नई दिल्ली: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े कथित घोटाले में दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन को मंगलवार को दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने गिरफ्तार कर लिया। मामले में ACB ने जैन समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, मामला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के उन्नयन और उससे जुड़े टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से संबंधित है।
जिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय, बोर्ड के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, AN Enterprises के मालिक नागेंद्र यादव, Euroteck Environment के मालिक राजा कुमार कुर्रा और Srijanhar के प्रोपराइटर पंकज वर्मा शामिल हैं। ACB अब सभी आरोपियों की भूमिका, टेंडर प्रक्रिया और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
चार टेंडरों से जुड़ा है मामला
जांच का केंद्र दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से संबंधित चार टेंडर हैं। आरोप है कि इन टेंडरों को देने की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया और सरकारी धन को नुकसान पहुंचाने वाली अनियमितताएं हुईं। ये टेंडर वर्ष 2022 में आवंटित किए गए थे। उस समय सत्येंद्र जैन दिल्ली सरकार में जल मंत्री थे।
मामला वर्ष 2024 में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के उन्नयन की टेंडर प्रक्रिया से जुड़ा बताया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि टेंडर जारी करने से लेकर काम आवंटित करने तक किन अधिकारियों और निजी संस्थाओं की क्या भूमिका रही।
₹17.7 करोड़ के कथित भ्रष्टाचार का आरोप
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वर्ष 2025 में सत्येंद्र जैन समेत 14 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपपत्र में दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े चार टेंडरों में कथित तौर पर ₹17.7 करोड़ के भ्रष्टाचार का उल्लेख किया गया था।
ED की कार्रवाई की शुरुआत दिल्ली सरकार की ACB द्वारा दर्ज FIR के आधार पर हुई थी। FIR में Euroteck Environmental Private Limited समेत अन्य लोगों के खिलाफ मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार और उन्नयन के नाम पर कथित धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे।
किन STP प्रोजेक्ट्स की जांच?
जांच में दिल्ली के कई इलाकों में स्थित STP परियोजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें Pappan Kalan और Nilothi के STP को पैकेज-1, Najafgarh और Keshopur को पैकेज-2, Coronation Pillar, Narela और Rohini को पैकेज-3 तथा Kondli STP को पैकेज-4 के तहत रखा गया था।
ACB अब इन परियोजनाओं से संबंधित टेंडर दस्तावेजों, स्वीकृतियों, भुगतान और काम की वास्तविक स्थिति की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित अनियमितताओं से सरकारी खजाने को कितना नुकसान हुआ और टेंडर प्रक्रिया में किन लोगों ने किस स्तर पर भूमिका निभाई।
गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा
सत्येंद्र जैन और पांच अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज होने की संभावना है। ACB कथित भ्रष्टाचार से जुड़े वित्तीय लेनदेन, कंपनियों के बीच संबंध और टेंडर आवंटन की प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि आरोपियों के बीच किसी तरह का वित्तीय या कारोबारी संबंध था या नहीं।
फिलहाल जांच एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मामले में सामने आने वाले दस्तावेजों और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कथित घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी तय की जाएगी।
