शेनझेन की अदालत ने बड़े पैमाने पर वित्तीय अपराधों में दोषी ठहराया; एवरग्रांडे ग्रुप पर 8.82 अरब युआन और एवरग्रांडे रियल एस्टेट पर 7 अरब युआन का जुर्माना

एवरग्रांडे के संस्थापक हुई का यान को धोखाधड़ी में उम्रकैद, चीन की अदालत ने सुनाई सजा

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By Roopa
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बीजिंग: चीन की एक अदालत ने देश की दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी चाइना एवरग्रांडे ग्रुप के संस्थापक हुई का यान को बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। शेनझेन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए एवरग्रांडे ग्रुप और उसकी रियल एस्टेट इकाई पर भी अरबों युआन का जुर्माना लगाया। यह कार्रवाई चीन के सबसे चर्चित और प्रभावशाली रियल एस्टेट कारोबारियों में शामिल रहे हुई के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई मानी जा रही है।

अदालत के बयान के अनुसार, एवरग्रांडे ग्रुप पर 8.82 अरब युआन यानी करीब ₹10,800 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, एवरग्रांडे रियल एस्टेट पर अलग से 7 अरब युआन यानी लगभग ₹8,600 करोड़ का जुर्माना लगाया गया। दोनों कंपनियों पर लगाए गए जुर्माने की कुल राशि 15.82 अरब युआन बैठती है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एवरग्रांडे का पतन चीन के रियल एस्टेट क्षेत्र के साथ-साथ देश की वित्तीय व्यवस्था पर भी व्यापक असर डालने वाला रहा है।

हुई का यान को शू जियायिन के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने अप्रैल में अवैध तरीके से सार्वजनिक जमा स्वीकार करने, धोखाधड़ी और कॉरपोरेट रिश्वतखोरी समेत कई आरोपों में अपना अपराध स्वीकार किया था। कभी चीन के सबसे बड़े रियल एस्टेट कारोबारियों में शामिल रहे हुई की कंपनी ने भारी कर्ज के सहारे तेजी से विस्तार किया था।

एवरग्रांडे की वित्तीय मुश्किलें 2020 के बाद तेजी से बढ़ीं, जब चीनी अधिकारियों ने रियल एस्टेट कंपनियों के अत्यधिक कर्ज और उधारी पर लगाम कसनी शुरू की। कंपनी अपने बड़े विस्तार और परियोजनाओं के लिए भारी कर्ज पर निर्भर थी। वित्तीय नियमों में सख्ती और फंडिंग की उपलब्धता घटने के बाद एवरग्रांडे अपने कर्ज की अदायगी और अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने में संघर्ष करने लगी।

परिसमापन का आदेश दिए जाने से पहले एवरग्रांडे पर 300 अरब डॉलर से अधिक की देनदारियां थीं। इस वजह से यह दुनिया की सबसे अधिक कर्ज में डूबी रियल एस्टेट कंपनियों में शामिल हो गई थी। कंपनी का संकट चीन के प्रॉपर्टी सेक्टर में वर्षों से चले आ रहे कर्ज आधारित विस्तार के जोखिम का बड़ा उदाहरण बन गया और इसका असर व्यापक रियल एस्टेट बाजार पर भी पड़ा।

एवरग्रांडे के संकट का असर घर खरीदारों, सप्लायरों, ठेकेदारों, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों पर पड़ा। कंपनी की विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाएं और कारोबारी गतिविधियां थीं। इसके वित्तीय संकट ने अधूरी आवासीय परियोजनाओं और कंपनी से जुड़े संस्थानों की वित्तीय स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ाई।

हुई के खिलाफ कानूनी कार्रवाई एवरग्रांडे के कारोबार, वित्तीय गतिविधियों और कर्ज के इस्तेमाल को लेकर वर्षों से चली आ रही नियामकीय और वित्तीय जांच के बाद हुई है। उन पर सार्वजनिक जमा से जुड़े अपराध, धोखाधड़ी और कॉरपोरेट रिश्वतखोरी समेत कई आरोप लगाए गए थे। अप्रैल में अपराध स्वीकार करने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी और अब अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है।

अदालत के फैसले में कंपनियों पर लगाए गए भारी जुर्माने को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एवरग्रांडे ग्रुप और एवरग्रांडे रियल एस्टेट पर कुल 15.82 अरब युआन का जुर्माना चीन के अधिकारियों की कार्रवाई की गंभीरता को दर्शाता है। यह फैसला कंपनी के वित्तीय कुप्रबंधन और कथित अपराधों के खिलाफ सख्त रुख का संकेत भी माना जा रहा है।

एवरग्रांडे का पतन केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं रहा। चीन की अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट क्षेत्र की बड़ी भूमिका है और यह घरेलू संपत्ति, आर्थिक गतिविधियों तथा स्थानीय सरकारों के वित्त से भी जुड़ा है। लंबे समय से जारी प्रॉपर्टी संकट चीन की अर्थव्यवस्था के सामने बड़ी चुनौतियों में शामिल है।

हुई का यान को उम्रकैद की सजा चीन के संकटग्रस्त प्रॉपर्टी सेक्टर के किसी प्रमुख कारोबारी के खिलाफ सबसे कड़ी कानूनी कार्रवाइयों में से एक है। एवरग्रांडे मामले को चीन में वित्तीय स्थिरता, कर्ज नियंत्रण और रियल एस्टेट कंपनियों में अत्यधिक उधारी पर सरकार की सख्ती के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

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