“फर्जी बैंकिंग और सरकारी ऐप्स के जरिए फैल रहा हाईटेक मालवेयर; Accessibility Services का दुरुपयोग कर डिवाइस पर बन रहा पूरा नियंत्रण, विशेषज्ञों की Safe Mode और सावधानी बरतने की सलाह”

“एक क्लिक और पूरा फोन हैक: Android मालवेयर ने बढ़ाई करोड़ों यूजर्स की चिंता”

Roopa
By Roopa
5 Min Read

नई दिल्ली। एंड्रॉइड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए साइबर दुनिया से एक बेहद गंभीर चेतावनी सामने आई है। सुरक्षा विशेषज्ञों ने एक नए खतरनाक मालवेयर “Android God Mode” को लेकर अलर्ट जारी किया है, जो संक्रमित डिवाइस पर लगभग पूरा नियंत्रण हासिल कर सकता है। यह मालवेयर इस तरह डिजाइन किया गया है कि यूजर को इसकी मौजूदगी का पता भी आसानी से नहीं चलता, जबकि उसके फोन की लगभग हर गतिविधि साइबर अपराधियों के हाथ में चली जाती है।

साइबर सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह मालवेयर फर्जी बैंकिंग ऐप्स, सरकारी सेवाओं और कस्टमर सपोर्ट टूल्स के रूप में खुद को छिपाकर फैल रहा है। खासतौर पर फिशिंग लिंक और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप के जरिए भेजी गई APK फाइलों के माध्यम से यह तेजी से यूजर्स के मोबाइल तक पहुंच रहा है। इनमें SBI YONO, RTO चालान सेवा और डिजिटल सर्टिफिकेट जैसे भरोसेमंद नामों का उपयोग कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। एक बार इंस्टॉल होने के बाद यह ऐप सिस्टम में गहराई तक घुस जाता है और सामान्य तरीके से हटाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

इस मालवेयर की सबसे खतरनाक क्षमता Android की Accessibility Services का दुरुपयोग है। जैसे ही यूजर इसे अनुमति देता है, यह डिवाइस पर लगभग पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लेता है। यह स्क्रीन पर हो रही हर गतिविधि को मॉनिटर कर सकता है, मैसेज पढ़ सकता है, कीबोर्ड इनपुट ट्रैक कर सकता है और यूजर की जानकारी के बिना कई काम अपने आप कर सकता है। यह OTP इंटरसेप्ट करने, SMS पढ़ने, कॉल करने, कॉन्टैक्ट्स एक्सेस करने और कुछ मामलों में बैकग्राउंड में कैमरा और अन्य फीचर्स का उपयोग करने में भी सक्षम है।

साइबर विशेषज्ञों ने “ओवरले अटैक” को भी इस खतरे का अहम हिस्सा बताया है। इस तकनीक में असली बैंकिंग या वित्तीय ऐप के ऊपर नकली स्क्रीन दिखा दी जाती है, जिससे यूजर को लगता है कि वह सही ऐप का उपयोग कर रहा है। इसी दौरान उसकी संवेदनशील जानकारी सीधे साइबर अपराधियों तक पहुंच जाती है।

साइबर अपराध विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। इस पर टिप्पणी करते हुए “renowned cyber crime expert and former IPS officer Prof. Triveni Singh” ने कहा, “ऐसे मालवेयर अब केवल डेटा चोरी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये स्मार्टफोन को पूरी तरह रिमोट कंट्रोल सिस्टम में बदल सकते हैं। सोशल इंजीनियरिंग के जरिए यूजर्स को भरोसे में लेकर Accessibility जैसी संवेदनशील परमिशन लेना इसका सबसे बड़ा हथियार है।”

FutureCrime Summit 2026: Registrations to Open Soon for India’s Biggest Cybercrime Conference

संक्रमण के संकेतों में अचानक फोन का असामान्य व्यवहार, बिना वजह SMS भेजे जाना, बैकग्राउंड में ऐप्स का लगातार चलना और अनजान ऐप्स का दिखाई देना शामिल है। कई मामलों में यूजर्स इन ऐप्स को हटाने या उनकी परमिशन बदलने में असमर्थ हो जाते हैं क्योंकि मालवेयर सिस्टम सेटिंग्स को ब्लॉक कर देता है।

विशेषज्ञों ने इससे बचाव के लिए कुछ जरूरी उपाय बताए हैं। सबसे पहले फोन को Safe Mode में बूट करना चाहिए, जिससे थर्ड-पार्टी ऐप्स निष्क्रिय हो जाते हैं और संदिग्ध ऐप्स को आसानी से हटाया जा सकता है। इसके बाद Accessibility Settings और Device Admin Permissions की जांच कर अनजान सेवाओं को तुरंत बंद करना जरूरी है।

इसके अलावा कॉल फॉरवर्डिंग रोकने के लिए ##002# डायल करने की सलाह दी गई है। सभी कदम पूरे करने के बाद फोन को रीस्टार्ट कर यह जांचना चाहिए कि कोई संदिग्ध गतिविधि फिर से तो शुरू नहीं हो रही। यदि समस्या बनी रहती है, तो फैक्ट्री रीसेट को अंतिम विकल्प माना जा सकता है।

साइबर सुरक्षा एजेंसियां लगातार यह चेतावनी दे रही हैं कि यूजर्स केवल Google Play Store जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही ऐप डाउनलोड करें और किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल पर क्लिक करने से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।

यह नया Android God Mode मालवेयर इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मोबाइल साइबर खतरे लगातार अधिक उन्नत और खतरनाक होते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक छोटी सी लापरवाही भी यूजर को बड़े वित्तीय नुकसान और डेटा चोरी की गंभीर स्थिति में डाल सकती है।

हमसे जुड़ें

Share This Article