कबाड़ में शिक्षा का सौदा: बहराइच में 15,593 सरकारी किताबें गायब, अफसरों पर कार्रवाई की आंच

Team The420
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उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में परिषदीय विद्यालयों के लिए भेजी गई 15,593 सरकारी पाठ्यपुस्तकों के गायब होने का मामला सामने आया है, जिसने बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला तब उजागर हुआ जब सरकारी किताबों से लदा एक ट्रक कथित रूप से कबाड़ी तक पहुंचने की जानकारी मिली। इसके बाद शुरू हुई प्रशासनिक जांच में कई स्तरों पर अनियमितताएं सामने आई हैं और विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है।

जिला प्रशासन ने 16 फरवरी को जांच के आदेश दिए, जब पता चला कि मुरादाबाद से आई एक खेप में लाखों रुपये मूल्य की पाठ्यपुस्तकें बहराइच लाई गई थीं। ये किताबें सरकारी स्कूलों में वितरण के लिए थीं, लेकिन जिला भंडार गृह के रिकॉर्ड में उनकी सही तरीके से प्रविष्टि नहीं मिली। प्रारंभिक जांच में स्टॉक मिलान और निगरानी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही पाई गई।

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स्टॉक रजिस्टर और सुरक्षा व्यवस्था में खामियां

जांच समिति ने पाया कि भंडार गृह में न तो स्टॉक रजिस्टर सही ढंग से संधारित किए गए थे और न ही प्राप्त सामग्री का भौतिक सत्यापन किया गया। गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था भी अपर्याप्त थी, जिससे आशंका है कि किताबों की निकासी लंबे समय तक बिना किसी निगरानी के होती रही।

अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कबाड़ी के पास मिली किताबें बहराइच के भंडार गृह से ही निकाली गई थीं या किसी अन्य जिले से लाई गई थीं। यह बिंदु जांच का केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है और इससे किसी बड़े नेटवर्क की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।

विभागीय कार्रवाई शुरू

मामले में लापरवाही के आरोप में दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। विभाग से जुड़े तीन संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही प्रभारी सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी तथा दो खंड शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

कुछ अधिकारियों ने दावा किया है कि उन्हें गोदाम की सुरक्षा एवं संरक्षण समिति में औपचारिक रूप से शामिल नहीं किया गया था, इसलिए वे जिम्मेदारी से खुद को अलग बता रहे हैं। हालांकि जिलाधिकारी स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और जांच आगे बढ़ने पर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

कबाड़ी और ट्रक चालक की तलाश

मामले में नामजद कबाड़ी दिलशाद और मुरादाबाद के ट्रक चालक 16 फरवरी से फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं और सर्विलांस की मदद ली जा रही है। कई स्थानों पर दबिश दी गई है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

जांचकर्ताओं का मानना है कि इन दोनों से पूछताछ के बाद ही किताबों की आपूर्ति श्रृंखला और उनकी बिक्री के तरीके का खुलासा हो सकेगा।

छात्रों पर असर और प्रशासनिक चिंता

गायब हुई किताबें सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए थीं। इनके अभाव में छात्रों को पाठ्य सामग्री मिलने में बाधा आ सकती है। शिक्षा विभाग अब शेष स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर रहा है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी कर रहा है।

इस घटना ने शैक्षिक संसाधनों की निगरानी, गोदाम प्रबंधन और विभागीय जवाबदेही को लेकर व्यापक चिंता पैदा कर दी है।

व्यापक जांच की संभावना

अधिकारियों ने किसी बड़े रैकेट की संभावना से इनकार नहीं किया है। यदि ऐसा पाया जाता है तो विभागीय कार्रवाई के साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है। स्टॉक रिकॉर्ड, परिवहन विवरण और संचार डेटा की फॉरेंसिक जांच पर भी विचार किया जा रहा है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए डिजिटल इन्वेंटरी, नियमित ऑडिट और गोदाम सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा।

यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही बल्कि शिक्षा व्यवस्था में संसाधनों की सुरक्षा की गंभीर चुनौती को उजागर करता है, जिससे यह सुनिश्चित करना आवश्यक हो गया है कि छात्रों के लिए भेजी गई सामग्री अपने लक्ष्य तक सुरक्षित पहुंच सके।

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