मुंबई। आईआईटी बॉम्बे के 22 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या मामले की जांच में उनका पैटर्न-लॉक iPhone 17 अहम कड़ी बन गया है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच फोन से डेटा निकालने की कोशिश कर रही है, लेकिन डिवाइस के पैटर्न लॉक और एन्क्रिप्शन के कारण जांचकर्ताओं के सामने तकनीकी चुनौती बनी हुई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत से पहले साहिल ने किन लोगों से संपर्क किया था और फोन पर किस तरह की गतिविधियां हुई थीं।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच के पास पुराने iPhone मॉडल से डेटा हासिल करने के लिए फोरेंसिक उपकरण उपलब्ध हैं, लेकिन नए मॉडल से जानकारी निकालने में तकनीकी दिक्कत सामने आ रही है। फोन का डेटा एन्क्रिप्टेड होने के कारण बिना सही लॉक के डिवाइस तक पहुंचना मुश्किल बताया जा रहा है। ऐसे में जांचकर्ता उन्नत डिजिटल फोरेंसिक क्षमता रखने वाली अन्य एजेंसियों या विशेषज्ञों की सहायता लेने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
क्राइम ब्रांच ने साहिल का लैपटॉप भी जब्त कर लिया है और उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांचकर्ता फोन और लैपटॉप से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों को कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से मिलाकर घटना से पहले के पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रहे हैं। जांच में 18 सितंबर की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मामले में सबसे अहम सवाल परीक्षा हॉल से हॉस्टल पहुंचने के बीच के करीब 47 मिनट को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक साहिल दोपहर 12:38 बजे परीक्षा हॉल से निकले थे और करीब 1:25 बजे हॉस्टल के कमरे में पहुंचे। इन दोनों समय के बीच लगभग 47 मिनट का अंतर है। क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी है कि इस दौरान साहिल कहां गए, किन लोगों के संपर्क में रहे और उनके साथ क्या घटनाक्रम हुआ।
इसी कड़ी में परीक्षा हॉल, आईआईटी बॉम्बे परिसर और हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। परीक्षा हॉल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पहली पंक्ति में बैठा एक छात्र परीक्षा के दौरान बाहर जाता दिखाई देता है। सोशल मीडिया पर इस छात्र की पहचान साहिल के रूप में की गई है, हालांकि उपलब्ध वीडियो से इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांचकर्ता मूल और पूरा सीसीटीवी फुटेज देखकर घटनाक्रम की पुष्टि करने की कोशिश कर रहे हैं।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
साहिल के परिवार ने मामले में जातिगत उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उनके माता-पिता ने कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार को आजाद मैदान में भूख हड़ताल भी शुरू की। परिवार की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच और कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
मामले को लेकर विवाद के बीच आईआईटी बॉम्बे ने मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। संस्थान ने साहिल की मौत के संबंध में अपने पहले बयान के लिए दोबारा माफी भी मांगी। शुरुआती बयान में कहा गया था कि साहिल को परीक्षा के दौरान कथित तौर पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था और इसके कुछ घंटे बाद उनकी मौत हो गई। इस बयान को लेकर विवाद सामने आने के बाद संस्थान ने स्पष्टीकरण और माफी जारी की।
क्राइम ब्रांच अब तक मामले में करीब 20 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें परीक्षा हॉल में मौजूद छात्र, परीक्षा की निगरानी करने वाले शिक्षक और हॉस्टल से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने घटना के समय साहिल के आसपास मौजूद लोगों और उनकी गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई है।
मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का नाम भी प्राथमिकी में शामिल है। उनके खिलाफ साहिल को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। निष्पक्ष जांच के मद्देनजर उन्हें छुट्टी पर भेजा गया है। हालांकि, जांच के इस चरण में उनका बयान दर्ज किया जाना बाकी बताया गया है।
18 सितंबर को ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल का शव शाम के समय हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था। इससे कुछ घंटे पहले वह मिड-सेमेस्टर परीक्षा में शामिल हुए थे। अब जांच एजेंसी फोन, लैपटॉप, सीसीटीवी, कॉल डिटेल और गवाहों के बयानों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा हॉल से हॉस्टल पहुंचने के बीच क्या हुआ था और उनकी मौत से पहले की परिस्थितियां क्या थीं।
