असम ड्रग्स छापेमारी: ₹5.93 करोड़ माल जब्त

असम में नशे के खिलाफ बड़ा अभियान: ₹5.93 करोड़ की ड्रग्स बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार

Team The420
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असम में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य के गुवाहाटी और श्रीभूमि जिले के पाथरकांडी इलाके में की गई दो अलग-अलग कार्रवाई में लगभग ₹5.93 करोड़ मूल्य के ड्रग्स बरामद किए गए हैं। इस दौरान तीन संदिग्ध लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। राज्य सरकार का दावा है कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त नीति अपनाई जा रही है और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री का बयान

असम के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी देते हुए बताया कि दोनों ऑपरेशनों में कुल 83,399 याबा टैबलेट और 10 किलो गांजा बरामद किया गया है। ये कार्रवाई कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के गुवाहाटी क्षेत्र और श्रीभूमि जिले के पाथरकांडी में की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर तस्करी के संभावित नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

ड्रग्स सप्लाई चेन तोड़ने का प्रयास

सरकार के अनुसार नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए राज्य में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि ड्रग्स सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए हाईवे से लेकर शहरी क्षेत्रों तक निगरानी बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री ने कार्रवाई का संदेश देते हुए कहा कि तस्करों के लिए अब राज्य में कहीं भी छिपने की जगह नहीं बची है और पुलिस हर स्तर पर सक्रिय है।

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याबा टैबलेट का खतरा

बरामद किए गए याबा टैबलेट भारत में प्रतिबंधित माने जाते हैं क्योंकि इनमें मेथामफेटामाइन नामक खतरनाक रसायन पाया जाता है, जो अत्यधिक नशे की लत पैदा करने वाला पदार्थ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के सिंथेटिक ड्रग्स युवाओं के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। प्रशासन की कोशिश है कि अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई को शुरुआत स्तर पर ही रोका जाए।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गुवाहाटी और पाथरकांडी में की गई छापेमारी खुफिया सूचना के आधार पर की गई थी। ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी ली गई और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन उनसे जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

जीरो टॉलरेंस नीति

राज्य सरकार ने कहा है कि ड्रग्स तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। प्रशासन की योजना है कि अंतरराज्यीय तस्करी मार्गों की भी कड़ी निगरानी की जाए और पड़ोसी क्षेत्रों से आने वाले संभावित आपूर्ति चैनलों को भी तोड़ा जाए। पुलिस और नारकोटिक्स नियंत्रण इकाइयों को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

अधिकारियों का मानना है कि हाल के वर्षों में असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में वृद्धि देखी गई है। इस चुनौती से निपटने के लिए सीमा क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बढ़ाई जा रही है और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

नेटवर्क का पता लगाने की जांच

सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल तस्करों को पकड़ना नहीं बल्कि ड्रग्स व्यापार के पूरे तंत्र को कमजोर करना भी है। जांच एजेंसियां अब बरामद ड्रग्स के स्रोत और संभावित खरीदारों का पता लगाने के लिए आगे की पड़ताल कर रही हैं। मामले में अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है।

फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि बरामद मादक पदार्थ किस नेटवर्क के माध्यम से राज्य में लाए गए थे। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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