विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में वर्क फ्रॉम होम के नाम पर बड़े पैमाने पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। NTR पुलिस कमिश्नरेट के सत्यनारायणपुरम पुलिस ने मशाल्लाह एंटरप्राइजेज नाम की फर्म के जरिए करीब 1,800 लोगों से कथित तौर पर ₹12.62 करोड़ की रकम जुटाने के आरोप में महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को घर बैठे स्क्रबर पैकिंग का काम देने और इसके बदले आकर्षक कमाई का भरोसा देती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
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पुलिस ने गिरफ्तार महिला की पहचान पसुपुलेटी सुमा के रूप में की है। उसके पति पसुपुलेटी अंकुसम ने 12 अगस्त को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। दोनों को 13 अगस्त को अदालत में पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में तीन अन्य आरोपियों की भी पहचान हुई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया ग्रुप से फैलाया गया नौकरी का लालच
SIT की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुपों में वर्क फ्रॉम होम नौकरी से जुड़े विज्ञापन प्रसारित करते थे। लोगों को घर बैठे स्क्रबर पैक करने का काम देने और इसके बदले निश्चित भुगतान का भरोसा दिया जाता था। इस योजना को इस तरह पेश किया जाता था कि कम समय में अपेक्षाकृत बड़ी रकम कमाई जा सकती है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अलग-अलग निवेश राशि के बदले निश्चित भुगतान का लालच दिया। लोगों से ₹50,000 जमा कराने पर ₹12,000, ₹1 लाख जमा कराने पर ₹24,000 और ₹2 लाख जमा कराने पर ₹48,000 भुगतान का कथित वादा किया गया। इस तरह नौकरी और अतिरिक्त आय की तलाश कर रहे लोगों को रकम जमा करने के लिए प्रेरित किया गया।
1,800 लोगों से ₹12.62 करोड़ जुटाने का आरोप
जांच अधिकारियों का आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए लोगों से धीरे-धीरे बड़ी रकम एकत्र की गई। अब तक करीब 1,800 पीड़ितों से ₹12.62 करोड़ जुटाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और पीड़ितों से प्राप्त धन को किन बैंक खातों में भेजा गया।
मामले में पुलिस ने विभिन्न बैंकों में आरोपियों से जुड़े 50 बैंक खातों को जब्त किया है। इन खातों की वित्तीय जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बैंकिंग रिकॉर्ड के जरिए रकम के प्रवाह और कथित ठगी से हासिल धन से बनाई गई संपत्तियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
कानून के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Andhra Pradesh Protection of Depositors and Establishments Act, 1999 तथा Information Technology Act की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है। IT Act की धारा 66(D) कंप्यूटर या संचार उपकरण के जरिए प्रतिरूपण करके धोखाधड़ी से संबंधित मामलों में लागू की जाती है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया, मोबाइल नंबर, बैंक खाते और अन्य डिजिटल माध्यमों का किस तरह इस्तेमाल किया।
साइबर अपराध विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे वर्क फ्रॉम होम फ्रॉड में नौकरी का लालच देकर पीड़ितों से पहले पंजीकरण, सिक्योरिटी या निवेश के नाम पर रकम जमा कराई जाती है। इसके बाद भुगतान का भरोसा देकर उनसे और रकम लेने की कोशिश की जाती है। ऐसे मामलों में बैंक खातों और डिजिटल कम्युनिकेशन की जांच से पूरे नेटवर्क की भूमिका सामने लाने में मदद मिलती है।
SIT खंगाल रही पूरी रकम और नेटवर्क
विशेष जांच दल अब गिरफ्तार आरोपी से कथित ठगी के तरीके, पीड़ितों की संख्या, बैंक खातों और रकम के इस्तेमाल को लेकर पूछताछ कर रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मशाल्लाह एंटरप्राइजेज के अलावा किसी अन्य फर्म या संस्था का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।
जांच का एक अहम पहलू कथित ठगी से अर्जित रकम और आरोपियों की संपत्तियों के बीच संबंध का पता लगाना भी है। पुलिस 50 बैंक खातों के लेनदेन की जांच के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किन व्यक्तियों या संस्थाओं तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार, मामले में तीन अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है। उनकी भूमिका और कथित वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है। आगे की कार्रवाई बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर की जाएगी। जांच आगे बढ़ने पर इस कथित वर्क फ्रॉम होम नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और रकम के अंतिम इस्तेमाल से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
