शिबपुर पुलिस ने न्यू टाउन के आवासीय परिसर से पकड़ा; हावड़ा कोर्ट ने सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा, बाहर निकलते समय कथित पीड़ितों ने अंडे फेंके और मारपीट की

करोड़ों की रंगदारी और धोखाधड़ी के आरोप में पूर्व पार्षद श्यामल मित्र गिरफ्तार

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By Roopa
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हावड़ा: हावड़ा नगर निगम के पूर्व पार्षद और पूर्व मेयर-इन-काउंसिल सदस्य श्यामल मित्र को रंगदारी और धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। शिबपुर थाने की पुलिस ने शनिवार को उन्हें न्यू टाउन स्थित एक आवासीय परिसर से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उन्हें हावड़ा की अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब उनके खिलाफ लगे अलग-अलग आरोपों की जांच कर रही है।

अदालत में पेशी के बाद जब श्यामल मित्र को बाहर लाकर जेल वैन की ओर ले जाया जा रहा था, उसी दौरान कुछ कथित पीड़ितों ने उनका विरोध किया। विरोध कर रहे लोगों ने उनके साथ मारपीट की और अंडे भी फेंके। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए उन्हें सुरक्षित तरीके से वहां से हटाया। घटना के बाद अदालत परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही।

पुलिस के अनुसार, श्यामल मित्र के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। इनमें करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी वसूली, धोखाधड़ी, धमकी देने, गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर हमला करने और निजी तथा सरकारी जमीन पर कथित कब्जे जैसे आरोप शामिल हैं। आरोप है कि इन गतिविधियों का इस्तेमाल रियल एस्टेट से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने के लिए किया जाता था।

जांच एजेंसियों के सामने यह भी आरोप आया है कि मित्र ने राजनीतिक विरोधियों और विपक्षी दलों से जुड़े कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर प्रताड़ित किया। पुलिस विभिन्न शिकायतों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर इन आरोपों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, गिरफ्तार आरोपी पर लगे आरोपों की पुष्टि अदालत में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

श्यामल मित्र हावड़ा नगर निगम के वार्ड 26 से पार्षद रह चुके हैं। वह पूर्व मंत्री अरूप रॉय के करीबी सहयोगी के तौर पर भी जाने जाते रहे हैं। राज्य सरकार में बदलाव के बाद उनके खिलाफ शिकायतों और आरोपों के बढ़ने के बीच वह कथित तौर पर लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर थे। पुलिस ने उनकी तलाश के दौरान उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई और अंततः न्यू टाउन के आवासीय परिसर से उन्हें गिरफ्तार किया।

मामले में पुलिस अब कथित रंगदारी की रकम, जमीन से जुड़े विवादों, रियल एस्टेट गतिविधियों और उन लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, जिनके साथ मिलकर अपराध किए जाने का आरोप लगाया गया है। जांच के दौरान पुलिस शिकायतकर्ताओं और संभावित गवाहों के बयान भी दर्ज कर सकती है। इसके अलावा, मित्र से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की भी जांच किए जाने की संभावना है।

पुलिस हिरासत के दौरान जांचकर्ताओं का मुख्य फोकस आरोपों की कड़ियों को जोड़ने और कथित तौर पर वसूली गई रकम तथा जमीन से जुड़े मामलों की वास्तविक स्थिति पता करने पर रहेगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों में अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में आगे की कार्रवाई तय होगी। श्यामल मित्र के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर उनका पक्ष सामने आना अभी बाकी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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