गाजियाबाद। डेटिंग ऐप पर युवतियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवकों को अपने जाल में फंसाने और फिर क्लब में बुलाकर भारी-भरकम बिल के नाम पर कथित अवैध वसूली करने वाले गिरोह का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह में शामिल एक महिला साथी फरार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन और एक कार बरामद की है।
मामला तब सामने आया जब मेरठ के जानी थाना क्षेत्र के बानपुर गांव निवासी विक्रांत उर्फ विशाल चिकारा ने कविनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। विक्रांत के मुताबिक, कुछ दिन पहले डेटिंग ऐप टिंडर पर उसकी दोस्ती ‘सिमरन’ नाम की प्रोफाइल से हुई थी। प्रोफाइल पर युवती की तस्वीर देखकर उसने बातचीत शुरू की। कुछ समय बाद प्रोफाइल से उसे व्हाट्सऐप नंबर दिया गया और दोनों के बीच चैटिंग होने लगी।
17 सितंबर को युवती ने विक्रांत को मिलने के लिए राजनगर स्थित गौर सेंट्रल मॉल के पास बुलाया। वहां पहुंचने पर एक युवती मिली, जिसने अपना नाम प्रिया बताया। आरोप है कि वह विक्रांत को गौर सेंट्रल मॉल के पास स्थित लॉर्ड ऑफ विंग्स क्लब में ले गई। क्लब में बैठने के बाद युवती ने खाने-पीने का सामान मंगाया।
कुछ देर बाद वेटर ने विक्रांत को ₹36,277 का बिल दिया। इतनी बड़ी रकम देखकर उसने भुगतान करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद क्लब में मौजूद मनीकांत शर्मा उर्फ अमन शर्मा, राहुल गुप्ता और उनके साथियों ने उसके साथ गाली-गलौज और धमकी शुरू कर दी।
बंधक बनाने की धमकी देकर रकम वसूली
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विक्रांत को धमकाया कि जब तक वह बिल का भुगतान नहीं करेगा, उसे बंधक बनाकर रखा जाएगा। आरोप है कि दबाव बनाकर उससे ₹16 हजार ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए और ₹20 हजार नकद ले लिए गए।
शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू की। जांच में पुलिस को गिरोह के कथित तरीके के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद सिहानी गेट के मालीवाड़ा निवासी राहुल गुप्ता, मनीकांत शर्मा, मोहित और लोहियानगर निवासी विशाल राजपूत को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि वे राजनगर में लॉर्ड ऑफ विंग्स क्लब चलाते हैं। आरोप है कि गिरोह डेटिंग ऐप पर युवतियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवकों से संपर्क करता था। बातचीत के बाद उन्हें डेट के बहाने क्लब में बुलाया जाता था। वहां महिला साथी महंगे खाने-पीने का ऑर्डर करती थी और बाद में पीड़ित को कथित तौर पर मनमाना बिल थमा दिया जाता था।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
विरोध करने पर धमकाने का आरोप
पुलिस का कहना है कि जब कोई युवक बिल की रकम पर सवाल उठाता या भुगतान से इनकार करता, तो उसे कथित तौर पर धमकाया जाता था। आरोपियों पर पीड़ितों को क्लब में रोककर रखने और दबाव बनाकर रकम वसूलने का आरोप है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितने युवकों को इसी तरीके से निशाना बनाया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मनीकांत शर्मा के खिलाफ पहले से इसी तरह की कथित अवैध वसूली से जुड़े तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह में शामिल फरार महिला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
जांच में पुलिस को इसी तरह की पिछली घटनाओं की जानकारी भी मिली है। पुलिस के अनुसार, 24 जून 2025 को मुरादाबाद के एक युवक को टिंडर के जरिए इसी तरह आरडीसी स्थित एक कैफे में बुलाया गया था। वहां एक कॉफी के लिए ₹36 हजार का बिल दिए जाने का आरोप है। विरोध करने पर युवक के साथ मारपीट कर ₹15 हजार वसूलने की बात सामने आई थी। नोएडा और दिल्ली के युवकों को भी इसी तरह निशाना बनाए जाने के मामले पुलिस के संज्ञान में आए हैं।
डेटिंग ऐप इस्तेमाल करते समय सावधानी जरूरी
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, डेटिंग ऐप पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। पहली मुलाकात किसी सुनसान या निजी स्थान के बजाय सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाली जगह पर करना सुरक्षित रहता है। परिवार या भरोसेमंद दोस्तों को मुलाकात की जानकारी और स्थान बताना भी जरूरी है।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन रकम ट्रांसफर नहीं करनी चाहिए। बैंक संबंधी जानकारी, घर का पता और निजी या आपत्तिजनक तस्वीरें साझा करने से भी बचना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को हनीट्रैप, धमकी या जबरन वसूली की आशंका हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना देने के साथ संबंधित प्रोफाइल को डेटिंग ऐप पर ब्लॉक और रिपोर्ट करना चाहिए।
