अहमदाबाद में कनाडा वीजा और वर्क परमिट दिलाने के नाम पर ₹10 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है।

कनाडा वीजा और वर्क परमिट का झांसा देकर ₹10 लाख की ठगी, फर्जी Air India टिकट देने का आरोप

Team The420
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अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में कनाडा का वीजा और वर्क परमिट दिलाने के नाम पर 70 वर्षीय व्यक्ति से कथित तौर पर ₹10 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। न्यू नरौदा निवासी शिकायतकर्ता ने एक पिता-पुत्र पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उसके 38 वर्षीय बेटे को कनाडा भेजने, वहां नौकरी दिलाने और वर्क परमिट की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया। शिकायत के अनुसार, जुलाई 2023 से जनवरी 2024 के बीच आरोपियों को अलग-अलग माध्यमों से रकम दी गई, लेकिन वीजा की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। बाद में दिए गए Air India के टिकट और अन्य दस्तावेजों के भी फर्जी होने का संदेह जताया गया है।

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शिकायतकर्ता बलदेवभाई हीराभाई पटेल ने पुलिस को बताया कि उनके मित्र मंगलदास पटेल ने उनकी मुलाकात वीजा संबंधी काम करने वाले नितेश वासुदेव रावल से कराई थी। 30 जुलाई 2023 को नितेश से मुलाकात के दौरान बेटे कल्पेश को कनाडा भेजने की बात हुई। आरोप है कि नितेश ने कनाडा का वर्क परमिट दिलाने के लिए कुल ₹16 लाख खर्च आने की बात कही और प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा दिया।

नाना चिलोडा ब्रिज के पास दिए ₹2.5 लाख

शिकायत के मुताबिक, 1 अगस्त 2023 को बलदेवभाई ने नितेश रावल को नाना चिलोडा ब्रिज के पास ₹2.5 लाख नकद दिए। इसके बाद ₹3.5 लाख की दूसरी रकम RTGS के जरिए ‘Guru International’ के नाम से संचालित खाते में भेजी गई। आरोप है कि यह खाता नितेश रावल से जुड़ा था।

इसके बाद नितेश ने Guru International के लेटरहेड पर कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराए। इनमें टूर पैकेज से संबंधित कागजात और कल्पेश के नाम पर जारी Air India का टिकट भी शामिल था। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन दस्तावेजों को बाद में देखने पर उन्हें इनके वास्तविक होने को लेकर संदेह हुआ।

पहले विजिटर वीजा से कनाडा भेजने का दावा

बलदेवभाई के अनुसार, जब उन्होंने बेटे के वर्क परमिट के बारे में नितेश से सवाल किया तो उन्हें बताया गया कि कल्पेश पहले विजिटर वीजा पर कनाडा जाएगा। वहां नितेश का बेटा देव रावल उसे रिसीव करेगा और नौकरी दिलाने के साथ वर्क परमिट हासिल कराने में मदद करेगा।

शिकायत में कहा गया है कि इस भरोसे को मजबूत करने के लिए नितेश ने WhatsApp पर बलदेवभाई की अपने बेटे देव से बातचीत भी कराई। आरोप है कि देव ने उन्हें भरोसा दिलाया कि कल्पेश कनाडा आ सकता है, उसके साथ रह सकता है और बाद में नौकरी तथा वर्क परमिट की व्यवस्था कर दी जाएगी।

जनवरी 2024 में फिर मांगे ₹4 लाख

शिकायतकर्ता के मुताबिक, बाद में वीजा प्रक्रिया के नाम पर नितेश ने अतिरिक्त ₹4 लाख की मांग की। 2 जनवरी 2024 को ₹2 लाख Guru International के खाते में भेजे गए, जबकि ₹2 लाख कल्पेश के बैंक खाते से उसी खाते में ट्रांसफर किए गए। इस तरह शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों को कुल ₹10 लाख का भुगतान किया गया।

हालांकि, रकम मिलने के बावजूद कनाडा का वीजा कथित तौर पर तैयार नहीं हुआ। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने कई बार आरोपियों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में उपलब्ध कराए गए टिकट और अन्य दस्तावेजों की सत्यता पर भी सवाल उठे।

दो अन्य लोगों से भी रकम लेने का आरोप

शिकायत में दो अन्य कथित पीड़ितों का भी उल्लेख किया गया है। बलदेवभाई के अनुसार, गौतेश कुमार बालेशभाई जोशी ने कनाडा के वीजा के लिए ₹6 लाख नकद दिए थे। वहीं, जगदीशभाई रमणभाई पटेल ने ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिलाने के नाम पर ₹9.5 लाख नकद दिए। आरोप है कि इन दोनों मामलों में भी वीजा संबंधी काम पूरा नहीं हुआ।

शिकायत में गांधीनगर निवासी नितेश वासुदेव रावल और उनके बेटे देवभाई नितेशभाई रावल को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब बैंक लेनदेन, दस्तावेज, WhatsApp बातचीत और Guru International की गतिविधियों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इसी तरह विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर अन्य लोगों से भी रकम ली गई। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन के आधार पर होगी।

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