गुरुग्राम: शादी के लिए जीवनसाथी तलाश रही एक युवती मैट्रिमोनियल ऐप के जरिए साइबर ठगी का शिकार हो गई। ऐप पर संपर्क करने वाले एक युवक ने पहले बातचीत के जरिए उसका भरोसा जीता और खुद को शादी के लिए इच्छुक बताया। इसके बाद आरोपी ने युवती से क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर कथित तौर पर उसके कार्ड से ₹2.31 लाख निकाल लिए। बैंक से लेनदेन के संदेश मिलने के बाद युवती को धोखाधड़ी का पता चला। पीड़िता की शिकायत पर साइबर दक्षिण थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बादशाहपुर निवासी युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने विवाह के उद्देश्य से एक मैट्रिमोनियल ऐप पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। कुछ दिन बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे संपर्क किया। आरोपी ने बातचीत के दौरान खुद को भरोसेमंद व्यक्ति के रूप में पेश किया और युवती से शादी करने में रुचि जताई। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई। धीरे-धीरे आरोपी ने लगातार बातचीत कर युवती का विश्वास हासिल कर लिया।
पुलिस के अनुसार, भरोसा कायम होने के बाद आरोपी ने युवती से उसके क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी मांगी। आरोपी ने कथित तौर पर किसी बहाने से कार्ड की डिटेल हासिल की। युवती को उस समय उसके इरादे पर संदेह नहीं हुआ और उसने मांगी गई जानकारी साझा कर दी। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हुए ₹2.31 लाख की रकम निकाल ली।
लेनदेन होने के बाद युवती के मोबाइल पर बैंक की ओर से ट्रांजेक्शन संबंधी संदेश आने लगे। रकम कटने की जानकारी मिलने पर उसने अपने बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड की जांच की। इसके बाद उसे पता चला कि उसके कार्ड से उसकी जानकारी और अनुमति के बिना बड़ी रकम निकाली गई है। युवती ने संपर्क करने वाले व्यक्ति से जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसे ठगी का एहसास हो चुका था।
इसके बाद पीड़िता ने साइबर दक्षिण थाना पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच में आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, मैट्रिमोनियल ऐप पर बनाई गई प्रोफाइल, बातचीत से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और क्रेडिट कार्ड से हुए लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस बैंकिंग ट्रांजेक्शन के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ₹2.31 लाख की रकम कहां खर्च या ट्रांसफर की गई। इसके साथ ही आरोपी के मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल सुरागों के आधार पर उसकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जांचकर्ताओं को आशंका है कि आरोपी ने फर्जी पहचान के जरिए युवती से संपर्क किया और भावनात्मक विश्वास कायम करने के बाद वित्तीय जानकारी हासिल की।
साइबर अपराध से जुड़े मामलों में मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में अपराधी पहले खुद को संभावित जीवनसाथी के रूप में पेश करते हैं और बातचीत के जरिए भरोसा कायम करने के बाद निजी या वित्तीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपी की पहचान होने के बाद उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
