कोविड राहत कार्यक्रम के नाम पर फर्जी दावों से करोड़ों रुपये हासिल करने का आरोप; अमेरिका के सबसे बड़े महामारीकालीन वित्तीय घोटालों में शामिल मामले में बड़ी कार्रवाई

बच्चों के हक पर डाका, करोड़ों की कथित ठगी: FBI ने ‘मोस्ट वांटेड’ घोटालेबाज को दबोचा

Roopa
By Roopa
5 Min Read

वॉशिंगटन। कोविड-19 महामारी के दौरान जरूरतमंद बच्चों के लिए शुरू की गई राहत योजनाओं में कथित धोखाधड़ी से जुड़े अमेरिका के सबसे चर्चित मामलों में से एक में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी FBI ने “Feeding Our Future” घोटाले से जुड़े एक प्रमुख आरोपी सईद अब्दुल्लाही एरेग को गिरफ्तार कर लिया है। एरेग को हाल ही में FBI की नई “Most Wanted Fraudsters” सूची में शामिल किया गया था और एजेंसी के अनुसार यह इस सूची में शामिल किसी आरोपी की पहली गिरफ्तारी है।

संघीय अभियोजकों का आरोप है कि एरेग ने महामारी के दौरान बच्चों के पोषण कार्यक्रमों के नाम पर फर्जी दावे दाखिल कर लगभग 4.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर, यानी करीब ₹36 करोड़ की सरकारी राशि प्राप्त की। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह धन संघीय बाल पोषण कार्यक्रम के तहत लिया गया, जबकि उससे जुड़े कई दावे और रिकॉर्ड संदिग्ध पाए गए।

“Feeding Our Future” मामला अमेरिका में कोविड-19 काल के दौरान सामने आए सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में गिना जाता है। महामारी के समय अमेरिकी सरकार ने स्कूल बंद होने और आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों की मदद के लिए कई आपातकालीन खाद्य सहायता योजनाएं शुरू की थीं। इन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों तक भोजन पहुंचाना था, लेकिन जांच में आरोप सामने आए कि कुछ व्यक्तियों और संगठनों ने फर्जी दस्तावेजों, काल्पनिक लाभार्थियों और नकली भोजन वितरण रिकॉर्ड के जरिए सरकारी धन हासिल किया।

जांच के अनुसार, एरेग मिनियापोलिस में एक किराना और डेली स्टोर का संचालन करता था। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि उसने अपने व्यवसाय और उससे जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से ऐसे दावे प्रस्तुत किए जिनके आधार पर लाखों डॉलर की राशि प्राप्त की गई। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के दौरान कई वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और रिकॉर्ड की समीक्षा की गई, जिनसे कथित अनियमितताओं के संकेत मिले।

FBI के मुताबिक एरेग लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। एजेंसी ने हाल ही में बड़े वित्तीय अपराधों में शामिल भगोड़ों को पकड़ने के उद्देश्य से “Most Wanted Fraudsters” सूची शुरू की थी। इस सूची में शामिल किए जाने के कुछ समय बाद ही एरेग की गिरफ्तारी को जांच एजेंसियां एक महत्वपूर्ण सफलता मान रही हैं।

FutureCrime Summit 2026: Registrations to Open Soon for India’s Biggest Cybercrime Conference

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए FBI निदेशक काश पटेल ने कहा कि यह गिरफ्तारी केवल एक आरोपी को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों के लिए संदेश है जो सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को आसान समझते हैं। उन्होंने कहा कि महामारी राहत योजनाओं से जुड़े वित्तीय अपराधों की जांच जारी रहेगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए एजेंसी प्रतिबद्ध है।

“Feeding Our Future” घोटाले में पहले भी कई लोगों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं और अनेक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस नेटवर्क ने महामारी राहत कार्यक्रमों की निगरानी में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाकर बड़ी मात्रा में सरकारी धन अपने नियंत्रण में लिया। कई मामलों में कथित तौर पर ऐसे बच्चों के नाम पर भोजन वितरण दिखाया गया जो वास्तव में मौजूद ही नहीं थे।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि राहत योजनाओं से जुड़ी धोखाधड़ी केवल आर्थिक अपराध नहीं होती, बल्कि यह समाज के सबसे कमजोर वर्गों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर फर्जी कागजात, शेल कंपनियों और जटिल वित्तीय नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं ताकि धन के प्रवाह को छिपाया जा सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल ट्रैकिंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मदद से अब ऐसे वित्तीय अपराधों का खुलासा पहले की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से किया जा रहा है।

अमेरिकी एजेंसियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी महामारीकालीन वित्तीय घोटालों के खिलाफ चल रही व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है। आने वाले समय में इस मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों, वित्तीय नेटवर्क और धन के प्रवाह की जांच भी तेज होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक धन की सुरक्षा और राहत योजनाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

हमसे जुड़ें

Share This Article