लखनऊ में कारोबारी से Facebook विज्ञापन और WhatsApp ग्रुप के जरिए फर्जी ट्रेडिंग एप पर निवेश कराकर ₹81.41 लाख की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है।

150 गुना मुनाफे का झांसा, फर्जी ट्रेडिंग एप पर 81.41 लाख गंवाए; फेसबुक विज्ञापन से व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा

Team The420
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लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-6 निवासी एक कारोबारी को आईपीओ और शेयरों में निवेश कर 150 गुना तक मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 81.41 लाख रुपये की कथित ठगी कर ली। ठगों ने पहले फेसबुक विज्ञापन के जरिए कारोबारी को व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा और फिर फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराकर उसमें निवेश के नाम पर रकम जमा कराई। एप पर निवेश की रकम पर भारी मुनाफा दिखाया गया। जब कारोबारी ने रकम निकालने की कोशिश की तो अलग-अलग शुल्क के नाम पर 20 फीसदी अतिरिक्त रकम जमा करने को कहा गया। इसके बाद उन्हें ठगी का शक हुआ। पीड़ित ने 29 सितंबर को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

गोमतीनगर विस्तार सेक्टर-6 निवासी कारोबारी महेश प्रसाद के मुताबिक, कुछ समय पहले उन्होंने फेसबुक पर शेयर ट्रेडिंग से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। तीन अगस्त को विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उन्हें ‘ए 103 डी 11 मार्केट गुरु’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप की एडमिन अनन्या कुलकर्णी बताई गई है। ग्रुप में लगातार आईपीओ और शेयरों की खरीद-बिक्री से 150 गुना तक मुनाफा होने का दावा किया जा रहा था।

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कारोबारी का आरोप है कि ग्रुप में दिए जा रहे संदेशों और निवेश से जुड़े दावों पर भरोसा होने के बाद ठगों ने उन्हें ‘फिनसोल एल्गो एप’ डाउनलोड करने के लिए कहा। उन्होंने प्लेस्टोर से एप डाउनलोड करने की कोशिश की, लेकिन वह डाउनलोड नहीं हुआ। इसके बाद व्हाट्सऐप के जरिए उन्हें एक लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करने के बाद एप उनके मोबाइल में डाउनलोड हो गया।

एप पर खाता बनाने के बाद उन्होंने शुरुआत में पांच हजार रुपये जमा किए। इसके बाद ठगों ने उन्हें आईपीओ में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। मुनाफे का भरोसा दिलाकर अलग-अलग समय पर रकम जमा कराई गई। कारोबारी के मुताबिक, 27 अगस्त तक कई बार में उन्होंने कुल 81.41 लाख रुपये एप के जरिए निवेश कर दिए।

इसके बाद एप पर निवेश के बदले मुनाफे की रकम बढ़ती हुई दिखाई जाने लगी। सात सितंबर को उन्हें एप पर करीब 200 फीसदी मुनाफा दिखा। इससे उन्हें लगा कि निवेश पर अच्छा रिटर्न मिल रहा है और वह अपनी रकम निकाल सकते हैं। उन्होंने जब मुनाफे समेत रकम निकालने का प्रयास किया तो निकासी नहीं हो सकी।

इसके बाद साइबर ठगों ने रकम जारी करने के लिए अलग-अलग शुल्क जमा करने की शर्त रख दी। आरोप है कि उनसे मुनाफे की रकम हासिल करने के लिए कुल रकम का 20 फीसदी अतिरिक्त जमा करने को कहा गया। इतनी बड़ी अतिरिक्त रकम मांगे जाने पर कारोबारी को संदेह हुआ। उन्हें समझ में आया कि जिस एप और निवेश व्यवस्था के जरिए रकम लगाई गई थी, वह कथित तौर पर ठगी का हिस्सा हो सकती है।

6.50 लाख रुपये फ्रीज कराए गए

शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पीड़ित की 6.50 लाख रुपये की रकम फ्रीज कराने में सफलता पाई है। बाकी रकम को फ्रीज कराने के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। जांच में व्हाट्सऐप ग्रुप की एडमिन और ठगी में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका खंगाली जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कारोबारी से ली गई रकम किन बैंक खातों में पहुंची और उसके बाद किन खातों में ट्रांसफर की गई। इसके अलावा फर्जी ट्रेडिंग एप और उसे संचालित करने वाले नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर ठगी के ऐसे मामलों में ठग अक्सर निवेश पर असामान्य रूप से ज्यादा मुनाफे का दावा कर पीड़ित को पहले छोटी रकम लगाने के लिए तैयार करते हैं। एप पर काल्पनिक मुनाफा दिखाने के बाद बड़ी रकम जमा कराई जाती है और निकासी के समय टैक्स, शुल्क या अन्य भुगतान के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी जाती है।

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