AI Deepfake, फर्जी सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और नकली न्यूज रिपोर्ट के जरिए निवेशकों को बनाया जा रहा निशाना; ASIC ने FY26 में 19,400 से ज्यादा ऑनलाइन स्कैम हटाए, फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई 151% बढ़ी

ऑस्ट्रेलिया में AI Crypto Scam पर बड़ा एक्शन: ASIC ने 3,106 फर्जी क्रिप्टो स्कैम हटाए

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By Roopa
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नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के वित्तीय बाजार नियामक Australian Securities and Investments Commission (ASIC) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 3,106 क्रिप्टोकरेंसी निवेश स्कैम से जुड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हटाए हैं। नियामक के अनुसार, यह संख्या पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 30% अधिक है। इस दौरान कुल ऑनलाइन स्कैम टेकडाउन में 182% की तेज बढ़ोतरी हुई और 19,400 से ज्यादा फर्जी वेबसाइट, निवेश प्लेटफॉर्म और संदिग्ध लिंक हटाए गए।

ASIC ने 17 अगस्त को जारी बयान में बताया कि कार्रवाई के दौरान 7,051 फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म और 5,476 फिशिंग लिंक भी हटाए गए। फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 151% बढ़ी, जबकि फिशिंग लिंक हटाने की संख्या में 279% की वृद्धि दर्ज की गई। नियामक के मुताबिक, अपराधी अब केवल नकली वेबसाइट बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक पूरे डिजिटल नेटवर्क के जरिए फर्जी निवेश योजनाओं को विश्वसनीय दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

जांच में सामने आया कि साइबर अपराधी Generative AI का इस्तेमाल कर डीपफेक वीडियो, नकली न्यूज रिपोर्ट, फर्जी समीक्षाएं और AI-generated सोशल मीडिया टिप्पणियां तैयार कर रहे हैं। संभावित निवेशक को पहले सोशल मीडिया विज्ञापन दिखाया जाता है। इसके बाद उसे ऐसी वेबसाइटों, न्यूज रिपोर्ट और टिप्पणियों तक पहुंचाया जाता है, जो एक ही फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म को विश्वसनीय बताती हैं। इससे ऑनलाइन सर्च करने पर भी पीड़ित को यह लग सकता है कि संबंधित कंपनी वास्तविक और वैध है।

ASIC के अनुसार, कुछ मामलों में नेताओं, वित्तीय विशेषज्ञों और अन्य चर्चित सार्वजनिक हस्तियों के AI-generated वीडियो का इस्तेमाल कथित automated cryptocurrency trading systems के प्रचार के लिए किया गया। अपराधी असली ब्रांडिंग, नकली प्रशंसापत्र और फर्जी कमेंट के साथ इन वीडियो को जोड़कर निवेशकों का भरोसा जीतते हैं।

पीड़ित के संपर्क विवरण दर्ज करने के बाद ठग सीधे उससे संपर्क कर निवेश खाता खोलने की प्रक्रिया समझाते हैं। शुरुआत में फर्जी प्लेटफॉर्म पर छोटी रकम पर कथित मुनाफा दिखाया जा सकता है। इसके बाद निवेशक को बड़ी रकम जमा करने के लिए प्रेरित किया जाता है। नकली ट्रेडिंग डैशबोर्ड लगातार बढ़ता हुआ बैलेंस और मुनाफा दिखाता रहता है, जबकि वास्तविकता में कोई निवेश गतिविधि नहीं हो रही होती। जमा रकम इसके बजाय अपराधियों या विदेशों में संचालित नेटवर्क तक पहुंच सकती है।

ASIC की चेयर सारा कोर्ट ने कहा कि AI-generated सामग्री की गुणवत्ता बढ़ने के कारण किसी अनजान निवेश अवसर की विश्वसनीयता जांचने के लिए सामान्य ऑनलाइन सर्च पर्याप्त नहीं है। उन्होंने निवेशकों को चेताया कि बेहतर डिजाइन, पहचाना हुआ ब्रांड या प्रभावशाली प्रशंसापत्र किसी निवेश प्रस्ताव के वैध होने की गारंटी नहीं है।

नियामक के अनुसार, सार्वजनिक हस्तियों की फर्जी पहचान भी इस तरह के स्कैम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। FY26 के आंकड़ों में प्रधानमंत्री Anthony Albanese और वित्तीय टिप्पणीकार Tom Piotrowski तथा Alan Kohler उन चर्चित लोगों में शामिल थे, जिनकी पहचान का ठगों ने बार-बार दुरुपयोग किया। सबसे अधिक निशाना बनाए गए 10 सार्वजनिक व्यक्तियों से जुड़े स्कैम में रिपोर्ट की गई वित्तीय हानि A$7.4 million से अधिक रही।

ऑस्ट्रेलिया में इससे पहले भी डीपफेक के जरिए क्रिप्टो ठगी के मामले सामने आए हैं। 2024 में अरबपति Andrew Forrest के चेहरे और आवाज से छेड़छाड़ कर एक कथित क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का प्रचार किया गया था। एक अन्य मामले में 7News के YouTube चैनल पर कब्जा कर AI-generated Elon Musk के जरिए क्रिप्टो स्कैम को बढ़ावा दिया गया।

ASIC ने निवेशकों को सलाह दी है कि किसी भी क्रिप्टो या निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा या डिजिटल एसेट भेजने से पहले उसकी लाइसेंस जानकारी स्वतंत्र रूप से जांचें। केवल वेबसाइट पर प्रदर्शित लाइसेंस नंबर को वैधता का प्रमाण न मानें। निवेशकों को ASIC के आधिकारिक Professional Registers और Moneysmart Investor Alert List पर कंपनी का नाम, लाइसेंस नंबर और संपर्क विवरण मिलाने की सलाह दी गई है।

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