महराजगंज में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के पास पुलिस ने 4,350 एम्पुल नशीले इंजेक्शन बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

महराजगंज में नशीले इंजेक्शनों की बड़ी खेप पकड़ी, तीन तस्कर गिरफ्तार; 4,350 एम्पुल बरामद

Team The420
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महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए श्यामदेउर्वा पुलिस, स्वाट और एसओजी की संयुक्त टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पिपराइच-परतावल मार्ग पर बसहिया मोड़ के पास घेराबंदी कर एक पिकअप वाहन को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से 4,350 एम्पुल नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए। इनमें 2,000 एम्पुल डायजेपाम और 2,350 एम्पुल बुप्रेनॉरफिन इंजेक्शन शामिल हैं। पुलिस ने पिकअप के साथ दो मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए हैं।

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पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ठूठीबारी थाना क्षेत्र के लोहरौली निवासी जाकिर हुसैन, जमुईकला निवासी गोविंद प्रसाद और सचिन के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। जांच एजेंसियां अब बरामद नशीले इंजेक्शनों के स्रोत और इन्हें आगे पहुंचाने वाले नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।

बसहिया मोड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी गई पिकअप

पुलिस को सीमावर्ती क्षेत्र में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद श्यामदेउर्वा पुलिस, स्वाट और एसओजी की संयुक्त टीम ने पिपराइच-परतावल मार्ग पर निगरानी बढ़ाई। बसहिया मोड़ के पास संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई।

वाहन से बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन मिलने के बाद उसमें सवार तीनों लोगों को हिरासत में ले लिया गया। बरामद इंजेक्शनों को कब्जे में लेकर उनकी जांच की गई। पुलिस के अनुसार, बरामद दवाओं में डायजेपाम और बुप्रेनॉरफिन शामिल हैं, जिनका अवैध इस्तेमाल और तस्करी जांच का प्रमुख विषय है।

व्हाट्सएप कॉल से मिलता था कथित ऑर्डर

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में लंबे समय से सीमावर्ती इलाके में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, बिहार में मौजूद एक कथित सरगना से व्हाट्सएप कॉल के जरिए ऑर्डर लिया जाता था। इसके बाद दवाओं की खेप को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी नेटवर्क से जुड़े लोगों की होती थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि दवाओं के भुगतान के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस अब उन खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल कथित तस्करी नेटवर्क में किया गया। डिजिटल लेनदेन और मोबाइल संपर्कों से नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

दो आरोपी हिस्ट्रीशीटर, पुराने मुकदमों की भी जांच

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में जाकिर हुसैन और गोविंद प्रसाद ठूठीबारी थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और लूट समेत कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

जांच एजेंसी अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा तस्करी नेटवर्क के बीच संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी पहले भी प्रतिबंधित दवाओं की खेप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा चुके हैं या नहीं।

बिहार कनेक्शन की जांच तेज

पुलिस को पूछताछ में मिले बिहार कनेक्शन के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। कथित सरगना की पहचान, उसके मोबाइल संपर्क, बैंक खातों और आरोपियों के साथ हुई बातचीत की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद इंजेक्शन कहां से खरीदे गए और इन्हें भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

बरामदगी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क में सप्लायर, बिचौलियों, खरीदारों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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