चार महीने तक भरोसा जीतकर कराया निवेश, रकम मांगने पर धमकी; बरेली में दर्ज हुआ मामला

“पार्टनरशिप का झांसा, ₹11.31 लाख की ठगी: पुरानी कारों के कारोबार में मुनाफे का सपना बना जाल”

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By Roopa
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बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में साझेदारी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है, जहां पुरानी कारों के कारोबार में मुनाफे का लालच देकर एक व्यक्ति से ₹11.31 लाख हड़प लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। घटना ने एक बार फिर निवेश के नाम पर बढ़ती ठगी की घटनाओं को उजागर कर दिया है।

जान-पहचान का फायदा उठाकर रचा गया खेल

भिंडौलिया निवासी अख्तर खां ने आरोप लगाया है कि गांव के ही आरिफ खान, परसौना निवासी नदीम और रिजवान बेग ने उनसे संपर्क कर पुरानी कारों की खरीद-फरोख्त का व्यवसाय शुरू करने का प्रस्ताव रखा। आरोपियों ने दावा किया कि इस कारोबार में कम समय में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।

पहचान और स्थानीय संबंधों के चलते पीड़ित ने आरोपियों पर भरोसा कर लिया। इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने उन्हें साझेदार बनाने का प्रस्ताव दिया और निवेश के लिए राजी कर लिया।

जुलाई से अक्टूबर के बीच कराया निवेश

शिकायत के अनुसार, जुलाई 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच आरोपियों ने चरणबद्ध तरीके से पीड़ित से रकम ली। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि इस पैसे से पुरानी कारें खरीदी जाएंगी और बाद में उन्हें अधिक कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाया जाएगा।

पीड़ित ने आरोपियों की बातों पर विश्वास करते हुए अलग-अलग किस्तों में कुल ₹11 लाख 31 हजार रुपये दे दिए। शुरुआत में उन्हें कारोबार की प्रगति को लेकर सकारात्मक बातें बताई जाती रहीं, जिससे उनका भरोसा बना रहा।

मुनाफा नहीं, बढ़ती शंका

समय बीतने के साथ जब पीड़ित को न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस मिली, तो उन्हें शक होने लगा। उन्होंने आरोपियों से पैसे के बारे में पूछताछ शुरू की, लेकिन हर बार उन्हें टालमटोल जवाब दिया गया।

काफी समय बीतने के बाद भी जब स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो पीड़ित ने अपनी पूरी रकम वापस मांगी। यहीं से मामला और गंभीर हो गया।

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रकम मांगने पर मिली धमकी

पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इससे वे मानसिक रूप से परेशान हो गए और उन्होंने कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया।

धमकी मिलने के बाद पीड़ित ने थाना बिथरी में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

जांच में जुटी पुलिस

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की भूमिका, लेनदेन के तरीके और संभावित सबूतों की पड़ताल की जा रही है। बैंकिंग रिकॉर्ड, लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

प्राथमिक तौर पर यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपियों ने इसी तरह अन्य लोगों को भी अपने जाल में फंसाया है। यदि ऐसा पाया जाता है, तो मामला और बड़ा हो सकता है।

निवेश के नाम पर बढ़ते फ्रॉड

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां ठग स्थानीय स्तर पर पहचान का फायदा उठाकर लोगों को निवेश के नाम पर फंसाते हैं। खासतौर पर छोटे शहरों और कस्बों में ऐसे मामलों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है।

प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी Prof. Triveni Singh के अनुसार, “आजकल ठग सिर्फ ऑनलाइन ही नहीं, बल्कि ऑफलाइन नेटवर्क के जरिए भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। वे भरोसे का माहौल बनाकर निवेश के नाम पर रकम जुटाते हैं और बाद में फरार हो जाते हैं।”

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच करना बेहद जरूरी है। केवल जान-पहचान या भरोसे के आधार पर बड़ी रकम निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

किसी भी व्यवसाय में साझेदारी करने से पहले लिखित समझौता, कानूनी दस्तावेज और लेनदेन का स्पष्ट रिकॉर्ड रखना जरूरी है। साथ ही, मुनाफे के बड़े वादों से सतर्क रहना चाहिए।

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। पीड़ित को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी रकम वापस मिल सकेगी।

यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि जल्दी मुनाफे का लालच किस तरह लोगों को बड़े वित्तीय नुकसान की ओर धकेल सकता है।

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