब 44 खरीदारों से रकम लिए जाने का आरोप है। बाद में कथित तौर पर इस योजना को बंद कर दिया गया, जिससे निवेशकों के सामने अपनी रकम वापस पाने का संकट खड़ा हुआ।

जांच के दौरान कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज भी सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए डमी सेल डीड और भुगतान से संबंधित फर्जी विवरण का इस्तेमाल किया गया। ED को आशंका है कि इस तरीके से ग्राहकों से प्राप्त धन और संपत्तियों को अलग-अलग लोगों या संस्थाओं के बीच स्थानांतरित कर कथित अपराध की रकम को छिपाने का प्रयास किया गया।

अटैच की गई संपत्तियों में कड़ी तालुका के जेसंगपुरा और अगोल में करीब 30,798 वर्ग मीटर जमीन, चहरोड़ी में 6,603.332 वर्ग मीटर और शेळा में 7,284 वर्ग मीटर जमीन शामिल है। इन संपत्तियों का कुल मूल्य ₹129.80 करोड़ आंका गया है। ED अब कथित मनी ट्रेल की विस्तृत जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि ठगी से हासिल रकम का इस्तेमाल किन संपत्तियों में किया गया और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग या संस्थाएं शामिल थीं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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