अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में खाद्य पदार्थों में मिलावट का मामला सामने आया है। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गोटा इलाके के मेल्डी एस्टेट स्थित एक फैक्टरी पर छापा मारकर 10,630 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की और परिसर को सील कर दिया। फैक्टरी में कथित तौर पर टमाटर की जगह आलू के पेस्ट से टोमैटो केचप तैयार किया जा रहा था। इसके अलावा चटनी और सिरप जैसे उत्पादों में कृत्रिम रंगों और फ्लेवर के इस्तेमाल की भी आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने तैयार उत्पादों और कच्चे माल के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गोटा स्थित आई श्री खोडियार गृह उद्योग में की। छापेमारी के दौरान परिसर में बड़ी मात्रा में तैयार खाद्य उत्पाद और कच्चा माल मिला। अधिकारियों ने करीब 5,000 किलोग्राम तैयार उत्पाद जब्त किए, जिन्हें कथित तौर पर बाजार में बिक्री के लिए तैयार रखा गया था। इसके अलावा 5,000 किलोग्राम से अधिक कच्चा माल भी बरामद किया गया। कुल जब्त सामग्री का वजन 10,630 किलोग्राम बताया गया है।
आलू के पाउडर में मिलाए जाते थे रंग और फ्लेवर
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, फैक्टरी में टोमैटो केचप बनाने के लिए टमाटर के स्थान पर आलू का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। प्रक्रिया के तहत आलू को पहले पेस्ट में बदला जाता था और फिर उसे सुखाकर पाउडर तैयार किया जाता था। इसके बाद इस पाउडर में पानी, कृत्रिम रंग और फ्लेवर मिलाकर लाल रंग का सॉस तैयार किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इस उत्पाद को टोमैटो केचप के रूप में बाजार में बेचा जाना था।
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छापेमारी के दौरान अधिकारियों को फैक्टरी में बड़े स्टेनलेस स्टील के बर्तन मिले, जिनमें लाल रंग का सॉस भरा हुआ था। परिसर में पैकेटों में बंद केचप, कच्चे माल से भरी बोरियां, पेस्ट जैसे पदार्थ वाले प्लास्टिक ड्रम और तैयार उत्पादों के कंटेनर भी पाए गए। इन सामग्रियों की मौजूदगी के आधार पर विभाग ने उत्पादन प्रक्रिया और खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किए जा रहे अवयवों की जांच शुरू की है।
खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आशंका
स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि उत्पादों में टमाटर का इस्तेमाल किए बिना उन्हें टमाटर आधारित खाद्य पदार्थ के रूप में बेचा जा रहा था। अधिकारियों ने कृत्रिम रंगों और फ्लेवर के इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई है। हालांकि, उत्पादों में इस्तेमाल किए गए पदार्थों की वास्तविक प्रकृति और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही हो सकेगी।
टीम ने फैक्टरी से पांच नमूने एकत्र किए हैं। इन्हें प्रयोगशाला भेजकर उत्पादों में मौजूद सामग्री, इस्तेमाल किए गए रंगों और फ्लेवर तथा निर्माण प्रक्रिया की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि तैयार खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप थे या नहीं और उनके उत्पादन में किन नियमों का उल्लंघन हुआ।
कार्रवाई के बाद फैक्टरी परिसर को सील कर दिया गया है। विभाग ने फैक्टरी का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की है। जब्त किए गए उत्पादों के वितरण पर रोक लगा दी गई है, ताकि संदिग्ध खाद्य सामग्री बाजार तक न पहुंच सके। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला रिपोर्ट और लाइसेंस संबंधी कार्यवाही के निष्कर्षों के आधार पर आगे के कदम तय किए जाएंगे।
दो दिन पहले भी दूसरी फैक्टरी पर हुई थी कार्रवाई
अहमदाबाद में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब इससे दो दिन पहले नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने बेहरामपुरा इलाके में भी एक फैक्टरी पर छापा मारा था। वहां भी कथित तौर पर इसी तरह की प्रक्रिया से टोमैटो केचप तैयार किया जा रहा था। उस कार्रवाई में करीब 2,000 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी खाद्य उत्पाद जब्त किए गए थे।
लगातार दो कार्रवाइयों के बाद शहर में टमाटर के बिना टोमैटो केचप तैयार किए जाने के आरोपों ने खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। गोटा की फैक्टरी में मिली बड़ी मात्रा में सामग्री की जांच के साथ विभाग अब संबंधित लाइसेंस और निर्माण प्रक्रिया की भी पड़ताल कर रहा है।
अधिकारियों के सामने फिलहाल सबसे अहम काम जब्त उत्पादों की प्रयोगशाला जांच पूरी कराना और यह निर्धारित करना है कि उनमें इस्तेमाल किए गए अवयव खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप हैं या नहीं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर फैक्टरी संचालकों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
