बेटी की शादी के लिए पाई-पाई जोड़कर बनवाए गए सोने के जेवरात नकली निकलें तो किसी भी परिवार पर क्या बीतती है, इसका अंदाजा एत्मादुद्दौला निवासी यशपाल सिंह की आपबीती से लगाया जा सकता है। मोहल्ले के एक ज्वेलर पर भरोसा कर उन्होंने जेवर बनवाए, लेकिन जरूरत पड़ने पर जब उन्हें गिरवी रखने गए तो सच्चाई सामने आई—जेवर असली सोने के नहीं थे।
मामला एत्मादुद्दौला क्षेत्र के प्रकाशनगर का है। यशपाल सिंह के मुताबिक, वर्ष 2024 में उन्होंने बेटी की शादी के लिए सुशील नगर निवासी सोनू से जेवरात बनवाए थे। सोनू की ‘राधे-राधे ज्वैलर्स’ नाम से छोटी दुकान थी। कम मेकिंग चार्ज और पुराने परिचय के कारण उन्हें उस पर पूरा भरोसा था।
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11 ग्राम सोना भी ले गया
पीड़ित के अनुसार, उन्होंने अपनी तरफ से 11 ग्राम सोना भी सोनू को दिया था, ताकि बेटी के लिए एक खास हार तैयार किया जा सके। सोनू ने जल्द तैयार कर देने का आश्वासन दिया।
कुछ दिनों बाद जब वह दुकान पर पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। घर पर भी ताला लगा था। पूछताछ में पता चला कि वह परिवार सहित कहीं चला गया है।
इस बीच, अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर यशपाल सिंह बेटी के लिए बनवाए गए जेवर गिरवी रखने एक अन्य सराफ की दुकान पर पहुंचे। जांच के बाद दुकानदार ने जेवर गिरवी रखने से इनकार कर दिया और बताया कि जेवर असली सोने के नहीं हैं, उनमें सोना नाम मात्र का है।
यह सुनकर परिवार के होश उड़ गए। शादी की तैयारियों के बीच यह झटका पूरे परिवार पर भारी पड़ा।
टालता रहा, फिर फरार
पीड़ित ने काफी खोजबीन के बाद सोनू का नया ठिकाना तलाश लिया। उससे अपने 11 ग्राम सोने और जेवरों के पैसे वापस मांगे। आरोप है कि सोनू जेवर बदलने का आश्वासन देता रहा और समय मांगता रहा।
कुछ दिन पहले उसने नया घर भी बंद कर दिया और परिवार सहित फरार हो गया। पड़ोसियों को भी उसके वर्तमान ठिकाने की जानकारी नहीं है।
मुकदमा दर्ज, अन्य ग्राहकों में दहशत
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपित की तलाश की जा रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि सोनू की दुकान से केवल यशपाल सिंह ने ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों ने भी जेवरात बनवाए थे। नकली सोने की बात फैलते ही बड़ी संख्या में महिलाएं अपने जेवरों की जांच कराने अन्य सराफ की दुकानों पर पहुंच रही हैं।
हालांकि अब तक थाने में कोई अन्य शिकायत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन लोगों में आशंका गहराती जा रही है कि कहीं वे भी ठगी का शिकार तो नहीं हुए।
छोटी दुकानों पर भरोसे से पहले सतर्कता जरूरी
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि कम मेकिंग चार्ज के लालच में कई लोग बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के जेवर बनवा लेते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि सोने के आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क की जांच अवश्य करें और बिल लेना न भूलें।
फिलहाल पुलिस आरोपित ज्वेलर की तलाश में जुटी है। पीड़ित परिवार को अब बेटी की शादी की चिंता के साथ न्याय की उम्मीद भी सता रही है। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भरोसे की आड़ में होने वाली ऐसी ठगी से आम लोगों को कैसे बचाया जाए।
