पीड़ित को तय जगह बुलाकर वारदात का आरोप; फिटनेस ट्रेनर, दो छात्रों और ड्राइवर को पुलिस ने पकड़ा, चार अन्य मामलों में भी भूमिका की जांच

फेसबुक पर क्रिप्टो डील का झांसा, ₹7 लाख की लूट; हैदराबाद में चार गिरफ्तार

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By Roopa
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हैदराबाद: तेलंगाना के बंदलागुडा इलाके में क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन के नाम पर कथित धोखाधड़ी और ₹7 लाख की जबरन लूट के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने फेसबुक के जरिए पीड़ितों से संपर्क किया और क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन कराने का भरोसा देकर उन्हें एक तय स्थान पर बुलाया। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद पीड़ितों से रकम छीन ली जाती थी। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े एक अन्य संदिग्ध की तलाश कर रही है।

पुलिस के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय सैबर बिन अहमद हद्रानी उर्फ सैफ, 19 वर्षीय मोहम्मद अबुल सलाम, 21 वर्षीय मोहम्मद अनस और 27 वर्षीय मोहम्मद आसिफ के रूप में हुई है। इनमें सैफ फिटनेस ट्रेनर है, जबकि अबुल सलाम और अनस छात्र तथा मोहम्मद आसिफ ड्राइवर बताया गया है। चारों को सोमवार को बंदलागुडा पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पकड़ा।

मामला उस समय सामने आया जब बेगम बाजार निवासी कारोबारी जेआर चौधरी ने शनिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन कराने के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की और बाद में उनसे ₹7 लाख की रकम जबरन छीन ली। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने घटनाक्रम की जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

जांच में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से संभावित पीड़ितों से संपर्क करते थे। बातचीत के दौरान वे क्रिप्टोकरेंसी की खरीद-बिक्री या लेनदेन में मदद करने का भरोसा दिलाते थे। जब सामने वाला व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता था, तो उसे लेनदेन पूरा करने के लिए किसी निर्धारित स्थान पर बुलाया जाता था।

पुलिस का आरोप है कि तय जगह पर पहुंचने के बाद आरोपी कथित तौर पर अपने वास्तविक इरादे सामने लाते थे और पीड़ित से रकम छीन लेते थे। इस तरीके में ऑनलाइन संपर्क का इस्तेमाल पहले भरोसा कायम करने के लिए किया जाता था, जबकि वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों और पीड़ित के बीच प्रत्यक्ष मुलाकात कराई जाती थी।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस बात की भी जांच की जा रही है कि वे कितने समय से इस तरीके से लोगों को निशाना बना रहे थे और सोशल मीडिया के जरिए कितने लोगों से संपर्क किया गया था। जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और संभावित डिजिटल लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा सकती है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आरोपियों को बंदलागुडा और चंद्रायनगुट्टा थानों में दर्ज चार अन्य समान मामलों से भी जोड़कर देखा है। अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में भी लोगों को क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन के बहाने संपर्क करने और बाद में उन्हें निशाना बनाने के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस अब सभी मामलों के घटनाक्रम और आरोपियों की कथित भूमिका का मिलान कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह में शामिल एक अन्य आरोपी असिफ फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही पुलिस कथित रूप से लूटी गई रकम की बरामदगी के प्रयास में जुटी है। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वारदात में कुल कितने लोग शामिल थे और प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी।

साइबर अपराध विशेषज्ञों के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में त्वरित लाभ या आसान लेनदेन का लालच देकर लोगों को निजी मुलाकात के लिए बुलाना जोखिम भरा हो सकता है। किसी अनजान व्यक्ति के साथ क्रिप्टो लेनदेन करने से पहले उसकी पहचान और कारोबारी विश्वसनीयता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है। पुलिस भी लोगों से ऐसे मामलों में सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने की अपील करती है।

बंदलागुडा पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों, फरार आरोपी और पिछले मामलों से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ वारदात के तरीके, रकम के इस्तेमाल और आरोपियों के आपसी संपर्क से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है।

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