IREDA की शिकायत पर कार्रवाई; इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर प्रोजेक्ट के लिए लिए गए कर्ज में ₹290 करोड़ से अधिक के संभावित डायवर्जन का आरोप, फर्जी पत्रों के इस्तेमाल की भी जांच

ब्लूस्मार्ट कैब से जुड़े जगी बंधुओं पर ₹453.77 करोड़ के लोन फ्रॉड का केस, CBI ने दर्ज की FIR

Roopa
By Roopa
4 Min Read

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने Gensol Engineering Ltd के सह-संस्थापक अनमोल सिंह जगी और उनके भाई पुनीत सिंह जगी समेत कंपनी और उसकी इलेक्ट्रिक-व्हीकल लीजिंग इकाई Gensol EV Ltd के खिलाफ कथित ₹453.77 करोड़ के लोन फ्रॉड मामले में FIR दर्ज की है। दोनों कंपनियों का संबंध BluSmart Mobility से रहा है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों पर आधारित कैब सेवा संचालित करती थी और इस साल अचानक अपना परिचालन बंद कर चुकी है।

CBI की यह कार्रवाई Indian Renewable Energy Development Agency (IREDA) की शिकायत और उसकी सिफारिश के आधार पर हुई है। IREDA ने Gensol समूह को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने और उन्हें BluSmart को लीज पर देने के अलावा सोलर पावर प्रोजेक्ट से जुड़े कामों के लिए कर्ज दिया था। एजेंसी ने आरोप लगाया कि कर्ज की रकम का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के बजाय समूह की अन्य कंपनियों, संबंधित पक्षों और दूसरे संस्थानों की ओर फंड ट्रांसफर करने में किया गया।

शिकायत में फोरेंसिक ऑडिट के निष्कर्षों का हवाला देते हुए Gensol Engineering में करीब ₹225.89 करोड़ और Gensol EV Lease में करीब ₹64.87 करोड़ की संभावित फंड डायवर्जन या दुरुपयोग की बात कही गई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि ऋण की रकम किन खातों और संस्थाओं में भेजी गई तथा उसका वास्तविक इस्तेमाल किस उद्देश्य से हुआ।

IREDA की शिकायत में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया गया है। आरोप है कि IREDA के नाम से तैयार किए गए कुछ पत्र क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के सामने पेश किए गए। इन कथित पत्रों में बताया गया था कि कर्ज लेने वाली कंपनियों पर कोई बकाया नहीं है और भुगतान में कोई देरी नहीं हुई है। शिकायत के मुताबिक, यह स्थिति उस समय की थी जब संबंधित ऋण खाते तनावग्रस्त माने जा रहे थे।

IREDA ने बताया कि उसने संबंधित ऋणों को वापस लेने की कार्रवाई की, उपलब्ध प्रतिभूतियों को भुनाया और ₹106.71 करोड़ की वसूली की। एजेंसी के अनुसार, 30 जून 2026 तक Gensol Engineering पर ₹453.77 करोड़ और Gensol EV Lease पर ₹218.97 करोड़ की मूलधन राशि बकाया थी।

CBI ने मामले की जांच नई दिल्ली स्थित अपनी Anti-Corruption Branch में तैनात एक पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी है। जांच के दौरान कथित फंड ट्रांसफर, ऋण के इस्तेमाल, संबंधित पक्षों के साथ लेनदेन और कथित फर्जी दस्तावेजों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही कंपनियों की फंडिंग और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर नियामकीय जांच बढ़ी है। BluSmart से जुड़ी कंपनियों और उनके वित्तीय लेनदेन की जांच पहले से विभिन्न स्तरों पर चल रही है। CBI की FIR में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं और जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

हमसे जुड़ें

Share This Article