निलंबित DIG भुल्लर के ठिकानों पर CBI की छापेमारी

सीबीआई की बड़ी कार्रवाई: निलंबित डीआईजी भुल्लर के करीबी ठिकानों पर छापे, बेनामी संपत्तियों का खुलासा

The420.in
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने निलंबित डीआईजी हरदार सिंह भुल्लर से जुड़े रिश्वतखोरी प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए पटियाला, लुधियाना और जालंधर में पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
यह अभियान सुबह 6:30 बजे शुरू हुआ, जिसमें सीबीआई की चार विशेष टीमों ने भाग लिया। जांच एजेंसी ने इन ठिकानों से बेनामी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।

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भुल्लर के करीबी प्रॉपर्टी डीलर पर छापेमारी

कार्रवाई मुख्य रूप से एक प्रमुख प्रॉपर्टी डीलर के घर और कार्यालय पर केंद्रित रही, जिन पर आरोप है कि उन्होंने निलंबित डीआईजी भुल्लर के लिए अवैध निवेश और अचल संपत्तियों का प्रबंधन किया।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, इन संपत्तियों का स्वामित्व भुल्लर के रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर दर्ज है, जिससे एजेंसी को बेनामी लेन-देन का संदेह है।

पटियाला में स्थित बंगले और दफ्तर से सीबीआई ने भूमि रजिस्ट्री दस्तावेज, नकदी लेन-देन की पर्चियां और डिजिटल रिकॉर्डिंग उपकरण जब्त किए हैं। जांच टीम अब इन रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक जांच में जुटी है ताकि पैसों के स्रोत और प्रवाह का पता लगाया जा सके।

लुधियाना और जालंधर में भी एक साथ दबिश

लुधियाना के पक्खोवाल रोड और जालंधर के सैंट्रल टाउन इलाकों में भी सीबीआई ने एक साथ छापे मारे।
सूत्रों ने बताया कि इन स्थानों से संपत्ति सौदों के अनुबंध पत्र, निवेश समझौते और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी बरामद हुई है।
एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि किन सौदों में डीआईजी भुल्लर की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता रही है।

71 लाख से 23 करोड़ तक के संदिग्ध निवेश

सीबीआई की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि भुल्लर ने अपनी सेवा अवधि के दौरान 71 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि विभिन्न संपत्ति निवेशों में लगाई।
कई सौदे कथित रूप से प्रॉपर्टी डीलर बी.एस. भुल्लर के माध्यम से कराए गए थे, जिनमें परिवारजनों और सहयोगियों के नाम का इस्तेमाल किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, यह नेटवर्क पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक फैला हुआ है, और एजेंसी अब इन सौदों से जुड़े डिजिटल ट्रेल की भी समीक्षा कर रही है।

लुधियाना से बरामद दस्तावेजों में करोड़ों के सौदों का खुलासा

लुधियाना स्थित ठिकाने से सीबीआई टीम को संपत्ति रजिस्ट्री दस्तावेज और लेन-देन के रजिस्टर मिले हैं।
इन दस्तावेजों में 23 करोड़ रुपये तक के सौदों का उल्लेख है, जिनकी फॉरेंसिक जांच के बाद इनकी सत्यता और लाभार्थियों की पहचान की जाएगी।
एजेंसी ने इन दस्तावेजों को “प्राथमिक वित्तीय साक्ष्य” की श्रेणी में रखा है।

सीबीआई की आधिकारिक प्रतिक्रिया

सीबीआई ने इस छापेमारी को “प्रारंभिक जांच के तहत निर्णायक कार्रवाई” बताया है।
एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा—

“हमें कुछ ऐसे वित्तीय दस्तावेज मिले हैं जो बेनामी संपत्तियों से जुड़ी लेन-देन की पुष्टि करते हैं। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

पृष्ठभूमि

डीआईजी हरदार सिंह भुल्लर को हाल ही में रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग के आरोपों में निलंबित किया गया था।
उन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी ठेकेदारों से अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त किए और अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित की।
सीबीआई ने पिछले महीने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

इस छापेमारी ने सीबीआई की जांच को नई दिशा दी है।
एजेंसी अब न केवल बेनामी संपत्तियों के नेटवर्क, बल्कि उनसे जुड़े वित्तीय और डिजिटल लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह मामला उच्च स्तरीय भ्रष्टाचार के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश कर सकता है।

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